अमरनाथ यात्रा 2026 अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 4.80 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन; अगले 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
अमरनाथ यात्रा 2026 को 10 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। बालटाल और पहलगाम मार्गों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त होने तथा जम्मू-कश्मीर में अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने यह निर्णय लिया। अधिकारियों ने बेस कैंप और जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास में मौजूद सभी तीर्थयात्रियों को तत्काल घर लौटने का निर्देश दिया है।
यात्रा क्यों रोकी गई
अधिकारियों के अनुसार, उत्तर कश्मीर के बालटाल और दक्षिण कश्मीर के पहलगाम — दोनों बेस कैंप से आगे के मार्गों पर ट्रैक को हुई क्षति इतनी व्यापक है कि उसे ठीक करने में काफी समय लगेगा। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में जम्मू-कश्मीर में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा और उसके आसपास के इलाकों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष के लिए पंजीकरण भी बंद कर दिया गया है। अब किसी भी श्रद्धालु को कश्मीर घाटी की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
छड़ी मुबारक की यात्रा जारी रहेगी
यात्रा स्थगन के बावजूद, छड़ी मुबारक (भगवान शिव की पवित्र गदा) परंपरागत पहलगाम मार्ग से यात्रा करते हुए 28 अगस्त को पवित्र गुफा तक पहुंचेगी। इसी दिन श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का औपचारिक समापन होगा। यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे मौसम या प्रशासनिक व्यवधानों से अलग रखा जाता है।
अब तक की यात्रा: आंकड़े और सुरक्षा
3 जुलाई 2026 से शुरू हुई 57 दिनों की इस यात्रा के दौरान अब तक 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। इस वर्ष दोनों बेस कैंप के आगे के इलाके को 'नो-फ्लाई जोन' घोषित किए जाने के कारण तीर्थयात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं थी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और सेना की कड़ी निगरानी में यह यात्रा बिना किसी सुरक्षा घटना के संपन्न हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब केवल उन्हीं काफिलों को घाटी में प्रवेश की अनुमति होगी जो तीर्थयात्रियों को वापस ला रहे हों।
आगे क्या होगा
यात्रा के पुनः आरंभ की कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। मौसम विभाग की चेतावनी और मार्ग की क्षति को देखते हुए, अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा के दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं है। 28 अगस्त को छड़ी मुबारक के पहुंचने के साथ यात्रा का विधिवत समापन हो जाएगा।