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चारधाम यात्रा 2025: 2 दिन के स्थगन के बाद गुरुवार सुबह 6 बजे से फिर शुरू, 45 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन

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चारधाम यात्रा 2025: 2 दिन के स्थगन के बाद गुरुवार सुबह 6 बजे से फिर शुरू, 45 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन

सारांश

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण दो दिन रोकी गई चारधाम यात्रा गुरुवार सुबह 6 बजे से फिर शुरू हो गई। 25 जुलाई तक 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं — बद्रीनाथ सबसे आगे। मौसम की अनिश्चितता के बीच प्रशासन सतर्क है।

मुख्य बातें

चारधाम यात्रा 30 जुलाई को सुबह 6 बजे से पुनः शुरू; 28-29 जुलाई को भूस्खलन व भारी बारिश के कारण स्थगित थी।
विशेष कार्याधिकारी प्रजापति नौटियाल ने गढ़वाल आयुक्त के निर्देश पर यात्रा बहाल होने की पुष्टि की।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार 25 जुलाई तक कुल 45,23,412 श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके।
बद्रीनाथ में सर्वाधिक 15,53,525 , केदारनाथ में 14,14,590 , गंगोत्री में 7,09,418 और यमुनोत्री में 6,49,957 श्रद्धालु पहुँचे।
इस वर्ष लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रतिदिन यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्थगित रहने के बाद गुरुवार, 30 जुलाई को सुबह 6 बजे से पुनः सुचारु रूप से संचालित कर दी गई। यात्रा प्रशासन के विशेष कार्याधिकारी प्रजापति नौटियाल ने बताया कि गढ़वाल आयुक्त और शासन के निर्देश पर यात्रा बहाल की गई है।

यात्रा क्यों रोकी गई थी

चारधाम यात्रा मार्ग के कई स्थानों पर भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध हो गए थे और मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने 28 और 29 जुलाई के लिए यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया था। यह इस मौसम में यात्रा का दूसरा बड़ा व्यवधान रहा।

अब तक कितने श्रद्धालु पहुँचे

सरकारी आँकड़ों के अनुसार 25 जुलाई तक उत्तराखंड के चारों धामों में कुल 45,23,412 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। धामवार आँकड़े इस प्रकार हैं — बद्रीनाथ में सर्वाधिक 15,53,525, केदारनाथ में 14,14,590, गंगोत्री में 7,09,418 और यमुनोत्री में 6,49,957 श्रद्धालु पहुँचे। इस वर्ष लगातार बारिश और भूस्खलन के बावजूद यह संख्या उल्लेखनीय मानी जा रही है।

इस साल मौसम का असर

इस साल मानसून के दौरान लगातार बारिश और भूस्खलन ने चारधाम यात्रा को बाधित किया है, जिससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में मानसूनी आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ी है। गौरतलब है कि 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद से यात्रा प्रशासन ने मौसम-आधारित स्थगन को सुरक्षा नीति का अनिवार्य हिस्सा बना लिया है।

चारधाम यात्रा: पृष्ठभूमि

चारधाम यात्रा हिमालय की ऊँचाई पर स्थित चार पवित्र स्थलों — यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ — की परिक्रमा है। परंपरा के अनुसार यात्रा दक्षिणावर्त दिशा में यमुनोत्री से आरंभ होकर बद्रीनाथ पर समाप्त होती है। ये मंदिर प्रत्येक वर्ष लगभग छह माह बंद रहते हैं — अप्रैल-मई में खुलते हैं और अक्टूबर-नवंबर में शीतकाल के साथ बंद हो जाते हैं।

आगे क्या

विशेष कार्याधिकारी प्रजापति नौटियाल ने स्पष्ट किया कि शासन और सरकार की ओर से कोई नया निर्देश आने पर श्रद्धालुओं को तत्काल सूचित किया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर नज़र रखते हुए प्रशासन यात्रा की निरंतरता सुनिश्चित करने में जुटा है। यात्रा के शेष माह में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वार्षिक नियम बन चुके हैं। हर साल लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा की निरंतरता के बीच प्रशासन को कठिन संतुलन बनाना पड़ता है। असली सवाल यह है कि क्या दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे — जैसे वैकल्पिक मार्ग, पूर्व-चेतावनी प्रणाली और श्रद्धालु-आश्रय केंद्र — उस गति से विकसित हो रहे हैं जिस गति से तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ रही है। 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच यात्रा प्रबंधन की तैयारी पर गंभीर पुनर्विचार ज़रूरी है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारधाम यात्रा 2025 फिर कब शुरू हुई?
चारधाम यात्रा 30 जुलाई 2025 को सुबह 6 बजे से पुनः शुरू कर दी गई। गढ़वाल आयुक्त और शासन के निर्देश पर यात्रा प्रशासन ने यह निर्णय लिया।
चारधाम यात्रा 28-29 जुलाई को क्यों रोकी गई थी?
यात्रा मार्ग के कई स्थानों पर भूस्खलन से रास्ते अवरुद्ध हो गए थे और मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 28 और 29 जुलाई के लिए यात्रा स्थगित की थी।
2025 में अब तक कितने श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार 25 जुलाई 2025 तक कुल 45,23,412 श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके थे। इनमें बद्रीनाथ में सर्वाधिक 15,53,525 तीर्थयात्री पहुँचे।
चारधाम यात्रा में कौन-से चार धाम शामिल हैं और यात्रा किस क्रम में होती है?
चारधाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं। परंपरा के अनुसार यात्रा दक्षिणावर्त दिशा में यमुनोत्री से शुरू होकर बद्रीनाथ पर समाप्त होती है।
चारधाम यात्रा कब तक चलती है और मंदिर कब बंद होते हैं?
ये मंदिर प्रत्येक वर्ष अप्रैल या मई में खुलते हैं और अक्टूबर या नवंबर में शीतकाल की शुरुआत के साथ बंद हो जाते हैं। इस प्रकार यात्रा लगभग छह माह तक चलती है।
राष्ट्र प्रेस
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