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मोदी सरकार के 12 साल: आयुष्मान भारत से जन औषधि तक, स्वास्थ्य सेवाएँ हुईं सस्ती और सुलभ

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मोदी सरकार के 12 साल: आयुष्मान भारत से जन औषधि तक, स्वास्थ्य सेवाएँ हुईं सस्ती और सुलभ

सारांश

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर PM ने एक्स पर आयुष्मान भारत, जन औषधि और मेडिकल शिक्षा विस्तार को गिनाया — यह दावा करते हुए कि भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंदों तक किफायती ढंग से पहुँचाया है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2025 को सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर स्वास्थ्य उपलब्धियाँ गिनाईं।
आयुष्मान भारत को दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम बताया, जो सबसे जरूरतमंद लोगों को कवर करता है।
पीएम भारतीय जन औषधि परियोजना के जरिये दवाएँ सस्ती हुईं; स्टेंट और घुटने के इम्प्लांट की कीमतों में कमी आई।
मेडिकल संस्थानों और सीटों में वृद्धि से चिकित्सा शिक्षा अधिक सुलभ हुई।
स्टार्टअप इंडिया , डिजिटल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन के जरिये युवा-नेतृत्व वाले विकास पर जोर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2025 को केंद्र में अपनी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और व्यापक रूप से सुलभ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

आयुष्मान भारत: दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य कार्यक्रम

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'पिछले 12 सालों में भारत ने अच्छी क्वालिटी वाली हेल्थकेयर को ज्यादा सस्ता और आसानी से उपलब्ध कराने के लिए काम किया है। हमें गर्व है कि हमारी पहचान दुनिया के सबसे बड़े हेल्थकेयर प्रोग्राम, आयुष्मान भारत वाले देश के तौर पर है, जो सबसे जरूरतमंद लोगों को बेहतरीन हेल्थकेयर देता है।' आयुष्मान भारत को वैश्विक स्तर पर सरकार-प्रायोजित स्वास्थ्य बीमा के सबसे विस्तृत कार्यक्रमों में गिना जाता है।

जन औषधि और मेडिकल उपकरणों में मूल्य कटौती

मोदी ने पीएम भारतीय जन औषधि परियोजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दवाओं की कीमतें उल्लेखनीय रूप से घटी हैं। उन्होंने बताया कि स्टेंट और घुटने के इम्प्लांट की कीमतों में कमी आई है, जिससे बड़ी संख्या में मरीजों को राहत मिली है। गौरतलब है कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जेनेरिक दवाएँ ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम दाम पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मेडिकल शिक्षा का विस्तार

प्रधानमंत्री के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में मेडिकल संस्थानों और सीटों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे चिकित्सा शिक्षा अधिक सुलभ हुई है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत में डॉक्टर-से-जनसंख्या अनुपात को लेकर विशेषज्ञ लंबे समय से चिंता जताते रहे हैं।

युवा नेतृत्व और स्टार्टअप इकोसिस्टम

इससे पहले एक अन्य एक्स पोस्ट में मोदी ने युवा-केंद्रित विकास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'एनडीए सरकार युवाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए मजबूती से काम कर रही है। पिछले 12 सालों की एक अहम बात यह रही है कि भारत के युवाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।' उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिला है।

आगे की राह

मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप गंतव्यों में शामिल है और इन सफलताओं में छोटे कस्बों और गाँवों के युवाओं की भूमिका उल्लेखनीय है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक हुई प्रगति को और आगे ले जाया जाएगा तथा एक स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वतंत्र स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से यह सवाल उठाते रहे हैं कि आयुष्मान भारत के तहत दावों की संख्या और वास्तविक लाभार्थियों की पहुँच में कितना अंतर है। जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ी है, परंतु ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में इनकी उपलब्धता अभी भी असमान बनी हुई है। मेडिकल सीटों में वृद्धि के बावजूद भारत का डॉक्टर-से-जनसंख्या अनुपात WHO के अनुशंसित मानकों से पीछे है। सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच इस खाई को पाटना ही अगले 12 वर्षों की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष्मान भारत योजना क्या है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा क्यों कहा जाता है?
आयुष्मान भारत भारत सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है जो आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों को अस्पताल में भर्ती पर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। लाभार्थियों की विशाल संख्या के कारण इसे सरकार-प्रायोजित स्वास्थ्य कार्यक्रमों में विश्व का सबसे बड़ा कार्यक्रम बताया जाता है।
पीएम भारतीय जन औषधि परियोजना से आम लोगों को क्या फायदा हुआ?
इस परियोजना के अंतर्गत देशभर में जन औषधि केंद्र खोले गए हैं जहाँ जेनेरिक दवाएँ ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम कीमत पर मिलती हैं। इसके अलावा स्टेंट और घुटने के इम्प्लांट जैसे चिकित्सा उपकरणों की कीमतों में भी कटौती की गई है।
मोदी सरकार के 12 साल में मेडिकल शिक्षा में क्या बदलाव आया?
सरकार के अनुसार पिछले 12 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और उपलब्ध सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे अधिक युवाओं को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिला है। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि डॉक्टर-से-जनसंख्या अनुपात अभी भी वांछित स्तर से कम है।
PM मोदी ने युवाओं के लिए किन योजनाओं का उल्लेख किया?
मोदी ने स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन पहलों ने नवाचार और उद्यमशीलता का माहौल बनाया है, जिसमें छोटे कस्बों और गाँवों के युवा भी सफलता की कहानियाँ लिख रहे हैं।
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर यह बयान कब और कहाँ दिया गया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से ये बातें कहीं। यह केंद्र में उनकी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई टिप्पणी थी।
राष्ट्र प्रेस
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