ईश्वर चंद्र विद्यासागर जयंती 2026: गडकरी, योगी, भजनलाल सहित कई नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
समाज सुधारक, शिक्षाविद् और बंगाल पुनर्जागरण के अग्रदूत ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर 26 सितंबर 2026 को देशभर के नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने एक्स पर पोस्ट कर विद्यासागर के नारी शिक्षा, सामाजिक समानता और मानव कल्याण के क्षेत्र में योगदान को याद किया।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'बंगाल पुनर्जागरण के प्रमुख स्तंभों में से एक और जाने-माने समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर को उनकी जयंती पर याद करते हुए।' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा, 'महान शिक्षाविद्, समाज सुधारक एवं भारतीय नवजागरण के अग्रदूत ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। नारी शिक्षा, सामाजिक समरसता एवं मानव कल्याण के लिए आपका अतुलनीय योगदान भारतीय समाज को निरंतर प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि विद्यासागर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार माना और बंगाली भाषा व साहित्य को सरल व आधुनिक स्वरूप देने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, 'बंगाल की धरती ने भारत को नवजागरण की जो चेतना दी, ईश्वर चन्द्र विद्यासागर उसके प्रखर प्रकाश-स्तंभ थे।'
राजस्थान, बिहार और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विद्यासागर को 'महान समाज सुधारक, प्रखर शिक्षाविद् एवं राष्ट्रभक्त स्वतंत्रता सेनानी' बताते हुए कहा कि उनके प्रगतिशील विचार राष्ट्र और समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए प्रेरणा देते रहेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, 'महान शिक्षाविद, समाज सुधारक एवं मानवतावादी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। शिक्षा के प्रसार, महिला शिक्षा और समाज में सुधार के लिए उनका समर्पित जीवन सदैव प्रेरणा देता रहेगा।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुधार के क्षेत्र में विद्यासागर का महत्वपूर्ण योगदान रहा और उनका सरल जीवन सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
विद्यासागर का ऐतिहासिक योगदान
ईश्वर चंद्र विद्यासागर 19वीं सदी के उन विरले समाज सुधारकों में से थे, जिन्होंने विधवा पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप 1856 में हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित हुआ — जो भारतीय सामाजिक इतिहास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। गौरतलब है कि उन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध भी संघर्ष किया और बंगाल में महिलाओं की शिक्षा के लिए अनेक स्कूल स्थापित किए।
यह ऐसे समय में विशेष प्रासंगिक हो जाता है जब देश में नारी शिक्षा और सामाजिक समानता की चर्चा नीति-निर्माण के केंद्र में बनी हुई है।
BJP नेताओं की सहभागिता
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शिक्षा के प्रसार, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार के लिए विद्यासागर के अथक प्रयास सदैव समाज को प्रेरणा देते रहेंगे। नेताओं की यह व्यापक सहभागिता दर्शाती है कि विद्यासागर की विरासत आज भी राजनीतिक सीमाओं से परे सम्मान पाती है।
आने वाली पीढ़ियों को उनके विचार और जीवन-दर्शन मार्गदर्शन देते रहेंगे — यह संकल्प हर पोस्ट में एकसमान प्रतिध्वनित हुआ।