8 अगस्त 2026
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अमरनाथ यात्रा 8 अगस्त को स्थगित, भारी बारिश की चेतावनी के बाद जम्मू से कोई जत्था रवाना नहीं

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अमरनाथ यात्रा 8 अगस्त को स्थगित, भारी बारिश की चेतावनी के बाद जम्मू से कोई जत्था रवाना नहीं

सारांश

भारी बारिश की चेतावनी के बाद 8 अगस्त को अमरनाथ यात्रा रोकी गई — जम्मू से कोई जत्था नहीं निकला। 3 जुलाई से शुरू हुई इस 57-दिवसीय यात्रा में अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर संपन्न होगी।

मुख्य बातें

8 अगस्त 2026 को भारी बारिश की चेतावनी के कारण अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित की गई।
भगवती नगर यात्री निवास, जम्मू से किसी भी नए जत्थे को घाटी की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी; अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप मार्ग ट्रैक मरम्मत के कारण बंद; यात्री केवल बालटाल मार्ग से जा रहे हैं।
यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन पर संपन्न होगी।
इससे पहले सुरक्षा कारणों से गुरुवार को भी यात्रा एक दिन के लिए रोकी गई थी; 1,801 तीर्थयात्रियों का 28वाँ जत्था बाद में रवाना हुआ।

अमरनाथ यात्रा को 8 अगस्त 2026 (शनिवार) को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जब मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के जम्मू डिवीजन में भारी बारिश की चेतावनी जारी की। अधिकारियों ने भगवती नगर यात्री निवास, जम्मू से किसी भी नए तीर्थयात्री जत्थे को घाटी की ओर प्रस्थान करने की अनुमति नहीं दी।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम की स्थिति और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संभावित खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। यह राजमार्ग तीर्थयात्रियों के लिए बेस कैंप तक पहुँचने का एकमात्र प्रमुख मार्ग है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौसम की स्थिति में सुधार होने पर यात्रा पुनः शुरू की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने की सातवीं वर्षगाँठ पर सुरक्षा कारणों से यात्रा एक दिन के लिए रोकी गई थी। उसके बाद 1,801 तीर्थयात्रियों का 28वाँ जत्था — जिसमें 1,347 पुरुष, 351 महिलाएँ, 89 साधु और 14 साध्वियाँ शामिल थीं — कड़ी सुरक्षा के बीच 74 वाहनों में सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ था।

यात्रा की वर्तमान स्थिति

इस वर्ष 3 जुलाई को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के अंतिम चरण में पहुँचने के कारण जम्मू आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भी स्वाभाविक कमी आई है।

फिलहाल दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप मार्ग से यात्रा बंद है, क्योंकि वहाँ ट्रैक की मरम्मत का कार्य जारी है। सभी सक्रिय तीर्थयात्री उत्तर कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित बालटाल बेस कैंप मार्ग से यात्रा कर रहे हैं।

यात्रा का समापन कब

यह 57 दिवसीय तीर्थयात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी। यह ऐसे समय में आया है जब यात्रा के अंतिम सप्ताह में मानसून की सक्रियता आमतौर पर बढ़ जाती है और मार्ग पर भूस्खलन का जोखिम रहता है।

सुरक्षा और प्रशासन की तैयारी

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद ही अगले जत्थे को रवाना करने की अनुमति दी जाएगी। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर मौसम के चलते — प्रशासन के सामने उस पुराने द्वंद्व को फिर उजागर करता है जहाँ तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने का दबाव और मार्ग की नाज़ुक भौगोलिक स्थिति आमने-सामने होती है। 4.75 लाख से अधिक दर्शन पहले ही हो चुके हैं, जो दर्शाता है कि यात्रा बड़े पैमाने पर सफल रही; लेकिन पहलगाम मार्ग का बंद रहना और मानसून के अंतिम हफ्तों में एकमात्र बालटाल मार्ग पर निर्भरता, जोखिम-प्रबंधन की सीमाओं को रेखांकित करती है। यह सवाल अनुत्तरित है कि क्या दोनों मार्गों की एक साथ उपलब्धता सुनिश्चित करने की दीर्घकालिक योजना है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अगस्त को अमरनाथ यात्रा क्यों रोकी गई?
मौसम विभाग की जम्मू डिवीजन में भारी बारिश की चेतावनी के कारण अधिकारियों ने 8 अगस्त को अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा को लेकर चिंता के चलते किसी भी नए जत्थे को घाटी की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
अमरनाथ यात्रा 2026 में अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं?
8 अगस्त तक 4.75 लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। यात्रा 3 जुलाई 2026 को शुरू हुई थी।
अमरनाथ यात्रा 2026 कब समाप्त होगी?
यह 57-दिवसीय यात्रा 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।
क्या पहलगाम मार्ग से अमरनाथ यात्रा हो रही है?
फिलहाल दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप मार्ग से यात्रा बंद है, क्योंकि वहाँ ट्रैक की मरम्मत का कार्य चल रहा है। तीर्थयात्री केवल उत्तर कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित बालटाल बेस कैंप मार्ग से यात्रा कर सकते हैं।
अमरनाथ यात्रा का 28वाँ जत्था कब और कहाँ से रवाना हुआ?
28वाँ जत्था — जिसमें 1,801 तीर्थयात्री शामिल थे — कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 74 वाहनों में बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ था। इस जत्थे में 1,347 पुरुष, 351 महिलाएँ, 89 साधु और 14 साध्वियाँ थीं।
राष्ट्र प्रेस
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