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कश्मीर में भारी बारिश के कारण क्या अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई?

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कश्मीर में भारी बारिश के कारण क्या अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई?

सारांश

कश्मीर में भारी बारिश के कारण श्री अमरनाथ यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है। जानें इस यात्रा की महत्वता और सुरक्षा इंतज़ामों के बारे में।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा को भारी बारिश के चलते स्थगित किया गया है।
यात्रा की सुरक्षा के लिए 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियाँ तैनात की गई हैं।
श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।
पहलगाम और बालटाल दोनों आधार शिविरों से यात्रा रोकी गई है।

श्रीनगर, 30 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बुधवार को श्री अमरनाथ यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने एक्स पर लिखा, "पहलगाम और बालटाल से श्री अमरनाथजी यात्रा एक दिन के लिए स्थगित। दोनों आधार शिविरों से यात्रा 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई है। कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने बताया कि 30 जुलाई की सुबह से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण, बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी दोनों आधार शिविरों से यात्रा शुरू नहीं हो पाई है। अब तक 3.93 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री अमरनाथजी की पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं।"

इसके अतिरिक्त, एक अन्य एक्स पोस्ट में बताया गया कि 31 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्रा शिविर से भी कोई यात्री जत्था नहीं भेजा जाएगा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने डिविजनल कमिश्नर जम्मू रमेश कुमार के हवाले से कहा कि यात्रा मार्गों पर खराब मौसम के दृष्टिगत 31 जुलाई को कोई भी जत्था बालटाल या नुनवान आधार शिविर की ओर नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि 31 जुलाई को जम्मू से किसी भी जत्थे को आगे नहीं भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं को स्थिति की जानकारी समय-समय पर दी जाएगी।

अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या की थी। 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए तैनात किया गया है। जम्मू के भगवती नगर से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है।

पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। वहीं, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।

श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। प्रशासन ने भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए, यह सही निर्णय है। देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा हमेशा सबसे पहले आनी चाहिए।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा क्यों स्थगित की गई?
अमरनाथ यात्रा को भारी बारिश के कारण स्थगित किया गया है।
कब तक यात्रा स्थगित रहेगी?
यात्रा को 30 जुलाई तक के लिए स्थगित किया गया है।
क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं?
प्रशासन ने यात्रा के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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