फ्रेशर्स के लिए नौकरी: 75% कंपनियाँ भर्ती को तैयार, एआई और क्लाउड स्किल्स की सबसे अधिक माँग
सारांश
मुख्य बातें
टीमलीज एडटेक की 10 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में भारत में 75 प्रतिशत नियोक्ता फ्रेशर्स की भर्ती करने की योजना बना रहे हैं — जो पहली छमाही के 73 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एंट्री-लेवल प्रतिभा को लेकर कंपनियों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन केवल उन उम्मीदवारों के लिए जो व्यावहारिक और जॉब-रेडी कौशल से लैस हैं।
किन क्षेत्रों में बढ़ रही है माँग
रिटेल, ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र फ्रेश ग्रेजुएट्स की माँग बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन सेक्टर्स में उद्योग-तैयार उम्मीदवारों की उपलब्धता भर्ती को प्रोत्साहित कर रही है। व्यावहारिक कौशल रखने वाले युवाओं के लिए इन क्षेत्रों में अवसर लगातार विस्तृत हो रहे हैं।
कहाँ आई है गिरावट
हालाँकि, सभी क्षेत्रों में भर्ती का रुझान एकसमान नहीं है। आईटी सेक्टर में फ्रेशर भर्ती की मंशा पहली छमाही के 81 प्रतिशत से घटकर 76 प्रतिशत रह गई है। कंसल्टिंग, टेलीकॉम और मार्केटिंग एवं विज्ञापन क्षेत्रों में भी लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मीडिया एवं एंटरटेनमेंट तथा शिक्षा सेवाओं में यह कमी 2 प्रतिशत रही।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
टीमलीज एडटेक के संस्थापक एवं सीईओ शांतनु रूज ने कहा कि कंपनियाँ अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल-आधारित प्रतिभा की तलाश कर रही हैं। उन्होंने कहा, "नियोक्ता अब फ्रेशर्स से अधिक व्यावहारिक और जॉब-रेडी स्किल्स की अपेक्षा कर रहे हैं। रिटेल, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भर्ती बढ़ रही है क्योंकि यहाँ उद्योगों को तैयार उम्मीदवार मिल रहे हैं। वहीं आईटी और कंसल्टिंग कंपनियाँ एआई दक्षता, समस्या समाधान क्षमता और वास्तविक परियोजनाओं के अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं।" रूज ने यह भी जोड़ा कि उच्च शिक्षा और कौशल विकास को एकसाथ जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि छात्र उद्योग-प्रासंगिक दक्षताओं के साथ संस्थानों से निकलें।
शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे
शहर-वार आँकड़ों में बेंगलुरु फ्रेशर भर्ती में सबसे आगे है, जहाँ लगभग 90 प्रतिशत कंपनियाँ नए उम्मीदवारों को नियुक्त करने की योजना बना रही हैं। इसके बाद मुंबई (75 प्रतिशत) और चेन्नई (71 प्रतिशत) का स्थान है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि तकनीकी और वाणिज्यिक केंद्रों में एंट्री-लेवल प्रतिभा की माँग सबसे तीव्र है।
कौन-से सर्टिफिकेट बढ़ाएँगे रोज़गार क्षमता
रिपोर्ट में उन स्किल-आधारित प्रमाणपत्रों की पहचान की गई है जो युवाओं की नियोजनीयता को सबसे अधिक बढ़ा सकते हैं। इनमें वीएलएसआई चिप डिजाइन, एआई इंजीनियरिंग, क्लाउड सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग एनालिटिक्स और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी) प्रमुख हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के श्रम बाज़ार में एआई-सक्षम भूमिकाओं की हिस्सेदारी तेज़ी से बढ़ रही है, और पारंपरिक डिग्री की तुलना में प्रमाणित कौशल को अधिक महत्व दिया जाने लगा है।