क्या देश में खोले गए 12,500 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लोगों को मिलेंगी पारंपरिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं?
सारांश
Key Takeaways
- 12,500 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए।
- पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सुविधा।
- स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास।
- समग्र स्वास्थ्य मॉडल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में अब 12,500 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) स्थापित किए गए हैं। आयुष मंत्रालय ने रविवार को इसकी पुष्टि की है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश में संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाना प्राथमिकता है। अब देश के विभिन्न क्षेत्रों में 12,500 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं। मंत्रालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि पारंपरिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं हर नागरिक तक पहुंचें।
आयुष मंत्रालय ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य विकसित भारत की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से अंतिम मील तक आयुष सेवाएं पहुंचाना है।
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 मार्च 2020 को आयुष मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 12,500 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से 2019-20 से 2023-24 तक चालू किया जाएगा। ये केंद्र केंद्र प्रायोजित योजना के तहत और राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के अंतर्गत राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से कार्य करेंगे।
हमारा लक्ष्य एक समग्र स्वास्थ्य मॉडल स्थापित करना है, जिससे बीमारी का बोझ कम हो, आर्थिक खर्च में कमी आए, और लोगों को सूचित निर्णय लेने का अवसर मिले।
बुनियादी ढांचे का उन्नयन, स्व-देखभाल के लिए सामुदायिक लामबंदी, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का संवेदीकरण, और आईटी प्लेटफॉर्म की मदद से प्रलेखन गतिविधियों को बेहतर बनाना, आयुष शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों के साथ सहयोग, ये सभी मुख्य विशेषताएं हैं।