भारत में कॉरपोरेट वेतन में 2026 तक 9.1 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद, जीसीसी होगा अगुवा: नई रिपोर्ट

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भारत में कॉरपोरेट वेतन में 2026 तक 9.1 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद, जीसीसी होगा अगुवा: नई रिपोर्ट

सारांश

2026 में भारत के कॉरपोरेट क्षेत्र में औसतन 9.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि की संभावना है। जीसीसी ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आश्वासन दिया है। जानिए इस रिपोर्ट में और क्या खास है।

Key Takeaways

  • 2026 में सैलरी में 9.1 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना।
  • जीसीसी में 10.4 प्रतिशत वेतन वृद्धि की उम्मीद।
  • वित्तीय सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि।
  • नौकरी छोड़ने की दर में 16.4 प्रतिशत की कमी।
  • कौशल-आधारित वेतन प्रणाली की बढ़ती लोकप्रियता।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के कॉरपोरेट सेक्टर में 2026 तक औसतन 9.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि की संभावना व्यक्त की गई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) इस वेतन वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं।

ईवाई इंडिया की ताज़ा 'फ्यूचर ऑफ पे' रिपोर्ट में बताया गया है कि डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं की वैश्विक मांग के चलते जीसीसी में वेतन वृद्धि का औसत 10.4 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वित्तीय सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि की अपेक्षा की जा रही है। इसके बाद, ई-कॉमर्स क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत और जीवन विज्ञान तथा फार्मास्यूटिकल्स में 9.7 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी का अनुमान है।

आंकड़ों के अनुसार, नौकरी छोड़ने की दर में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है। 2025 में कुल एट्रिशन दर 16.4 प्रतिशत रह गई, जो 2024 में 17.5 प्रतिशत थी। इससे स्पष्ट है कि नौकरी बाजार अब पहले की तुलना में अधिक स्थिर हो रहा है।

हालांकि, 80 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी अपनी इच्छा से नौकरी छोड़ रहे हैं। इसका अर्थ है कि लोग छंटनी के कारण नहीं, बल्कि बेहतर अवसरों की खोज में नौकरी बदल रहे हैं।

वित्तीय सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक 24 प्रतिशत एट्रिशन दर्ज किया गया है, जबकि प्रोफेशनल सर्विसेज और हाई-टेक व आईटी क्षेत्रों में भी नौकरी छोड़ने की दर अधिक रही है।

इसके विपरीत, जीसीसी में एट्रिशन दर 14.1 प्रतिशत तक कम पाई गई है।

ईवाई इंडिया के टोटल रिवार्ड्स, एचआर टेक्नोलॉजी और लर्निंग के पार्टनर एवं लीडर अभिषेक सेन ने कहा कि कंपनियां अब प्रतिभा में निवेश के तरीकों पर पुनर्विचार कर रही हैं।

उन्होंने बताया, "वेतन का भविष्य केवल सालाना वृद्धि के आकार पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस पर भी निर्भर करता है कि किन कौशलों को पुरस्कृत किया जाए और प्रतिस्पर्धा तथा दीर्घकालिक स्थिरता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।"

रिपोर्ट में कौशल-आधारित वेतन प्रणाली में बदलाव की चर्चा की गई है। सर्वे में शामिल लगभग आधी कंपनियां अब पारंपरिक पद-आधारित वेतन ढांचे से हटकर कौशल-आधारित ढांचे को अपनाने लगी हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जेनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक वेतन मिलने की संभावना है, क्योंकि ये कौशल अब व्यवसाय की वृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं।

इसके अलावा, परिवर्तनीय वेतन का महत्व भी बढ़ रहा है। 2025 में निश्चित वेतन के मुकाबले औसतन परिवर्तनीय वेतन का हिस्सा बढ़कर 16.1 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 14.8 प्रतिशत था।

Point of View

यह रिपोर्ट भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र की स्थिरता और विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। नौकरी छोड़ने की दर में कमी और वेतन वृद्धि की उम्मीद, दोनों ही संकेत करते हैं कि भारत का नौकरी बाजार अब ज्यादा स्थिर हो रहा है।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

2026 में सैलरी में कितनी वृद्धि की उम्मीद है?
भारत में 2026 में औसतन 9.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि की उम्मीद है।
जीसीसी का वेतन वृद्धि में क्या योगदान होगा?
जीसीसी में औसतन 10.4 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि होने की संभावना है।
कौन से क्षेत्र में सबसे अधिक वेतन वृद्धि होगी?
वित्तीय सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि की उम्मीद है।
कर्मचारियों की नौकरी छोड़ने की दर में क्या बदलाव आया है?
नौकरी छोड़ने की दर में धीरे-धीरे कमी आई है, जो 2025 में 16.4 प्रतिशत हो गई।
कौशल-आधारित वेतन प्रणाली का क्या महत्व है?
कौशल-आधारित वेतन प्रणाली अब अधिक कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही है, जो प्रतिभा को बेहतर तरीके से पुरस्कृत करने में मदद करती है।
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