अमरनाथ यात्रा 8 अगस्त को स्थगित, भारी बारिश की चेतावनी के बाद जम्मू से कोई जत्था रवाना नहीं
सारांश
मुख्य बातें
अमरनाथ यात्रा को 8 अगस्त 2026 (शनिवार) को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जब मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के जम्मू डिवीजन में भारी बारिश की चेतावनी जारी की। अधिकारियों ने भगवती नगर यात्री निवास, जम्मू से किसी भी नए तीर्थयात्री जत्थे को घाटी की ओर प्रस्थान करने की अनुमति नहीं दी।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम की स्थिति और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संभावित खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। यह राजमार्ग तीर्थयात्रियों के लिए बेस कैंप तक पहुँचने का एकमात्र प्रमुख मार्ग है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौसम की स्थिति में सुधार होने पर यात्रा पुनः शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने की सातवीं वर्षगाँठ पर सुरक्षा कारणों से यात्रा एक दिन के लिए रोकी गई थी। उसके बाद 1,801 तीर्थयात्रियों का 28वाँ जत्था — जिसमें 1,347 पुरुष, 351 महिलाएँ, 89 साधु और 14 साध्वियाँ शामिल थीं — कड़ी सुरक्षा के बीच 74 वाहनों में सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ था।
यात्रा की वर्तमान स्थिति
इस वर्ष 3 जुलाई को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के अंतिम चरण में पहुँचने के कारण जम्मू आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भी स्वाभाविक कमी आई है।
फिलहाल दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप मार्ग से यात्रा बंद है, क्योंकि वहाँ ट्रैक की मरम्मत का कार्य जारी है। सभी सक्रिय तीर्थयात्री उत्तर कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित बालटाल बेस कैंप मार्ग से यात्रा कर रहे हैं।
यात्रा का समापन कब
यह 57 दिवसीय तीर्थयात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी। यह ऐसे समय में आया है जब यात्रा के अंतिम सप्ताह में मानसून की सक्रियता आमतौर पर बढ़ जाती है और मार्ग पर भूस्खलन का जोखिम रहता है।
सुरक्षा और प्रशासन की तैयारी
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद ही अगले जत्थे को रवाना करने की अनुमति दी जाएगी। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।