एशियन गेम्स 2026: लक्ष्य सेन दूसरे राउंड में हारे, लोह कीन यू ने 21-12, 15-21, 21-14 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत अभियान 26 सितंबर, शनिवार को नागोया में पुरुष एकल के दूसरे राउंड में समाप्त हो गया। सिंगापुर के अनुभवी शटलर लोह कीन यू ने उन्हें 21-12, 15-21, 21-14 से पराजित करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। यह मुकाबला एक घंटे 10 मिनट तक चला और तीनों गेम में रोमांचक उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
मैच का घटनाक्रम
पहले गेम की शुरुआत में लक्ष्य सेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 5-1 की शुरुआती बढ़त हासिल की। हालाँकि, इसके बाद लोह कीन यू ने लगातार 10 पॉइंट अर्जित कर मैच का पूरा रुख पलट दिया और पहला गेम 21-12 से अपने नाम किया।
दूसरे गेम में सेन ने आक्रामक खेल का सहारा लिया और शानदार वापसी करते हुए गेम 21-15 से जीत मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। यह गेम भारतीय शटलर के संघर्ष और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण था।
निर्णायक तीसरे गेम में क्या हुआ
तीसरे और निर्णायक गेम में लोह ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मज़बूत की और मध्यांतर पर 11-6 की बढ़त बना ली। सेन ने हार मानने से इनकार करते हुए लगातार चार पॉइंट जोड़े और स्कोर 13-14 और फिर 14-16 तक पहुँचाया। लेकिन निर्णायक क्षण में लोह ने लगातार तीन पॉइंट लेकर अपनी बढ़त वापस पा ली और मैच पॉइंट पर पहुँचकर जीत सुनिश्चित की।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और आगे की राह
इस जीत के साथ लोह कीन यू का लक्ष्य सेन के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 5-7 हो गया — यानी सेन अब भी इस प्रतिद्वंद्विता में आगे हैं, लेकिन बड़े मंच पर फिर एक बार पिछड़े। लोह अब राउंड ऑफ 16 में अपने अगले मुकाबले के लिए उतरेंगे।
भारतीय बैडमिंटन दल पर असर
यह हार भारत के लिए व्यक्तिगत स्पर्धाओं में झटका है। गौरतलब है कि शुक्रवार को देश की शीर्ष रैंकिंग वाली पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी जल्दी बाहर हो गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब एशियन गेम्स में भारत का बैडमिंटन पदक का सपना मुख्यतः टीम इवेंट तक सिमट गया है।
हालाँकि, लक्ष्य सेन इस टूर्नामेंट से खाली हाथ नहीं लौट रहे — उन्होंने पहले पुरुष टीम इवेंट में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब भारत अपने शेष शटलर्स से व्यक्तिगत स्पर्धाओं में चुनौती जारी रखने की उम्मीद करेगा।