22 जुलाई 2026
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अमरनाथ यात्रा लगातार चौथे दिन स्थगित, 2,800 श्रद्धालु पहलगाम में फंसे; IMD की 24 जुलाई तक चेतावनी

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अमरनाथ यात्रा लगातार चौथे दिन स्थगित, 2,800 श्रद्धालु पहलगाम में फंसे; IMD की 24 जुलाई तक चेतावनी

सारांश

भारी बारिश, बाढ़ और बादल फटने ने अमरनाथ यात्रा को लगातार चौथे दिन रोके रखा। 2,800 श्रद्धालु पहलगाम में और हज़ारों जम्मू में फंसे हैं। IMD की 24 जुलाई तक चेतावनी से राहत के आसार कम हैं — और 3.91 लाख दर्शन कर चुके हैं।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा 22 जुलाई को लगातार चौथे दिन स्थगित रही; 18 जुलाई की शाम से रोक लागू है।
2,800 तीर्थयात्री नंदीवान-पहलगाम में और लगभग 6,000 जम्मू के यात्री निवासों में फंसे हैं।
2,000 से अधिक श्रद्धालु लगातार बारिश के कारण अपने राज्यों को लौट गए।
IMD ने 19 से 24 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है।
3 जुलाई से अब तक 3.91 लाख श्रद्धालु 3,888 मीटर ऊंची पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं।
यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा व रक्षाबंधन पर संपन्न होगी।

अमरनाथ यात्रा बुधवार, 22 जुलाई को लगातार चौथे दिन भी स्थगित रही, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने तीर्थमार्गों को अवरुद्ध कर दिया। बालटाल और नुनवान-पहलगाम के ट्रांजिट कैंपों तथा बेस कैंपों में ठहरे सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं।

यात्रा कब और क्यों रोकी गई

भारतीय मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने 18 जुलाई की शाम से यात्रा पर रोक लगा दी थी। यह रोक मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल मार्ग और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में नंदीवान-पहलगाम मार्ग — दोनों पर एक साथ लागू हुई। इसी दिन कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर, रियासी के शिव खोड़ी मंदिर और किश्तवाड़ के मचैल माता मंदिर की यात्राएं भी निलंबित कर दी गई थीं।

अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया है कि वे IMD की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक सूचना मिलने तक आगे न बढ़ें।

फंसे श्रद्धालुओं की स्थिति

अनंतनाग जिले के नंदीवान-पहलगाम में 2,800 तीर्थयात्री रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। श्रीनगर के यात्री निवास पंथा चौक में 438, गांदरबल के बालटाल में 134 और रामबन जिले के चंदरकोट यात्री निवास में 458 श्रद्धालु मौजूद हैं।

जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास और आसाराम बापू आश्रम में लगभग 6,000 तीर्थयात्री ठहरे हुए हैं। हालांकि, लगातार बारिश के कारण 2,000 से अधिक श्रद्धालु अपने-अपने राज्यों को लौट गए हैं। जम्मू के गीता भवन में 250 और पुरानी मंडी के राम मंदिर में 200 साधु भी मौजूद हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब कई समाजसेवी संस्थाओं ने फंसे तीर्थयात्रियों के लिए लंगर शुरू कर दिए हैं, जिससे उन्हें निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

आंशिक राहत और अपवाद

पहलगाम मार्ग पर अंतिम पड़ाव पंचतरणी में फंसे तीर्थयात्रियों को 19 और 20 जुलाई को पवित्र गुफा के दर्शन की अनुमति दी गई थी। बालटाल में फंसे लगभग सभी तीर्थयात्रियों को मंगलवार को दर्शन के लिए जाने की इजाजत मिली, लेकिन बुधवार को भारी बारिश के कारण किसी भी यात्री को श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। नुनवान से भी कोई यात्री आगे नहीं बढ़ सका।

गौरतलब है कि मंगलवार को देवी के जन्मदिन के अवसर पर किश्तवाड़ से सरथल माता मंदिर तक एक सांकेतिक छड़ी यात्रा अवश्य निकाली गई।

मौसम का पूर्वानुमान और यात्रा की समग्र स्थिति

IMD ने जम्मू-कश्मीर में 19 से 24 जुलाई तक खराब मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसका अर्थ है कि निकट भविष्य में राहत की संभावना सीमित है। जम्मू से बालटाल और नंदीवान-पहलगाम के बेस कैंप तक की यात्री बस सेवा भी लगातार तीसरे दिन बंद रही।

3 जुलाई को यात्रा के शुभारंभ के बाद से 21 दिनों में 3.91 लाख तीर्थयात्री 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। 57 दिनों की यह यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पर्व पर संपन्न होगी। माता वैष्णो देवी, शिव खोड़ी और मचैल माता यात्राएं भी फिलहाल स्थगित हैं और मौसम सुधरने पर ही पुनः आरंभ होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि क्या यात्रा के रूट-प्लानिंग में IMD के दीर्घकालिक पूर्वानुमानों को पर्याप्त महत्व दिया जाता है। 3.91 लाख दर्शन का आंकड़ा प्रशासनिक सफलता दिखाता है, लेकिन हर बार हज़ारों तीर्थयात्रियों का अनिश्चितकाल तक फंसे रहना यह भी दर्शाता है कि मौसम-आधारित रियल-टाइम बुकिंग और निकासी प्रोटोकॉल अभी भी अधूरे हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा क्यों स्थगित है?
भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं के कारण 18 जुलाई की शाम से अमरनाथ यात्रा स्थगित है। IMD ने 24 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम की चेतावनी दी है।
कितने तीर्थयात्री फंसे हुए हैं और वे कहाँ हैं?
नंदीवान-पहलगाम में 2,800 , जम्मू के यात्री निवासों में लगभग 6,000 , श्रीनगर के पंथा चौक में 438 , बालटाल में 134 और रामबन के चंदरकोट में 458 तीर्थयात्री मौजूद हैं। 2,000 से अधिक श्रद्धालु अपने राज्यों को लौट चुके हैं।
अमरनाथ यात्रा कब फिर से शुरू होगी?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 24 जुलाई तक मौसम खराब रह सकता है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम सुधरने और आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही यात्रा पुनः आरंभ होगी।
इस वर्ष अब तक कितने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं?
3 जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से 21 दिनों में 3.91 लाख तीर्थयात्री 3,888 मीटर ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं।
अमरनाथ यात्रा 2025 कब समाप्त होगी?
57 दिनों की यह यात्रा 28 अगस्त 2025 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पर्व पर संपन्न होगी। यात्रा के दोनों मार्ग — बालटाल और पहलगाम — उसी दिन बंद होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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