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नीट पेपर लीक: कांग्रेस की माँग — धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, संसद में हो चर्चा

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नीट पेपर लीक: कांग्रेस की माँग — धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, संसद में हो चर्चा

सारांश

नीट पेपर लीक पर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है — पवन खेड़ा ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, संसद में चर्चा और छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी की माँग की। हुसैन दलवई और सुरेंद्र राजपूत ने भी सरकार के रवैये पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 22 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
कांग्रेस की तीन सूत्री माँगें: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, संसद में नीट पेपर लीक पर चर्चा , और छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने पर आपत्ति जताई।
सुरेंद्र राजपूत ने कहा — असली मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है, जरूरत पड़ने पर 600 विरोध प्रदर्शन होने चाहिए।
पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के बयान को लोकतंत्र-विरोधी बताया।

नई दिल्ली में 22 जुलाई को कांग्रेस नेताओं ने नीट पेपर लीक विवाद पर केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा मोर्चा खोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की और कहा कि इस मुद्दे पर संसद में तत्काल चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, हुसैन दलवई और सुरेंद्र राजपूत ने देशभर में हो रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच यह बयान दिए।

पवन खेड़ा की मुख्य माँगें

कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि उनका प्रदर्शन देश के नौजवानों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा, 'हमारा प्रदर्शन नौजवानों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए है, और इनका प्रदर्शन कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए हो रहा है। बात भाजपा या कांग्रेस की नहीं है; अब बात हमारे नौजवानों के भविष्य की है।' खेड़ा ने यह भी कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की ओर से कठोर कार्रवाई की जा रही है, जो अस्वीकार्य है।

खेड़ा ने तीन सूत्री माँगें रखीं — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, संसद में पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा, और छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी मामलों की वापसी। उन्होंने कहा, 'नौजवानों के लिए हम सड़क पर हैं और रहेंगे।'

लोकतंत्र पर सवाल

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के उस बयान पर, जिसमें कथित तौर पर राहुल गांधी की भूमिका पर टिप्पणी की गई थी, खेड़ा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'सरकार तय करेगी कि विपक्ष को क्या कहना चाहिए या क्या नहीं कहना चाहिए? यह कैसा लोकतंत्र है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच संसद के मानसून सत्र में टकराव की आशंका बढ़ती जा रही है।

दलवई और राजपूत का पक्ष

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकारों के दौर में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार की ओर से बातचीत के लिए शिष्टमंडल भेजा जाता था, जबकि मौजूदा सरकार का रवैया इस परंपरा के विपरीत है।

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा, 'असली मुद्दे से बात भटकाई जा रही है। यह स्टूडेंट्स से जुड़ा मुद्दा है। बच्चों के भविष्य के मामले में छोटी सोच वाली राजनीति की कोई जगह नहीं है।' उन्होंने जोर दिया कि जरूरत पड़ने पर देशभर में और अधिक विरोध प्रदर्शन होने चाहिए।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक का मामला पिछले कई हफ्तों से राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विपक्ष ने इसे शासन की विफलता बताया है। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अब केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक आवश्यकता बन चुकी है।

आगे की राह

संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे की पूरी संभावना है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी तीनों माँगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार छात्रों की चिंताओं और विपक्ष के दबाव के बीच क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संसद चर्चा, मामले वापसी — जायज हैं, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या विपक्ष छात्रों की पीड़ा को दीर्घकालिक नीतिगत सुधार की माँग में बदल पाएगा या यह केवल मानसून सत्र तक सीमित रहेगा। परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार — जैसे विकेंद्रीकृत परीक्षा केंद्र और डिजिटल निगरानी — की चर्चा किसी भी दल के एजेंडे में नदारद है, जो इस पूरे विमर्श की सबसे बड़ी कमी है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की माँग क्यों की?
कांग्रेस का आरोप है कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक कांड शिक्षा मंत्रालय की सीधी विफलता है और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेनी चाहिए। पवन खेड़ा ने कहा कि जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा।
नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस की क्या माँगें हैं?
कांग्रेस ने तीन माँगें रखी हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, संसद में नीट पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा, और विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में क्यों लिया गया?
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। दलवई ने इसे अनावश्यक बताया और कहा कि यह सरकार की लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए, जिससे लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के परिणाम और भविष्य पर सवाल खड़े हो गए। इस मामले ने देशभर में छात्र आंदोलन को जन्म दिया और संसद में भी इस पर हंगामे की स्थिति बन गई।
संजय सिंह की टिप्पणी पर कांग्रेस का क्या जवाब था?
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की टिप्पणियों पर सीधे जवाब देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य का मामला है और इसमें छोटी सोच वाली राजनीति की कोई जगह नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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