भारत में व्हाइट-कॉलर भर्तियां जून में 6% बढ़ीं, AI-ML नौकरियों में 25% उछाल: नौकरी रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत में व्हाइट-कॉलर भर्तियां जून 2026 में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत से अधिक बढ़ी हैं, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन-लर्निंग से जुड़े पदों पर भर्ती में 25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जॉब पोर्टल नौकरी द्वारा 6 जुलाई को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स एक साल पहले के 2,854 से बढ़कर 3,027 पर पहुँच गया, जो वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 4 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि को दर्शाता है।
सेक्टर-वार भर्ती का हाल
रिपोर्ट के आँकड़ों के अनुसार, इंश्योरेंस सेक्टर ने 16 प्रतिशत की सबसे मजबूत ग्रोथ दर्ज की। इसके बाद मीडिया प्रोडक्शन और एंटरटेनमेंट में 24 प्रतिशत, हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज में 22 प्रतिशत और IT व इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी में 18 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि रही। FMCG में 7 प्रतिशत, टेलीकॉम में 6 प्रतिशत, रियल एस्टेट में 5 प्रतिशत और BPO/ITES तथा फार्मा/बायोटेक में 4-4 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई।
अनुभव स्तर के अनुसार भर्ती रुझान
फ्रेशर्स की हायरिंग में जून में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत और अप्रैल-जून तिमाही में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अनुभव के हिसाब से देखें तो 4-7 साल के अनुभव वालों में 2 प्रतिशत, 8-12 साल वालों में 7 प्रतिशत, 13-16 साल वालों में 12 प्रतिशत और 16 साल से अधिक अनुभव वालों में 9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। यह संकेत देता है कि नियोक्ता सिर्फ एंट्री-लेवल नहीं, बल्कि वरिष्ठ और विशेषज्ञ प्रतिभाओं में भी सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं।
शहरों में भर्ती की तस्वीर
मेट्रो शहरों में कोलकाता ने 12 प्रतिशत, हैदराबाद ने 11 प्रतिशत, चेन्नई ने 10 प्रतिशत और बेंगलुरु ने 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। उभरते शहरों में भुवनेश्वर ने 21 प्रतिशत, इंदौर ने लगभग 15 प्रतिशत और कोयंबटूर ने लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ दिया। यह ऐसे समय में आया है जब टियर-2 शहरों में कॉर्पोरेट उपस्थिति लगातार बढ़ रही है।
AI स्किल और GCC हायरिंग पर विशेषज्ञ की राय
इन्फो एज (इंडिया) लिमिटेड के एमडी और सीईओ हितेश ओबेरॉय ने कहा, 'भले ही IT में हायरिंग धीमी हुई है, लेकिन इस सेक्टर में AI के लिए हायरिंग जून में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़ी है। यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि इससे पता चलता है कि टेक कंपनियां अभी भी कहाँ निवेश कर रही हैं। AI तेजी से एक मुख्य क्षमता वाला क्षेत्र बनता जा रहा है, खासकर तब जब ज्यादा सीनियर और स्पेशलाइज्ड टैलेंट की माँग बढ़ रही है।' पूरे देश में GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) हायरिंग स्थिर रही, लेकिन दक्षिणी बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया — चेन्नई में 19 प्रतिशत और हैदराबाद में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
टेलीकॉम में सकारात्मक बदलाव
पिछले साल अधिकांश समय दबाव में रहने के बाद, टेलीकॉम सेक्टर में जून में 6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सकारात्मक बदलाव दिखा। इस सुधार की मुख्य वजह फ्रेशर्स की हायरिंग में जबरदस्त उछाल था, जो इस सेक्टर में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़ी। गौरतलब है कि यह रुझान 5G रोलआउट के बाद नेटवर्क और टेक्नोलॉजी टीमों के विस्तार से जुड़ा हो सकता है। आने वाली तिमाहियों में AI-स्किल्ड पेशेवरों की माँग और बढ़ने की संभावना है।