चारधाम यात्रा रोकी गई: भानेरपानी में भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे बंद, 45 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड में 29 जुलाई को भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा को फिर से स्थगित कर दिया गया। भानेरपानी के निकट पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और प्रशासन को सुरक्षा कारणों से यात्रा रोकने का निर्णय लेना पड़ा। यह निर्णय मंगलवार को लिया गया था और बुधवार को भी इसे जारी रखा गया।
मुख्य घटनाक्रम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लगातार भूस्खलन और भारी बारिश के अलर्ट के चलते कई यात्रा मार्ग असुरक्षित हो गए हैं। इसके साथ ही केदारनाथ हाईवे भी मुंकटिया क्षेत्र में मलबे और चट्टानें गिरने से बंद हो गया। भारी मशीनों की सहायता से युद्धस्तर पर राहत एवं मलबा हटाने का कार्य जारी है।
गढ़वाल मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि मौसम सामान्य होने, सभी प्रभावित मार्गों से मलबा हट जाने और उन्हें पूर्णतः सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा पुनः आरंभ होगी।
संवेदनशील क्षेत्र और बचाव कार्य
रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मुंकटिया में पहले भी सड़क बंद हो चुकी है और यह क्षेत्र अब भी अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यहाँ लगातार चट्टानें गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए श्रद्धालुओं को प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया जा रहा है। सेक्टर अधिकारी और बचाव दल निरंतर मार्ग की निगरानी कर रहे हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी जा रही है।
यात्रा कंट्रोल रूम पूरे घटनाक्रम पर सतत नज़र रखे हुए है। सेक्टर अधिकारियों, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को समय-समय पर निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या पर असर
इस वर्ष लगातार बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन का असर चारधाम यात्रा पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 25 जुलाई तक चारों धामों में कुल 45,23,412 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। पिछले 24 घंटे में केवल 8,126 श्रद्धालुओं ने यात्रा की — जिनमें 2,778 बद्रीनाथ, 2,475 गंगोत्री, 942 केदारनाथ और 895 यमुनोत्री पहुँचे।
यात्रा आरंभ से अब तक सर्वाधिक 15,53,525 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुँचे हैं। इसके बाद केदारनाथ में 14,14,590, गंगोत्री में 7,09,418 और यमुनोत्री में 6,49,957 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
प्रशासन की तैयारी और अगले कदम
पुलिस, जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें संवेदनशील इलाकों में पूरी तरह सतर्क हैं। सभी एजेंसियाँ हालात पर लगातार नज़र रखे हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनजर फिलहाल यात्रा स्थगित रखने का निर्णय अंतिम नहीं है — मार्गों की सुरक्षा समीक्षा के बाद ही अगला कदम तय होगा।