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अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू: 6 दिन बाद 18,000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, पहलगाम रूट अभी बंद

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अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू: 6 दिन बाद 18,000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, पहलगाम रूट अभी बंद

सारांश

छह दिनों की मौसम-जनित रुकावट के बाद जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्राएं फिर शुरू हुईं। 18,000 श्रद्धालु वैष्णो देवी और 4,000 अमरनाथ पहुंचे, लेकिन पहलगाम रूट मरम्मत के लिए अभी बंद है। शिव खोरी यात्रा सातवें दिन भी स्थगित रही।

मुख्य बातें

26 जुलाई को 6 दिन की रुकावट के बाद अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्राएं पुनः आरंभ हुईं।
18,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी मंदिर (कटरा) में दर्शन किए; 4,000 से अधिक ने अमरनाथ गुफा में पूजा की।
6,269 श्रद्धालु तड़के 223 वाहनों के काफिले में बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए।
पहलगाम रूट मरम्मत कार्य के लिए 'कुछ समय' बंद रहेगा; यात्रा केवल बालटाल रूट से जारी।
शिव खोरी मंदिर यात्रा लगातार सातवें दिन भी बंद रही।
57 दिवसीय यात्रा में अब तक लगभग 4 लाख श्रद्धालु अमरनाथ गुफा के दर्शन कर चुके हैं; यात्रा 28 अगस्त को समाप्त होगी।

छह दिनों की मौसम-जनित रुकावट के बाद 26 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में धार्मिक यात्राएं पुनः आरंभ हो गईं — माता वैष्णो देवी मंदिर में 18,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि अमरनाथ पवित्र गुफा में शनिवार शाम तक 4,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने पूजा-अर्चना की। हालांकि, रियासी जिले में स्थित शिव खोरी मंदिर की यात्रा लगातार सातवें दिन भी बंद रही।

यात्रा क्यों रुकी थी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा 19 से 24 जुलाई के बीच भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद 18 जुलाई को श्री अमरनाथ जी, माता वैष्णो देवी और शिव खोरी — तीनों यात्राएं एक साथ रोक दी गई थीं। कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हुआ और नदी-नालों में जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया, जिससे सुरक्षा के लिहाज़ से यह निर्णय अपरिहार्य हो गया।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार तड़के लगभग 2 बजकर 40 मिनट पर 6,269 श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 223 वाहनों के काफिले में भगवती नगर यात्री निवास से बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के उधमपुर-रामबन खंड में कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण बंद हुआ मार्ग दोबारा खुलने के बाद यात्रा संभव हो सकी।

वैष्णो देवी में विभिन्न होटलों और धर्मशालाओं में फंसे 18,000 श्रद्धालु शनिवार शाम तक पुराने मार्ग से पवित्र मंदिर में दर्शन कर सके। पत्थर गिरने के खतरे के कारण नया मार्ग एहतियातन बंद रखा गया। शाम को भारी बारिश के बाद यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई।

पहलगाम रूट अभी बंद रहेगा

कश्मीर के डिविज़नल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया, 'हाल की बारिश के कारण मरम्मत और रखरखाव के काम की जरूरत को देखते हुए श्री अमरनाथ जी यात्रा बालटाल रूट से जारी रहेगी, जबकि पहलगाम रूट तीर्थयात्रियों के लिए कुछ समय के लिए बंद रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि बालटाल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

अब तक कितने श्रद्धालु पहुंचे

3 जुलाई को शुरू हुई इस 57 दिवसीय यात्रा के दौरान अब तक दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पवित्र गुफा में लगभग 4 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार मौसम की अनिश्चितता ने यात्रा-प्रबंधन को कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

आगे क्या

अधिकारियों के अनुसार, पहलगाम मार्ग पर मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद उसे पुनः खोला जाएगा। शनिवार सुबह गुफा क्षेत्र में मौसम शुष्क रहा, हालांकि दोपहर में हल्की वर्षा हुई — फिर भी यात्रा बाधित नहीं हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम और मार्ग की स्थिति के आधार पर यात्रा के निर्णय लिए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मार्ग-प्रबंधन और वास्तविक समय की मौसम-आधारित निर्णय-प्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं। इस बार पहलगाम रूट का 'कुछ समय के लिए' बंद रहना यह संकेत देता है कि बुनियादी ढाँचे की तैयारी मानसून की तीव्रता के अनुरूप नहीं है। शिव खोरी यात्रा का सातवें दिन भी बंद रहना दर्शाता है कि छोटे तीर्थस्थलों की रिकवरी बड़े तीर्थों की तुलना में कहीं धीमी है — जो प्राथमिकता और संसाधन-वितरण पर पुनर्विचार की माँग करता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा क्यों बंद हुई थी?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा 19 से 24 जुलाई के बीच भारी वर्षा की चेतावनी के बाद 18 जुलाई को दोनों यात्राएं रोकी गई थीं। भूस्खलन और जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज़ से यह निर्णय लिया।
अमरनाथ यात्रा 2025 कब तक चलेगी?
3 जुलाई को शुरू हुई यह 57 दिवसीय यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। अब तक लगभग 4 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं।
पहलगाम रूट से अमरनाथ यात्रा कब शुरू होगी?
अधिकारियों के अनुसार, हाल की बारिश से हुई क्षति की मरम्मत और बहाली के बाद पहलगाम रूट पुनः खोला जाएगा। फिलहाल यात्रा केवल बालटाल रूट से जारी है; कोई निश्चित तिथि नहीं दी गई है।
शिव खोरी मंदिर यात्रा कब खुलेगी?
रियासी जिले में स्थित शिव खोरी मंदिर की यात्रा 26 जुलाई तक लगातार सातवें दिन भी बंद रही। अधिकारियों ने अभी तक इसे खोलने की कोई तारीख घोषित नहीं की है।
वैष्णो देवी यात्रा में नया मार्ग क्यों बंद रखा गया?
पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर नया मार्ग बंद रखा गया। 18,000 श्रद्धालुओं ने पुराने मार्ग से ही दर्शन किए, और शाम को भारी बारिश के बाद यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई।
राष्ट्र प्रेस
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