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चारधाम यात्रा 2025: 114 दिनों में 47 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, पिछले साल से 4.68 लाख अधिक

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चारधाम यात्रा 2025: 114 दिनों में 47 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, पिछले साल से 4.68 लाख अधिक

सारांश

मानसून की चुनौतियों के बीच उत्तराखंड की चारधाम यात्रा ने 114 दिनों में 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आँकड़ा पार कर लिया — पिछले साल से 4.68 लाख अधिक। बद्रीनाथ अकेले 16 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्रियों के साथ शीर्ष पर है।

मुख्य बातें

10 अगस्त 2025 तक 114 दिनों में 47,02,703 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए।
पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4,68,556 अधिक तीर्थयात्री — पिछले साल का आँकड़ा 42,34,147 था।
बद्रीनाथ में सर्वाधिक 16,12,112 श्रद्धालु; केदारनाथ में 14,50,116 , गंगोत्री में 7,37,629 , यमुनोत्री में 6,62,347 ।
हेमकुंड साहिब में 2,40,499 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए।
यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल 2025 को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने से हुई थी।

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2025 ने मानसून की बाधाओं को पार करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 10 अगस्त 2025 तक मात्र 114 दिनों में 47,02,703 श्रद्धालुओं ने चार पवित्र धामों के दर्शन किए — जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4,68,556 अधिक है। यह आँकड़ा इस यात्रा सीज़न को अब तक के सबसे सफल सीज़न में से एक बनाता है।

धाम-वार श्रद्धालुओं की संख्या

चारों धामों में बद्रीनाथ सबसे आगे रहा, जहाँ अब तक 16,12,112 श्रद्धालु पहुँचे। इसके बाद केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री में 6,62,347 तीर्थयात्री आए। इसके अतिरिक्त, 2,40,499 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में भी मत्था टेका। गौरतलब है कि 23 अप्रैल को बद्रीनाथ यात्रा के आरंभ के बाद से अब तक पिछले वर्ष की तुलना में 3,50,192 अधिक श्रद्धालु इस मंदिर के दर्शन कर चुके हैं।

मानसून के बीच भी जारी रही यात्रा

यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल 2025 को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ हुई थी। सक्रिय मानसून और प्रशासनिक चेतावनियों के बावजूद केवल सोमवार को ही 15,376 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। उस दिन बद्रीनाथ में 9,559, केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालु पहुँचे। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के कई मार्गों पर भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।

सरकार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा इंतज़ाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, 'सक्रिय मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे अलर्ट पर है। जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही यात्रा करें।' धामी स्वयं राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।

आम जनता पर असर और व्यवस्थाएँ

राज्य सरकार मौसम की प्रतिकूल स्थिति में यात्रा को अस्थायी रूप से रोककर श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित कर रही है। भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और पूरे मार्ग पर रहने, खाने और चिकित्सा सुविधाओं के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। यह ऐसे समय में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब श्रद्धालुओं की संख्या हर वर्ष नए शिखर छू रही है।

क्या होगा आगे

चारधाम यात्रा का सीज़न अक्टूबर-नवंबर तक जारी रहता है, जब कपाट शीतकाल के लिए बंद होते हैं। आँकड़ों की इस रफ़्तार को देखते हुए विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वर्ष का कुल आँकड़ा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है — बशर्ते मानसून से जुड़ी बाधाएँ सीमित रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े प्रश्न को भी रेखांकित करता है — क्या बढ़ती तीर्थयात्री संख्या के अनुरूप बुनियादी ढाँचा और आपदा प्रबंधन तंत्र तैयार है? हर वर्ष रिकॉर्ड टूटते हैं, लेकिन केदारनाथ जैसी त्रासदियों की स्मृति याद दिलाती है कि पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक भीड़ जानलेवा हो सकती है। मुख्यमंत्री धामी का 24 घंटे अलर्ट का दावा सराहनीय है, पर वास्तविक परीक्षा तब होती है जब अचानक बादल फटे या भूस्खलन हो। तीर्थयात्रा को पर्यटन की तरह बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बीच का यह संतुलन उत्तराखंड सरकार की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारधाम यात्रा 2025 में अब तक कितने श्रद्धालु आए हैं?
10 अगस्त 2025 तक 114 दिनों में कुल 47,02,703 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए हैं। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के आँकड़े 42,34,147 से 4,68,556 अधिक है।
चारधाम यात्रा 2025 कब शुरू हुई?
चारधाम यात्रा 2025 की शुरुआत 19 अप्रैल 2025 को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ हुई। बद्रीनाथ यात्रा 23 अप्रैल से आरंभ हुई।
किस धाम में सबसे अधिक श्रद्धालु पहुँचे हैं?
बद्रीनाथ में सर्वाधिक 16,12,112 श्रद्धालु पहुँचे हैं। इसके बाद केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री में 6,62,347 तीर्थयात्री आए।
मानसून के दौरान चारधाम यात्रा के लिए क्या सुरक्षा व्यवस्था है?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे अलर्ट पर है। भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और प्रतिकूल मौसम में यात्रा अस्थायी रूप से रोकी जाती है।
हेमकुंड साहिब में इस सीज़न कितने श्रद्धालु आए?
10 अगस्त 2025 तक 2,40,499 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका है। यह आँकड़ा चारधाम के मुख्य चार धामों से अलग है।
राष्ट्र प्रेस
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