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फ्रेशर्स के लिए नौकरी: 75% कंपनियाँ भर्ती को तैयार, एआई और क्लाउड स्किल्स की सबसे अधिक माँग

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फ्रेशर्स के लिए नौकरी: 75% कंपनियाँ भर्ती को तैयार, एआई और क्लाउड स्किल्स की सबसे अधिक माँग

सारांश

2026 की दूसरी छमाही में भारत में फ्रेशर्स के लिए तस्वीर बेहतर हुई है — 75% नियोक्ता भर्ती को तैयार हैं। लेकिन असली दौड़ स्किल्स की है: एआई इंजीनियरिंग, क्लाउड सिक्योरिटी और वीएलएसआई जैसे सर्टिफिकेट अब डिग्री से भारी पड़ रहे हैं। बेंगलुरु 90% के साथ सबसे आगे।

मुख्य बातें

टीमलीज एडटेक की रिपोर्ट के अनुसार 2026 की दूसरी छमाही में 75% नियोक्ता फ्रेशर्स की भर्ती करने की योजना बना रहे हैं, जो पहली छमाही के 73% से अधिक है।
रिटेल , ई-कॉमर्स , टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र फ्रेश ग्रेजुएट्स की माँग में सबसे आगे हैं।
आईटी सेक्टर में फ्रेशर भर्ती की मंशा 81% से घटकर 76% हुई; कंसल्टिंग, टेलीकॉम और मार्केटिंग में भी लगभग 3% की गिरावट।
बेंगलुरु में 90% कंपनियाँ फ्रेशर्स को नियुक्त करने के मूड में — देश में सर्वाधिक; मुंबई ( 75% ) और चेन्नई ( 71% ) इसके बाद।
एआई इंजीनियरिंग , वीएलएसआई चिप डिजाइन , क्लाउड सिक्योरिटी और जीएमपी जैसे सर्टिफिकेट रोज़गार क्षमता बढ़ाने में सबसे प्रभावी बताए गए।

टीमलीज एडटेक की 10 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में भारत में 75 प्रतिशत नियोक्ता फ्रेशर्स की भर्ती करने की योजना बना रहे हैं — जो पहली छमाही के 73 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एंट्री-लेवल प्रतिभा को लेकर कंपनियों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन केवल उन उम्मीदवारों के लिए जो व्यावहारिक और जॉब-रेडी कौशल से लैस हैं।

किन क्षेत्रों में बढ़ रही है माँग

रिटेल, ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र फ्रेश ग्रेजुएट्स की माँग बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन सेक्टर्स में उद्योग-तैयार उम्मीदवारों की उपलब्धता भर्ती को प्रोत्साहित कर रही है। व्यावहारिक कौशल रखने वाले युवाओं के लिए इन क्षेत्रों में अवसर लगातार विस्तृत हो रहे हैं।

कहाँ आई है गिरावट

हालाँकि, सभी क्षेत्रों में भर्ती का रुझान एकसमान नहीं है। आईटी सेक्टर में फ्रेशर भर्ती की मंशा पहली छमाही के 81 प्रतिशत से घटकर 76 प्रतिशत रह गई है। कंसल्टिंग, टेलीकॉम और मार्केटिंग एवं विज्ञापन क्षेत्रों में भी लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मीडिया एवं एंटरटेनमेंट तथा शिक्षा सेवाओं में यह कमी 2 प्रतिशत रही।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

टीमलीज एडटेक के संस्थापक एवं सीईओ शांतनु रूज ने कहा कि कंपनियाँ अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल-आधारित प्रतिभा की तलाश कर रही हैं। उन्होंने कहा, "नियोक्ता अब फ्रेशर्स से अधिक व्यावहारिक और जॉब-रेडी स्किल्स की अपेक्षा कर रहे हैं। रिटेल, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भर्ती बढ़ रही है क्योंकि यहाँ उद्योगों को तैयार उम्मीदवार मिल रहे हैं। वहीं आईटी और कंसल्टिंग कंपनियाँ एआई दक्षता, समस्या समाधान क्षमता और वास्तविक परियोजनाओं के अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं।" रूज ने यह भी जोड़ा कि उच्च शिक्षा और कौशल विकास को एकसाथ जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि छात्र उद्योग-प्रासंगिक दक्षताओं के साथ संस्थानों से निकलें।

शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे

शहर-वार आँकड़ों में बेंगलुरु फ्रेशर भर्ती में सबसे आगे है, जहाँ लगभग 90 प्रतिशत कंपनियाँ नए उम्मीदवारों को नियुक्त करने की योजना बना रही हैं। इसके बाद मुंबई (75 प्रतिशत) और चेन्नई (71 प्रतिशत) का स्थान है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि तकनीकी और वाणिज्यिक केंद्रों में एंट्री-लेवल प्रतिभा की माँग सबसे तीव्र है।

कौन-से सर्टिफिकेट बढ़ाएँगे रोज़गार क्षमता

रिपोर्ट में उन स्किल-आधारित प्रमाणपत्रों की पहचान की गई है जो युवाओं की नियोजनीयता को सबसे अधिक बढ़ा सकते हैं। इनमें वीएलएसआई चिप डिजाइन, एआई इंजीनियरिंग, क्लाउड सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग एनालिटिक्स और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी) प्रमुख हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के श्रम बाज़ार में एआई-सक्षम भूमिकाओं की हिस्सेदारी तेज़ी से बढ़ रही है, और पारंपरिक डिग्री की तुलना में प्रमाणित कौशल को अधिक महत्व दिया जाने लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी बारीकियाँ मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर छूट जाती हैं — आईटी क्षेत्र, जो सबसे अधिक फ्रेशर्स को अवशोषित करता था, वहाँ गिरावट आई है। यह संकेत है कि स्वचालन और एआई टूल्स पारंपरिक एंट्री-लेवल आईटी भूमिकाओं को सिकोड़ रहे हैं। विडंबना यह है कि जो सेक्टर अब सबसे अधिक भर्ती कर रहे हैं — रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग — वे औसतन कम वेतन देते हैं। असली सवाल यह है कि क्या भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली एआई इंजीनियरिंग और वीएलएसआई जैसे कौशल को पर्याप्त पैमाने पर तैयार कर पा रही है, या यह अंतर बाज़ार की माँग और स्नातकों की दक्षता के बीच और गहरा होता जाएगा।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में फ्रेशर्स के लिए नौकरी की स्थिति कैसी है?
टीमलीज एडटेक की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में 75% नियोक्ता फ्रेशर्स को नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं, जो पहली छमाही के 73% से बेहतर है। रिटेल, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में अवसर सबसे अधिक हैं।
फ्रेशर्स के लिए कौन-सी स्किल्स सबसे ज़रूरी हैं?
रिपोर्ट में एआई इंजीनियरिंग, वीएलएसआई चिप डिजाइन, क्लाउड सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग एनालिटिक्स और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी) को सबसे माँग वाले सर्टिफिकेट बताया गया है। आईटी और कंसल्टिंग कंपनियाँ विशेष रूप से एआई दक्षता और वास्तविक परियोजना अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं।
फ्रेशर भर्ती के लिए कौन-सा शहर सबसे बेहतर है?
बेंगलुरु फ्रेशर भर्ती में सबसे आगे है, जहाँ लगभग 90% कंपनियाँ नए उम्मीदवारों को नियुक्त करने की योजना बना रही हैं। मुंबई (75%) और चेन्नई (71%) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
आईटी सेक्टर में फ्रेशर्स की माँग क्यों घटी है?
रिपोर्ट के अनुसार आईटी सेक्टर में फ्रेशर भर्ती की मंशा पहली छमाही के 81% से घटकर 76% रह गई है। आईटी और कंसल्टिंग कंपनियाँ अब केवल डिग्री धारकों की बजाय एआई दक्षता, समस्या समाधान क्षमता और वास्तविक परियोजना अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं।
टीमलीज एडटेक की यह रिपोर्ट क्या कहती है?
10 अगस्त 2026 को जारी इस रिपोर्ट में भारत के फ्रेशर रोज़गार बाज़ार का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियाँ अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल-आधारित प्रतिभा की तलाश कर रही हैं और उच्च शिक्षा व कौशल विकास को एकसाथ जोड़ना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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