दिलीप घोष का तीखा सवाल: नीट विरोध राजनीति से प्रेरित, पंजाब-कर्नाटक पेपर लीक पर खामोशी क्यों?
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप घोष ने 27 जुलाई को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए नीट (NEET) मुद्दे पर हुए विरोध-प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की, वे पंजाब और कर्नाटक में हुए पेपर लीक मामलों पर चुप्पी क्यों साधे रहे। घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पेपर लीक पर अंकुश लगाने के लिए संसद में एक नया कानून लाने वाली है।
नए विधेयक पर सरकार की प्रतिबद्धता
घोष ने कहा, 'हमने घोषणा की थी कि हम लोकसभा में एक कानून लाएंगे, और अब वह कानून पेश किया जाने वाला है।' उनके अनुसार पेपर लीक देश में राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर एक अत्यंत गंभीर समस्या है, जो छात्रों के भविष्य को अंधकारमय बना देती है, जबकि इस रैकेट में शामिल लोग करोड़ों रुपये कमाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।
दोषियों को सज़ा का वादा
पेपर लीक मामलों पर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए घोष ने कहा, 'प्रश्न पत्र लीक करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों और इस रैकेट में शामिल सभी लोगों को सज़ा दी जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होंगी।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है।
विपक्ष पर चुनिंदा विरोध का आरोप
गैर-भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के मामलों का उल्लेख करते हुए घोष ने पूछा, 'पंजाब से लेकर कर्नाटक तक किस राज्य में पेपर लीक नहीं हुआ?' उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की, उन्होंने कभी यह नहीं बताया कि पंजाब में ऐसा तीन बार कैसे हुआ या कर्नाटक में ऐसी घटना क्यों हुई। घोष ने इसे 'चुनिंदा और राजनीति से प्रेरित विरोध-प्रदर्शन' बताया।
आगे क्या होगा
केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित विधेयक को संसद के आगामी सत्र में पेश करने की तैयारी में है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता व्याप्त है। विधेयक के प्रावधानों का ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन घोष के बयान से स्पष्ट है कि सरकार इसे सख्त दंडात्मक ढाँचे के साथ लाने की योजना बना रही है।