31 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक विरोध पर दिलीप घोष का कड़ा रुख: 'जानबूझकर अपराध करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे'

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नीट पेपर लीक विरोध पर दिलीप घोष का कड़ा रुख: 'जानबूझकर अपराध करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे'

सारांश

नीट पेपर लीक विरोध के बीच पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष ने साफ कहा — 18 साल से कम उम्र के छात्र सुरक्षित, लेकिन जानबूझकर तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। साथ ही कांग्रेस और AAP पर पेपर लीक के पुराने रिकॉर्ड को लेकर तीखा पलटवार।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष ने 31 जुलाई को कोलकाता में कहा कि जानबूझकर अपराध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
18 साल से कम उम्र के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी — सरकार और कोर्ट दोनों का स्पष्ट निर्देश।
घोष ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके शासन में भी केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर पेपर लीक हुए।
पंजाब में AAP सरकार के दौरान तीन बार प्रश्न पत्र लीक होने का दावा किया।
लेखिका तस्लीमा नसरीन के कोलकाता दौरे पर कहा — उचित प्रक्रिया से आवेदन करने पर सरकार अनुमति देगी।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 31 जुलाई, शुक्रवार को कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रदर्शनकारियों ने जानबूझकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया या पुलिस पर हमला किया, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अवश्य होगी। देश के कई हिस्सों में छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की माँग के बीच यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंत्री का मुख्य बयान

घोष ने कहा, 'सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है और कोर्ट ने भी कहा है कि 18 साल से कम उम्र के लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन अगर कोई जानबूझकर अपराध करता है तो कानून अपना काम करेगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं शांति की अपील की थी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कई दौर की बातचीत की। घोष ने स्पष्ट किया कि जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की और पुलिस पर हमला किया, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।

कांग्रेस और विपक्ष पर पलटवार

नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के विरोध प्रदर्शन पर घोष ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे वही लोग हैं जिनकी सरकारों के दौरान पेपर लीक हुए थे। कांग्रेस सरकार के दौरान, राज्यों और केंद्र दोनों में, कई बार पेपर लीक हुए। फिर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा क्यों माँगा गया?' घोष ने पश्चिम बंगाल में हुए पेपर लीक का भी उल्लेख किया और दावा किया कि उन पर कोई जाँच या विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।

केजरीवाल और पंजाब पर निशाना

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए घोष ने कहा, 'पंजाब में, जहाँ अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री भगवंत मान के जरिए सरकार चलाते हैं, वहाँ तीन बार प्रश्न पत्र लीक हुए, लेकिन कोई इस बारे में बात नहीं करता।' उन्होंने चेतावनी दी कि जिन वरिष्ठ नेताओं ने हिंसा भड़काई, उन्हें भी जवाबदेह ठहराया जाएगा।

तस्लीमा नसरीन के कोलकाता दौरे पर प्रतिक्रिया

लेखिका तस्लीमा नसरीन के कोलकाता दौरे पर घोष ने कहा कि 'सिटी ऑफ जॉय' में दुनिया भर से लोग आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और सीपीएम के शासन में खुलेपन की परंपरा बाधित हुई थी। वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करने पर सरकार अनुमति देने पर विचार करेगी।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर छात्रों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है और कई राज्यों में एफआईआर वापसी की माँग जारी है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार वाले राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रुख स्पष्ट रूप से कड़ा बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इससे नीट-यूजी 2024 की विश्वसनीयता पर उठे सवालों का जवाब नहीं मिलता। 18 साल से कम उम्र के छात्रों को राहत देने की घोषणा सकारात्मक है, लेकिन 'जानबूझकर अपराध' की परिभाषा अस्पष्ट रहने से कानूनी दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है। मुख्य सवाल यह है कि पेपर लीक रोकने के लिए संस्थागत सुधार कब होंगे — यह बहस अभी तक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दब गई है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने नीट विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा?
पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष ने 31 जुलाई को कहा कि 18 साल से कम उम्र के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन जिन्होंने जानबूझकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया या पुलिस पर हमला किया, उन पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नीट पेपर लीक विरोध में छात्रों पर दर्ज एफआईआर का क्या हुआ?
देश के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की माँग जारी है और कुछ स्थानों पर एफआईआर वापस भी ली गई हैं। हालाँकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल लोगों को राहत नहीं मिलेगी।
दिलीप घोष ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
घोष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर कई बार पेपर लीक हुए, इसलिए कांग्रेस को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगने का नैतिक अधिकार नहीं है।
पंजाब में पेपर लीक को लेकर घोष ने क्या कहा?
घोष ने दावा किया कि AAP शासित पंजाब में तीन बार प्रश्न पत्र लीक हुए, जिस पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
तस्लीमा नसरीन के कोलकाता दौरे पर सरकार का क्या रुख है?
दिलीप घोष ने कहा कि कोई भी उचित प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करके कोलकाता में कार्यक्रम आयोजित कर सकता है और अगर कोई आपत्ति नहीं है तो सरकार अनुमति देगी। उन्होंने TMC और CPM के शासन पर खुलेपन की परंपरा बाधित करने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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