जम्मू-श्रीनगर हाईवे भूस्खलन से बंद, काजीगुंड में 1,000–1,500 अमरनाथ यात्री फंसे
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में 28 जुलाई को भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे अमरनाथ यात्रा से लौट रहे 1,000 से 1,500 श्रद्धालु काजीगुंड के मीर बाज़ार स्थित यात्री निवास में फंस गए। बाबा बर्फानी के दर्शन पूरे करने के बाद घर लौट रहे ये तीर्थयात्री एक से दो दिन से अधिक समय से मार्ग खुलने की प्रतीक्षा में हैं।
मुख्य घटनाक्रम
भूस्खलन के कारण राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। यात्री निवास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरे हुए हैं — एक तीर्थयात्री के अनुमान के अनुसार यहाँ करीब 1,000 से 1,500 लोग मौजूद हैं। कुछ यात्री पहले काजीगुंड में रुके, फिर श्रीनगर के होटलों में स्थानांतरित हुए, लेकिन आगे जम्मू की ओर बढ़ना संभव नहीं हो पा रहा।
यात्रियों की आपबीती
महाराष्ट्र से आए एक बुजुर्ग तीर्थयात्री ने बताया कि उन्होंने अमरनाथ यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, परंतु हाईवे बंद होने से वापसी में बाधा आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से लंगर, आवास और अन्य ज़रूरी सुविधाओं की अच्छी व्यवस्था की गई है तथा सुरक्षा इंतज़ाम भी संतोषजनक हैं।
गोविंद कुमार नामक एक अन्य तीर्थयात्री ने बताया कि दर्शन के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई, किंतु वापसी में यातायात जाम के कारण एक दिन से अधिक समय से रुकना पड़ रहा है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बताया और प्रशासन से जल्द मार्ग खोलने की अपील की।
दिल्ली से आईं प्रीति देवी ने बताया कि उन्होंने 23 जुलाई को यात्रा शुरू की थी और 26 जुलाई को बाबा अमरनाथ के दर्शन किए। तब से वे काजीगुंड में रुकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ टूटने और मार्ग बंद होने के कारण यात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
यात्रियों के अनुसार केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय पुलिस के जवान लगातार तीर्थयात्रियों की सहायता में तैनात हैं। प्रशासन की ओर से यात्री निवास में लंगर और रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। हालाँकि, मार्ग बहाली की आधिकारिक समय-सीमा अभी तक घोषित नहीं की गई है।
आम जनता और यात्रियों पर असर
यह ऐसे समय में हुआ है जब अमरनाथ यात्रा अपने चरम पर है और हर दिन हज़ारों श्रद्धालु तीर्थस्थल की ओर आ-जा रहे हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवन-रेखा है और इसके बंद होने से न केवल तीर्थयात्री, बल्कि आम नागरिक और व्यापारिक आवाजाही भी प्रभावित होती है। गौरतलब है कि मानसून के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन की घटनाएँ पहले भी होती रही हैं।
क्या होगा आगे
फिलहाल सभी फंसे यात्री मार्ग बहाल होने का इंतज़ार कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी बताए जा रहे हैं। यात्रियों ने अपील की है कि राजमार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोला जाए ताकि वे अपने घरों को लौट सकें।