केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर-मलबा गिरा, गौरीकुण्ड के पास यात्रा रोकी; SDRF टीमें मौके पर
सारांश
मुख्य बातें
केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर मंगलवार देर रात भारी बारिश के बाद गौरीकुण्ड से लगभग एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र में अचानक बड़े बोल्डर और मलबा खिसककर मार्ग पर आ गया, जिससे केदारघाटी में यात्रा पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने तत्काल यात्रियों की आवाजाही रोककर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया और राहत दल मलबा हटाने में जुट गए।
मुख्य घटनाक्रम
केदारघाटी में 22 जुलाई की देर रात हुई लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ी से बड़े पत्थर और मलबा खिसककर केदारनाथ पैदल मार्ग पर आ गया। छौड़ी क्षेत्र में यह अवरोध इतना गंभीर था कि मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और श्रद्धालुओं की आवाजाही ठप पड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुँचीं। जेसीबी मशीन और अन्य संसाधनों की सहायता से बोल्डर और मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
प्रशासन ने गौरीकुण्ड और मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम तथा मार्ग की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें। यात्रा के दौरान केवल निर्धारित मार्ग का उपयोग करने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है।
बारिश और भूस्खलन का खतरा
केदारघाटी में मानसून के दौरान भूस्खलन की आशंका बनी रहती है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है और कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मानसून के दौरान इस तरह की घटनाएँ पहले भी देखी जाती रही हैं।
क्या होगा आगे
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। राहत और बचाव दल लगातार मौके पर तैनात हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और यात्रियों से धैर्य बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।