31 जुलाई 2026
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चमोली में बद्रीनाथ हाईवे बंद: पागल नाला के पास भूस्खलन, BRO युद्ध स्तर पर मलबा हटाने में जुटी

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चमोली में बद्रीनाथ हाईवे बंद: पागल नाला के पास भूस्खलन, BRO युद्ध स्तर पर मलबा हटाने में जुटी

सारांश

भारी मानसूनी बारिश ने एक बार फिर बद्रीनाथ हाईवे को ठप कर दिया। चमोली के पागल नाला के पास पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने से NH-7 बाधित है, दर्जनों वाहन फंसे हैं और BRO युद्ध स्तर पर सफाई में जुटी है।

मुख्य बातें

31 जुलाई को चमोली जिले में पागल नाला के पास भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) पूरी तरह बाधित हो गया।
यह मार्ग 373 किलोमीटर लंबा है और ऋषिकेश व जोशीमठ को बद्रीनाथ धाम तथा माणा पास से जोड़ता है।
दर्जनों वाहन बीच रास्ते में फंसे; श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ी।
BRO और जिला प्रशासन की टीमें जेसीबी व भारी मशीनों से मलबा हटाने में जुटी हैं।
प्रशासन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।

चमोली जिले में 31 जुलाई को लगातार भारी बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) एक बार फिर पूरी तरह बाधित हो गया। पागल नाला के समीप पहाड़ी से अचानक मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे दर्जनों वाहन बीच रास्ते में फंस गए और श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मुख्य घटनाक्रम

रातभर हुई तेज बारिश के बाद तड़के पागल नाला क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर नीचे आ गए, जिससे NH-7 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह 373 किलोमीटर लंबा पहाड़ी मार्ग ऋषिकेश और जोशीमठ को बद्रीनाथ धाम तथा माणा पास से जोड़ता है। मार्ग अवरुद्ध होने से कई वाहन घंटों तक एक ही स्थान पर खड़े रहे।

BRO और प्रशासन की प्रतिक्रिया

सीमा सड़क संगठन (BRO) और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति सामान्य होते ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को इस बाधा के कारण लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए अनावश्यक यात्रा से बचें। ड्राइवरों को सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

मानसून में बार-बार की समस्या

गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है। हर मानसून सीजन में NH-7 पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएँ नियमित रूप से होती हैं। BRO की टीमें प्रतिवर्ष इस मार्ग पर सफाई अभियान चलाती हैं, फिर भी भारी बारिश के दौरान यातायात बाधित होना एक चुनौती बना रहता है। यह ऐसे समय में आया है जब चारधाम यात्रा का सीजन चल रहा है और हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे इस मार्ग पर भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि सड़क सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा प्रारंभ करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि पागल नाला जैसे ज्ञात संवेदनशील बिंदुओं पर स्थायी सुरक्षात्मक ढाँचा — रिटेनिंग वॉल, रॉकफॉल बैरियर — अब तक क्यों नहीं बन पाया। चारधाम यात्रा सीजन में हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा दाँव पर होती है, और 'युद्ध स्तर पर सफाई' एक स्थायी समाधान नहीं है। जब तक भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में दीर्घकालिक भूवैज्ञानिक हस्तक्षेप नहीं होता, यह खबर हर मानसून में दोहराई जाती रहेगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ हाईवे क्यों बंद हुआ?
चमोली जिले में पागल नाला के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने के कारण NH-7 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। रातभर हुई तेज बारिश इस भूस्खलन की मुख्य वजह बताई जा रही है।
बद्रीनाथ हाईवे कब तक खुलेगा?
अधिकारियों के अनुसार BRO और जिला प्रशासन की टीमें जेसीबी व भारी मशीनों से मलबा हटाने में जुटी हैं। स्थिति सामान्य होते ही यातायात बहाल किया जाएगा, हालाँकि सटीक समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
इस हाईवे पर फंसे यात्रियों को क्या करना चाहिए?
स्थानीय प्रशासन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है जिसमें यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। सड़क सुरक्षित घोषित होने तक यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
NH-7 बद्रीनाथ हाईवे कहाँ-कहाँ से गुजरता है?
यह 373 किलोमीटर लंबा पहाड़ी मार्ग ऋषिकेश और जोशीमठ को बद्रीनाथ धाम और माणा पास से जोड़ता है। यह चारधाम यात्रा का प्रमुख मार्ग है और मानसून में भूस्खलन के कारण बार-बार बाधित होता है।
क्या मानसून में इस हाईवे पर भूस्खलन सामान्य है?
हाँ, हर मानसून सीजन में NH-7 पर मलबा और भूस्खलन की घटनाएँ नियमित रूप से होती हैं। BRO की टीमें प्रतिवर्ष इस मार्ग पर सफाई अभियान चलाती हैं, लेकिन पागल नाला जैसे संवेदनशील बिंदु बार-बार समस्या पैदा करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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