1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, अमरनाथ यात्रा 1 अगस्त को स्थगित; उधमपुर-रामबन में भारी बारिश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, अमरनाथ यात्रा 1 अगस्त को स्थगित; उधमपुर-रामबन में भारी बारिश

सारांश

भारी बारिश और उधमपुर के लधा-समरोली खंड पर मरम्मत कार्य ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे को 1 अगस्त को बंद कर दिया, जिससे अमरनाथ यात्रा के नए जत्थे रोके गए। इस सीजन में 3 जुलाई से अब तक 4.5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

मुख्य बातें

1 अगस्त 2026 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण अमरनाथ यात्रा के नए जत्थे स्थगित किए गए।
उधमपुर के लधा-समरोली खंड पर मरम्मत कार्य और उधमपुर-रामबन में भारी बारिश दोहरी वजह रही।
राजमार्ग एक दिन पहले भी बंद था; बारिश से सड़क कीचड़युक्त और फिसलन भरी हो गई।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन व टोकन काउंटर तवी रिवर फ्रंट से भगवती नगर बेस कैंप में स्थानांतरित किए।
3 जुलाई 2026 से यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश और मरम्मत कार्य के कारण शनिवार, 1 अगस्त 2026 को श्री अमरनाथ यात्रा के नए जत्थों को भगवती नगर बेस कैंप, जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर रवाना होने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों के अनुसार, उधमपुर और रामबन जिलों में लगातार बारिश से राजमार्ग की स्थिति खतरनाक हो गई, जिससे तीर्थयात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों ने बताया कि उधमपुर जिले के लधा-समरोली खंड पर मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके चलते यात्रा काफिलों को रोका गया। उल्लेखनीय है कि राजमार्ग को एक दिन पहले भी मरम्मत के लिए बंद किया गया था, हालाँकि उस दिन यात्रियों का काफिला ट्रैफिक रोके जाने से पहले ही निकल चुका था।

इसके बाद हुई बारिश ने मरम्मत कार्य में बाधा डाली और सड़क की सतह कीचड़युक्त व अत्यधिक फिसलन भरी हो गई। शनिवार को भी दिनभर हल्की से मध्यम बारिश जारी रही, जिससे स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

रजिस्ट्रेशन केंद्रों का स्थानांतरण

इस बीच, यात्रा का प्रबंधन करने वाले श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने जम्मू आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में आई कमी को देखते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया। यात्रा रजिस्ट्रेशन और टोकन वितरण काउंटर तवी रिवर फ्रंट से हटाकर भगवती नगर बेस कैंप में स्थानांतरित कर दिए गए हैं।

गौरतलब है कि तवी रिवर फ्रंट को विशेष रूप से अमरनाथ तीर्थयात्रियों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन, टोकन वितरण, ई-केवाईसी वेरिफिकेशन और आरएफआईडी जारी करने की सुविधा के रूप में विकसित किया गया था। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, तीर्थयात्रियों की संख्या कम होने की वजह से दोनों सेवाओं को एक ही स्थान — भगवती नगर — पर समेकित करना व्यावहारिक निर्णय था।

यात्रा की अब तक की स्थिति

3 जुलाई 2026 को इस वर्ष की यात्रा के आरंभ से लेकर अब तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह आँकड़ा यात्रा की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाता है, हालाँकि मौसम की अनिश्चितता बार-बार संचालन में व्यवधान का कारण बन रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में मानसून अपने चरम पर है और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन व बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हाईवे की यह बंदी इस यात्रा सीजन में पहली बार नहीं है — मौसम और मरम्मत कार्य के कारण कई बार काफिलों को रोका जा चुका है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि राजमार्ग की स्थिति सामान्य होने और मौसम में सुधार आने के बाद ही नए जत्थों को रवाना करने की अनुमति दी जाएगी। तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक सूचनाओं की प्रतीक्षा करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर साल अमरनाथ यात्रा को प्रभावित करती है। सवाल यह है कि जब यह मार्ग तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए इतना संवेदनशील है, तो मानसून-पूर्व मरम्मत को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती। श्राइन बोर्ड का रजिस्ट्रेशन केंद्र स्थानांतरित करना प्रशासनिक लचीलेपन का संकेत है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए वैकल्पिक मार्गों और मौसम-प्रतिरोधी बुनियादी ढाँचे में निवेश अनिवार्य है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 अगस्त को अमरनाथ यात्रा क्यों स्थगित की गई?
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उधमपुर के लधा-समरोली खंड में मरम्मत कार्य और उधमपुर-रामबन में भारी बारिश के कारण हाईवे बंद हो गया। इस वजह से भगवती नगर बेस कैंप से कश्मीर घाटी की ओर किसी भी नए यात्री जत्थे को रवाना करने की अनुमति नहीं दी गई।
अमरनाथ यात्रा 2026 में अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं?
3 जुलाई 2026 को यात्रा शुरू होने के बाद से 1 अगस्त तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन काउंटर क्यों स्थानांतरित किए?
जम्मू आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन, टोकन वितरण, ई-केवाईसी और आरएफआईडी सुविधाएँ तवी रिवर फ्रंट से भगवती नगर बेस कैंप में समेकित कर दीं। यह प्रशासनिक सुविधा और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए किया गया।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर मरम्मत कार्य कहाँ चल रहा है?
उधमपुर जिले के लधा-समरोली खंड पर मरम्मत कार्य जारी है। इसी कारण हाईवे को बंद किया गया और यात्रा काफिलों की आवाजाही रोकी गई।
क्या अमरनाथ यात्रा काफिला पूरी तरह रुक गया है?
नए जत्थों की रवानगी रोकी गई है। अधिकारियों के अनुसार, एक दिन पहले का काफिला ट्रैफिक रोके जाने से पहले ही निकल चुका था। हाईवे की स्थिति सामान्य होने पर नए जत्थों को अनुमति दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले