क्या भारत में जीसीसी में वरिष्ठ कर्मचारियों को 58-60 लाख रुपए प्रति वर्ष का पैकेज मिल रहा है?

सारांश
Key Takeaways
- भारत में जीसीसी में वरिष्ठ कर्मचारियों का पैकेज 58-60 लाख रुपए प्रति वर्ष है।
- एआई की मांग ने नई नौकरियों के लिए मानक बनाए हैं।
- साइबर सुरक्षा और डेटा इंजीनियरिंग की नौकरियाँ महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
- भारत के एआई बाजार में तेजी से वृद्धि हो रही है।
- 2025 तक नई व्हाइट-कॉलर नौकरियों में जीसीसी का योगदान 22-25 प्रतिशत होगा।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से उपयोग के कारण, जनरेटिव एआई इंजीनियरिंग और मशीन लर्निंग ऑपरेशंस जैसी भूमिकाएं भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में वेतन के नए मानक स्थापित कर रही हैं। इन पदों पर वरिष्ठ कर्मचारियों को 58-60 लाख रुपए प्रति वर्ष तक का वार्षिक पैकेज प्राप्त हो रहा है। यह जानकारी हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट में सामने आई है।
टीमलीज डिजिटल की रिपोर्ट के अनुसार, "यह वृद्धि एआई-नेटिव ऑपरेटिंग मॉडल की ओर बदलाव को दर्शाती है, जहाँ एलएलएम एकीकरण, स्वायत्त निर्णय-प्रक्रिया और आईपी के नेतृत्व वाला इनोवेशन नए मानक बन रहे हैं। प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एलएलएम सिक्योरिटी और ट्यूनिंग, एआई ऑर्केस्ट्रेशन, एजेंट डिजाइन, सिमुलेशन गवर्नेंस और एआई अनुपालन में विशिष्ट कौशलों की मांग बीएफएसआई, स्वास्थ्य सेवा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है।
साइबर सुरक्षा और डेटा इंजीनियरिंग जैसी नौकरियां जीसीसी में महत्वपूर्ण बन गई हैं। अनुमान है कि वित्त वर्ष 27 तक औसत वेतन क्रमशः 28 लाख रुपए से बढ़कर 33.5 लाख रुपए प्रति वर्ष (20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) और 23 लाख रुपए से बढ़कर 27 लाख रुपए प्रति वर्ष (17 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) पहुँच जाएगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सीनियर लेवल पर साइबर सिक्योरिटी पेशेवर 55 लाख रुपए और डेटा इंजीनियर्स 42 लाख रुपए तक का वार्षिक पैकेज प्राप्त कर सकते हैं।
भारत का एआई बाजार जबरदस्त वृद्धि के दौर में है, जिसका अनुमान है कि यह 2025 तक 45 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) पर 28.8 बिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। एआई अब एंटरप्राइज वैल्यू क्रिएशन का केंद्र बन गया है।
एआई को अपनाने से रोजगार बाजार में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है, जिससे वैश्विक स्तर पर 40 प्रतिशत तक नौकरियों पर असर हो सकता है, विशेष रूप से आईटी सेवाओं, ग्राहक अनुभव, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं (बीएफएसआई) में।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में जीसीसी एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग की मांग के कारण कुल नई व्हाइट-कॉलर तकनीकी नौकरियों में 22-25 प्रतिशत से अधिक योगदान देंगे।
2027 तक अनुमानित 4.7 मिलियन नई तकनीकी नौकरियों में से, 1.2 मिलियन से अधिक जीसीसी द्वारा, विशेष रूप से जनरल एआई और इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास में उत्पन्न की जाएंगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जीसीसी में नियुक्तियाँ महानगरों से बाहर बढ़ रही हैं, और वित्त वर्ष 25 में 130-140 हजार नए स्नातकों की भर्ती होने की उम्मीद है।