चमोली में बद्रीनाथ हाईवे बंद: पागल नाला के पास भूस्खलन, BRO युद्ध स्तर पर मलबा हटाने में जुटी
सारांश
मुख्य बातें
चमोली जिले में 31 जुलाई को लगातार भारी बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) एक बार फिर पूरी तरह बाधित हो गया। पागल नाला के समीप पहाड़ी से अचानक मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे दर्जनों वाहन बीच रास्ते में फंस गए और श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
रातभर हुई तेज बारिश के बाद तड़के पागल नाला क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर नीचे आ गए, जिससे NH-7 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह 373 किलोमीटर लंबा पहाड़ी मार्ग ऋषिकेश और जोशीमठ को बद्रीनाथ धाम तथा माणा पास से जोड़ता है। मार्ग अवरुद्ध होने से कई वाहन घंटों तक एक ही स्थान पर खड़े रहे।
BRO और प्रशासन की प्रतिक्रिया
सीमा सड़क संगठन (BRO) और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति सामान्य होते ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को इस बाधा के कारण लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए अनावश्यक यात्रा से बचें। ड्राइवरों को सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मानसून में बार-बार की समस्या
गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है। हर मानसून सीजन में NH-7 पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएँ नियमित रूप से होती हैं। BRO की टीमें प्रतिवर्ष इस मार्ग पर सफाई अभियान चलाती हैं, फिर भी भारी बारिश के दौरान यातायात बाधित होना एक चुनौती बना रहता है। यह ऐसे समय में आया है जब चारधाम यात्रा का सीजन चल रहा है और हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे इस मार्ग पर भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि सड़क सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा प्रारंभ करें।