30 अक्टूबर 2026
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डॉ. होमी जहांगीर भाभा जयंती: गडकरी, मनोहर लाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

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डॉ. होमी जहांगीर भाभा जयंती: गडकरी, मनोहर लाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

सारांश

डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जयंती पर देश के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर नमन किया — यह सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उस वैज्ञानिक विरासत की स्वीकृति है जिसने भारत को परमाणु शक्ति-सम्पन्न राष्ट्र बनाया। राजनीतिक मतभेदों से परे यह श्रद्धांजलि भाभा की अमर प्रासंगिकता की गवाह है।

मुख्य बातें

30 अक्टूबर 2026 को डॉ.
होमी जहांगीर भाभा की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने एक्स पर भाभा को नमन किया।
उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी , बिहार के सम्राट चौधरी , हरियाणा के नायब सैनी , राजस्थान के भजनलाल शर्मा , दिल्ली की रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मोहन यादव ने श्रद्धांजलि दी।
भाभा BARC और TIFR के संस्थापक तथा भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक थे।
उन्हें भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के शिल्पकार एवं महान भौतिकी वैज्ञानिक डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जयंती 30 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल सहित उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने एकस्वर में कहा कि भाभा की दूरदर्शी सोच और वैज्ञानिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक महान वैज्ञानिक पद्म भूषण डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जयंती पर उन्हें सादर नमन।' उन्होंने भाभा के योगदान को राष्ट्र-निर्माण में मील का पत्थर बताया।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'आपकी अद्वितीय प्रतिभा, वैज्ञानिक दृष्टि और अदम्य संकल्प ने भारत को आत्मनिर्भर और परमाणु शक्ति-सम्पन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। विज्ञान के माध्यम से राष्ट्र सेवा करने वाले आप जैसे सपूत हमेशा युवाओं के प्रेरणा स्रोत और मार्गदर्शक रहेंगे।'

मुख्यमंत्रियों के संदेश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, 'आपकी दूरदृष्टि ने भारत को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।' उन्होंने भाभा के जीवन को वैज्ञानिक नवाचार और राष्ट्र-निर्माण के समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर कहा, 'विज्ञान के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी दूरदर्शी सोच और वैज्ञानिक उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।'

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि भाभा ने 'अपनी अद्वितीय वैज्ञानिक प्रतिभा और अथक परिश्रम से भारत को परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई तथा आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की मजबूत नींव रखी।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. भाभा को याद करते हुए कहा कि 'राष्ट्र को विज्ञान और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में उनका अद्वितीय योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।'

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि 'उन्होंने अपने असाधारण वैज्ञानिक कौशल और दूरदर्शिता से भारत को परमाणु शक्ति के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव रखी।' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी एक्स पर लिखा कि 'वैज्ञानिक प्रगति को नई दिशा देने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।'

डॉ. भाभा की विरासत

गौरतलब है कि डॉ. होमी जहांगीर भाभा ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (TIFR) की स्थापना में केंद्रीय भूमिका निभाई। उन्हें भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का जनक माना जाता है, जिसकी नींव उन्होंने स्वतंत्रता के तत्काल बाद रखी। भारत सरकार ने उनकी सेवाओं को मान्यता देते हुए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को और विस्तार देने की दिशा में कार्यरत है। भाभा की विरासत आज भी देश की वैज्ञानिक नीति की रीढ़ बनी हुई है।

राष्ट्रीय एकता का संदेश

विभिन्न राज्यों और दलों के नेताओं द्वारा एक साथ श्रद्धांजलि अर्पित करना यह दर्शाता है कि डॉ. भाभा की वैज्ञानिक विरासत राजनीतिक सीमाओं से परे राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। भविष्य में भी युवा वैज्ञानिकों को उनके आदर्शों से दिशा मिलती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ा अनुत्तरित प्रश्न भी छुपा है — क्या आज भारत भाभा जैसी वैज्ञानिक प्रतिभाओं को पोषित करने का वैसा ही माहौल दे पा रहा है? BARC और TIFR जैसे संस्थानों में शोध-निवेश और वैज्ञानिकों की सेवा-शर्तें अभी भी बहस के केंद्र में हैं। श्रद्धांजलि तभी सार्थक होगी जब नीति-निर्माता विज्ञान के बजट और वैज्ञानिक स्वायत्तता पर उतनी ही दृढ़ता दिखाएँ, जितनी भाभा ने दशकों पहले दिखाई थी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. होमी जहांगीर भाभा कौन थे?
डॉ. होमी जहांगीर भाभा भारत के महान परमाणु भौतिकी वैज्ञानिक थे, जिन्हें भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का जनक माना जाता है। उन्होंने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (TIFR) की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाई और उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
डॉ. भाभा की जयंती कब मनाई जाती है?
डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जयंती प्रतिवर्ष 30 अक्टूबर को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में भी इसी दिन देशभर में केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
2026 की जयंती पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
30 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल के साथ-साथ उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, बिहार के सम्राट चौधरी, हरियाणा के नायब सैनी, राजस्थान के भजनलाल शर्मा, दिल्ली की रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मोहन यादव ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. भाभा का भारत के परमाणु कार्यक्रम में क्या योगदान था?
डॉ. भाभा ने स्वतंत्रता के तत्काल बाद भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की नींव रखी। उन्होंने BARC और TIFR जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों की स्थापना की, जो आज भी भारत की वैज्ञानिक प्रगति के स्तंभ हैं।
डॉ. भाभा को कौन-से सम्मान मिले थे?
डॉ. होमी जहांगीर भाभा को भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी परमाणु भौतिकी के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक के रूप में मान्यता प्राप्त थे।
राष्ट्र प्रेस
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