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वित्त वर्ष 2027 में भारत में सैलरी 8.6–10.2% बढ़ने का अनुमान, EV और फिनटेक सेक्टर सबसे आगे

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वित्त वर्ष 2027 में भारत में सैलरी 8.6–10.2% बढ़ने का अनुमान, EV और फिनटेक सेक्टर सबसे आगे

सारांश

टीमलीज सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में भारत में सैलरी 8.6–10.2% बढ़ने का अनुमान है। EV, फिनटेक और हेल्थकेयर में सबसे अधिक वृद्धि संभव, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को 11.2% तक इंक्रीमेंट मिल सकता है। 23 उद्योगों की 1,268 कंपनियों के आँकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट दर्शाती है कि वेतन वृद्धि अब कौशल और प्रदर्शन-केंद्रित होती जा रही है।

मुख्य बातें

टीमलीज सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में भारत में औसत वेतन वृद्धि 8.6% से 10.2% रहने का अनुमान है।
EV और EV इंफ्रास्ट्रक्चर , फिनटेक , हेल्थकेयर और पावर एवं एनर्जी सेक्टर में 9.6% से 10.2% की वृद्धि संभव।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को 11.2% तक का सर्वाधिक इंक्रीमेंट मिलने का अनुमान।
चेन्नई , पुणे , हैदराबाद और अहमदाबाद प्रमुख वेतन वृद्धि केंद्रों के रूप में उभरे।
बैंकिंग , टेलीकॉम और टेक्सटाइल में वेतन वृद्धि 8.6% से 8.8% के बीच रहने का अनुमान।
रिपोर्ट 23 उद्योगों और 20 शहरों की 1,268 कंपनियों के डेटा पर आधारित है।

टीमलीज सर्विसेज की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के विभिन्न उद्योगों में औसत वेतन वृद्धि 8.6 प्रतिशत से 10.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। 23 उद्योगों और 20 शहरों की 1,268 कंपनियों से जुटाए गए आँकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट दर्शाती है कि कुशल और परिणाम-केंद्रित कर्मचारियों की बढ़ती माँग इस वृद्धि की मुख्य चालक है।

किन सेक्टरों में सबसे ज़्यादा बढ़ेगी सैलरी

रिपोर्ट के अनुसार, तेज़ी से विस्तार करने वाले उद्योगों में वेतन वृद्धि 9.6 प्रतिशत से 10.2 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और EV इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, हेल्थकेयर एवं फार्मास्यूटिकल्स तथा पावर एवं एनर्जी सेक्टर प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार की हरित ऊर्जा और डिजिटल वित्त नीतियाँ इन क्षेत्रों में निवेश और रोज़गार, दोनों को गति दे रही हैं।

किन पदों पर मिलेगा सबसे अधिक इंक्रीमेंट

विशेष भूमिकाओं में वेतन वृद्धि उद्योग औसत से भी अधिक रहने का अनुमान है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की सैलरी में 11.2 प्रतिशत, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर्स में 10.9 प्रतिशत, आईटी सपोर्ट एग्जीक्यूटिव्स में 10.3 प्रतिशत तथा क्वालिटी एश्योरेंस इंजीनियर और साइट इंजीनियरों में 10.2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है। सतत विकास श्रेणी के उद्योगों — जैसे ऑटोमोबाइल, रिटेल, इंश्योरेंस और बीपीओ — में 8.9 प्रतिशत से 9.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, जहाँ प्रोजेक्ट इंजीनियरों को 10.7 प्रतिशत तक इंक्रीमेंट मिल सकता है।

उभरते शहर बने नए टैलेंट हब

रिपोर्ट में चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भारत के प्रमुख वेतन वृद्धि केंद्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। टीमलीज सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बालासुब्रमण्यम ए. ने कहा, 'वित्त वर्ष 2027 में भारत का वेतन परिदृश्य अधिक विविध और कार्य-निष्पादन आधारित होता जा रहा है। अब वेतन वृद्धि केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों और विशेष कौशलों के आधार पर तय हो रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि उभरते शहर औद्योगिक विस्तार, कॉर्पोरेट निवेश और विकसित होते कारोबारी माहौल के कारण तेज़ी से प्रतिभा केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

किन उद्योगों में संतुलित रहेगी वृद्धि

बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन एवं रियल एस्टेट, टेलीकॉम और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में वेतन वृद्धि अपेक्षाकृत संतुलित रहने का अनुमान है — इन सेक्टरों में इंक्रीमेंट 8.6 प्रतिशत से 8.8 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। गौरतलब है कि यह वृद्धि भी पिछले कुछ वर्षों की औसत मुद्रास्फीति दर से अधिक है, जो कर्मचारियों की वास्तविक क्रय शक्ति में मामूली सुधार का संकेत देती है।

भारतीय रोज़गार बाज़ार का बदलता स्वरूप

रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि सेल्स एवं मार्केटिंग, इंजीनियरिंग और आईटी जैसे कार्यक्षेत्रों में वेतन वृद्धि की रफ़्तार सबसे अधिक है। समग्र रूप से भारतीय रोज़गार बाज़ार अब भूमिका-विशेष कौशल और उद्योग-आधारित वेतन संरचना की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है — एक ऐसा बदलाव जो आने वाले वर्षों में कर्मचारियों की रणनीतिक कौशल उन्नयन की ज़रूरत को और गहरा करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये आँकड़े औसत हैं — अधिकांश कर्मचारियों को इससे कम मिलेगा। असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि वास्तविक क्रय शक्ति बढ़ाती है या महँगाई की भरपाई मात्र करती है। EV और फिनटेक में उछाल नीति-प्रेरित है, और यदि सरकारी प्रोत्साहन धीमे पड़े तो यह रफ़्तार टिकाऊ नहीं होगी। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि बड़े शहरों के बाहर — जहाँ भारत का बड़ा कार्यबल है — वेतन वृद्धि के ये अनुमान कितने प्रासंगिक हैं, यह अभी भी अस्पष्ट है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2027 में भारत में औसत सैलरी कितनी बढ़ेगी?
टीमलीज सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में भारत में विभिन्न उद्योगों में औसत वेतन वृद्धि 8.6 प्रतिशत से 10.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह अनुमान 23 उद्योगों और 20 शहरों की 1,268 कंपनियों के आँकड़ों पर आधारित है।
किस सेक्टर में सबसे ज़्यादा सैलरी बढ़ेगी?
EV और EV इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, हेल्थकेयर एवं फार्मास्यूटिकल्स और पावर एवं एनर्जी सेक्टर में 9.6 प्रतिशत से 10.2 प्रतिशत की सबसे अधिक वेतन वृद्धि का अनुमान है। विशेष पदों पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को 11.2 प्रतिशत तक इंक्रीमेंट मिल सकता है।
FY27 में कौन से शहर सबसे ज़्यादा सैलरी वृद्धि देंगे?
रिपोर्ट में चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भारत के प्रमुख वेतन वृद्धि केंद्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। ये शहर औद्योगिक विस्तार और कॉर्पोरेट निवेश के कारण नए टैलेंट हब के रूप में उभर रहे हैं।
बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर में कितनी सैलरी बढ़ेगी?
बैंकिंग, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन एवं रियल एस्टेट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में वेतन वृद्धि 8.6 प्रतिशत से 8.8 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह वृद्धि अन्य उभरते सेक्टरों की तुलना में संतुलित मानी जा रही है।
टीमलीज की यह सैलरी रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई है?
यह रिपोर्ट 23 उद्योगों और 20 शहरों में 1,268 कंपनियों से जुटाए गए आँकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्ट में कुशल और परिणाम-केंद्रित कर्मचारियों की माँग को वेतन वृद्धि का प्रमुख कारण बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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