24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-श्रीनगर हाईवे दूसरे दिन भी बंद, अमरनाथ-वैष्णो देवी समेत सभी यात्राएं छठे दिन स्थगित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-श्रीनगर हाईवे दूसरे दिन भी बंद, अमरनाथ-वैष्णो देवी समेत सभी यात्राएं छठे दिन स्थगित

सारांश

भारी बारिश और भूस्खलन ने जम्मू-कश्मीर को दोहरी मार दी है — NH-44 लगातार दूसरे दिन बंद और अमरनाथ, वैष्णो देवी समेत सभी धार्मिक यात्राएं छठे दिन भी ठप। रेलवे ने 600 फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई।

मुख्य बातें

जम्मू-श्रीनगर NH-44 24 जुलाई 2026 को लगातार दूसरे दिन भी भूस्खलन के कारण बंद रहा।
अमरनाथ यात्रा , माता वैष्णो देवी यात्रा और शिव खोरी यात्रा लगातार छठे दिन स्थगित।
IMD की भारी बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी के बाद यात्राएं रोकी गई हैं।
नॉर्दर्न रेलवे ने गुरुवार शाम 5.10 बजे श्रीनगर से कटरा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई, जिससे 600 पर्यटक घाटी से बाहर निकले।
फंसे श्रद्धालुओं के लिए बेस कैंपों में मुफ्त लंगर और रहने की व्यवस्था की गई है।
मौसम सुधरने और रास्ते सुरक्षित होने के बाद ही यात्राएं फिर से शुरू होंगी।

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) लगातार दूसरे दिन 24 जुलाई 2026 को भी यातायात के लिए बंद रहा, क्योंकि भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं जारी रहीं। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिव खोरी यात्रा सहित सभी प्रमुख धार्मिक यात्राएं लगातार छठे दिन भी स्थगित रहीं।

हाईवे बंद होने की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, NH-44 पर रास्ता साफ करने का काम जारी है, लेकिन निरंतर बारिश के कारण भूस्खलन और पत्थर गिरने का सिलसिला थमा नहीं है, जिससे हाईवे को अभी तक ट्रैफिक के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया जा सका है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे आगे और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए फिलहाल यात्रा से बचें।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सड़क की स्थिति की जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल तथा ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट से संपर्क करें।

रेलवे की वैकल्पिक व्यवस्था

हाईवे बंद होने की स्थिति में नॉर्दर्न रेलवे ने गुरुवार को श्रीनगर और कटरा के बीच एक स्पेशल ट्रेन चलाई, जिससे घाटी में फंसे लगभग 600 पर्यटक सुरक्षित बाहर निकल सके। यह ट्रेन जम्मू डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल के निर्देश पर चलाई गई थी।

यह स्पेशल ट्रेन गुरुवार शाम 5.10 बजे श्रीनगर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई, रास्ते में बनिहाल में रुकी और रात 8.15 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंची। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह सेवा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए शुरू की गई जिन्हें कटरा और जम्मू तवी से आगे की ट्रेन कनेक्टिविटी लेनी थी।

उचित सिंघल ने कहा, 'यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क यातायात की धीमी गति को देखते हुए डिवीजन ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।'

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा शुरू करने से पहले NTES ऐप, IRCTC वेबसाइट या 139 रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से ट्रेन की ताज़ा स्थिति जांच लें।

धार्मिक यात्राएं छठे दिन भी स्थगित

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की भारी बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी के बाद अधिकारियों ने श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिव खोरी यात्रा को शुक्रवार को भी स्थगित रखा। यह इन यात्राओं के निलंबन का लगातार छठा दिन है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अमरनाथ यात्रा का मौसम अपने चरम पर होता है और देशभर से लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौसम में सुधार और रास्तों के सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही यात्राएं फिर से शुरू की जाएंगी।

फंसे श्रद्धालुओं के लिए राहत व्यवस्था

विभिन्न बेस कैंपों में फंसे श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन (लंगर) और रहने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि श्रद्धालुओं की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और IMD की अगली चेतावनी के आधार पर यात्राओं को फिर से शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

केवल मौसम की समस्या नहीं है — यह बुनियादी ढांचे की नाजुकता का भी संकेत है। हर मानसून में यही चक्र दोहराया जाता है, फिर भी NH-44 के विकल्प के रूप में जम्मू-कश्मीर में रेल और सड़क संपर्क अभी भी पर्याप्त नहीं है। रेलवे की स्पेशल ट्रेन तात्कालिक राहत तो देती है, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या दीर्घकालिक आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे में निवेश की गति पर्याप्त है, खासकर जब लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और यात्रा इस एकमात्र राजमार्ग पर निर्भर है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-श्रीनगर हाईवे क्यों बंद है?
भारी बारिश के कारण NH-44 पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे यह हाईवे लगातार दूसरे दिन भी बंद है। रास्ता साफ करने का काम जारी है, लेकिन हाईवे को अभी तक ट्रैफिक के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया गया है।
अमरनाथ यात्रा कब से बंद है और कब शुरू होगी?
अमरनाथ यात्रा लगातार छठे दिन 24 जुलाई 2026 को भी स्थगित रही। IMD की भारी बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी के मद्देनजर यात्रा रोकी गई है और मौसम सुधरने तथा रास्ते सुरक्षित होने के बाद ही इसे फिर से शुरू किया जाएगा।
हाईवे बंद होने पर फंसे यात्री क्या करें?
यात्री नॉर्दर्न रेलवे की वैकल्पिक ट्रेन सेवा का उपयोग कर सकते हैं और NTES ऐप, IRCTC वेबसाइट या 139 रेलवे हेल्पलाइन से ट्रेन की स्थिति जांचें। सड़क की ताज़ा जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट से संपर्क करें।
फंसे श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
विभिन्न बेस कैंपों में फंसे श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन (लंगर) और रहने की व्यवस्था की गई है। नॉर्दर्न रेलवे ने गुरुवार को श्रीनगर से कटरा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जिससे लगभग 600 पर्यटक घाटी से बाहर निकले।
कौन-कौन सी धार्मिक यात्राएं स्थगित हैं?
जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिव खोरी यात्रा — तीनों प्रमुख धार्मिक यात्राएं 24 जुलाई 2026 को लगातार छठे दिन भी स्थगित रहीं। IMD की चेतावनी और खराब मौसम के चलते यह निर्णय लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले