अमरनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन स्थगित, भूस्खलन के खतरे के बीच श्रद्धालु बोले — सुरक्षा सर्वोपरि
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में 21 जुलाई को भी मूसलाधार बारिश जारी रहने के कारण प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को लगातार तीसरे दिन के लिए स्थगित रखा। भूस्खलन और पहाड़ी मार्गों पर बढ़े खतरे को देखते हुए यह एहतियाती निर्णय लिया गया, जबकि बाबा बर्फानी के दर्शन की आस लिए हज़ारों श्रद्धालु धैर्यपूर्वक डेरा डाले बैठे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
लगातार तीन दिनों से जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा के चलते यात्रा मार्ग असुरक्षित बने हुए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, पंजीकरण प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल सैकड़ों श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम बेस कैंपों पर रुके हुए हैं, जहाँ प्रशासन ने ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था की है।
गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा हर वर्ष हज़ारों तीर्थयात्रियों को 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक ले जाती है, जहाँ प्राकृतिक हिम-शिवलिंग के दर्शन होते हैं। मानसून के दौरान यह मार्ग विशेष रूप से संवेदनशील हो जाता है।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
पिछले दो दिनों से पंजीकरण की प्रतीक्षा कर रहे एक श्रद्धालु ने बताया, 'हम पिछले दो दिनों से यहाँ रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम खराब है और जैसे ही मौसम ठीक होगा, पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा।'
अधिकांश श्रद्धालुओं ने प्रशासन के इस निर्णय का खुलकर समर्थन किया। एक तीर्थयात्री ने कहा, 'प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा रोकी है। यहाँ मौसम बहुत खराब है और आगे लैंडस्लाइड हो सकता है, जिससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए इस फैसले का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।'
एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, 'घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति जरूर जाँचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अगर बाबा की इच्छा होगी तो हम जरूर दर्शन करेंगे — चाहे इसके लिए पाँच या दस दिन भी इंतजार करना पड़े।'
प्रशासन का रुख और सुविधाएँ
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा पर अस्थायी रोक बरकरार रखी है। बेस कैंपों पर ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। साथ ही अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि यदि उन्हें पहले से यात्रा स्थगित होने की सूचना हो तो घर पर ही प्रतीक्षा करना अधिक उचित रहेगा, ताकि बेस कैंपों पर अनावश्यक भीड़ और व्यवस्थाओं पर दबाव न बढ़े।
आगे की संभावनाएँ
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पूरे जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई है। श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई है कि मौसम जल्द अनुकूल होगा और बाबा बर्फानी के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा। प्रशासन के अनुसार, स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और मार्ग सुरक्षित होते ही यात्रा पुनः आरंभ की जाएगी।