27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिलीप घोष का तीखा सवाल: नीट विरोध राजनीति से प्रेरित, पंजाब-कर्नाटक पेपर लीक पर खामोशी क्यों?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिलीप घोष का तीखा सवाल: नीट विरोध राजनीति से प्रेरित, पंजाब-कर्नाटक पेपर लीक पर खामोशी क्यों?

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने नीट विरोध-प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए पूछा कि पंजाब में तीन बार और कर्नाटक में हुए पेपर लीक पर प्रदर्शनकारी खामोश क्यों रहे। साथ ही उन्होंने संसद में आने वाले नए पेपर लीक-रोधी कानून का बचाव किया।

मुख्य बातें

BJP नेता दिलीप घोष ने 27 जुलाई को कोलकाता में नीट विरोध-प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित बताया।
घोष ने सवाल उठाया कि पंजाब में तीन बार और कर्नाटक में पेपर लीक पर विरोधियों ने चुप्पी क्यों साधी।
केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए संसद में नया विधेयक पेश करने वाली है।
घोष के अनुसार, दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएँ नहीं होंगी।
पेपर लीक रैकेट में शामिल लोग करोड़ों रुपये कमाते हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप घोष ने 27 जुलाई को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए नीट (NEET) मुद्दे पर हुए विरोध-प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की, वे पंजाब और कर्नाटक में हुए पेपर लीक मामलों पर चुप्पी क्यों साधे रहे। घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पेपर लीक पर अंकुश लगाने के लिए संसद में एक नया कानून लाने वाली है।

नए विधेयक पर सरकार की प्रतिबद्धता

घोष ने कहा, 'हमने घोषणा की थी कि हम लोकसभा में एक कानून लाएंगे, और अब वह कानून पेश किया जाने वाला है।' उनके अनुसार पेपर लीक देश में राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर एक अत्यंत गंभीर समस्या है, जो छात्रों के भविष्य को अंधकारमय बना देती है, जबकि इस रैकेट में शामिल लोग करोड़ों रुपये कमाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।

दोषियों को सज़ा का वादा

पेपर लीक मामलों पर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए घोष ने कहा, 'प्रश्न पत्र लीक करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों और इस रैकेट में शामिल सभी लोगों को सज़ा दी जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होंगी।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है।

विपक्ष पर चुनिंदा विरोध का आरोप

गैर-भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के मामलों का उल्लेख करते हुए घोष ने पूछा, 'पंजाब से लेकर कर्नाटक तक किस राज्य में पेपर लीक नहीं हुआ?' उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की, उन्होंने कभी यह नहीं बताया कि पंजाब में ऐसा तीन बार कैसे हुआ या कर्नाटक में ऐसी घटना क्यों हुई। घोष ने इसे 'चुनिंदा और राजनीति से प्रेरित विरोध-प्रदर्शन' बताया।

आगे क्या होगा

केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित विधेयक को संसद के आगामी सत्र में पेश करने की तैयारी में है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता व्याप्त है। विधेयक के प्रावधानों का ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन घोष के बयान से स्पष्ट है कि सरकार इसे सख्त दंडात्मक ढाँचे के साथ लाने की योजना बना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक महत्वपूर्ण तथ्य से ध्यान हटाता है — NEET एक केंद्रीय परीक्षा है जिसकी ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की है, जबकि राज्य-स्तरीय पेपर लीक अलग प्रशासनिक दायरे में आते हैं। विपक्ष की जवाबदेही माँगना उचित है, परंतु इससे केंद्रीय परीक्षा तंत्र की खामियों पर सवाल कम नहीं होते। प्रस्तावित विधेयक की असली परीक्षा इसके दंडात्मक प्रावधानों और स्वतंत्र जाँच तंत्र में होगी — महज़ घोषणा से छात्रों का भरोसा नहीं लौटेगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने नीट विरोध-प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित क्यों कहा?
घोष का तर्क है कि जिन लोगों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की, उन्होंने पंजाब में तीन बार और कर्नाटक में हुए पेपर लीक पर कोई सवाल नहीं उठाया। उनके अनुसार यह चुनिंदा विरोध राजनीतिक मंशा से प्रेरित है।
पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार कौन-सा नया कानून लाने वाली है?
केंद्र सरकार संसद में एक नया विधेयक पेश करने वाली है जो पेपर लीक और उससे जुड़े रैकेट पर कड़ी सज़ा का प्रावधान करेगा। घोष के अनुसार यह कानून राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए लाया जा रहा है।
पंजाब और कर्नाटक में पेपर लीक के मामले कितनी बार हुए?
दिलीप घोष के बयान के अनुसार पंजाब में पेपर लीक की घटना तीन बार हो चुकी है और कर्नाटक में भी ऐसा मामला सामने आया है। हालाँकि उन्होंने इन मामलों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
नीट पेपर लीक विवाद में धर्मेंद्र प्रधान की क्या भूमिका है?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान NEET परीक्षा की देखरेख करने वाले मंत्रालय के प्रमुख हैं। विपक्ष ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके इस्तीफे की माँग की है, जिसे घोष ने राजनीतिक करार दिया।
पेपर लीक से छात्रों पर क्या असर पड़ता है?
घोष के अनुसार पेपर लीक से ईमानदारी से पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है, जबकि इस रैकेट में शामिल लोग करोड़ों रुपये कमाते हैं। यह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी गहरी चोट पहुँचाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 4 दिन पहले