चार धाम यात्रा 2025: महज कुछ दिनों में 2.38 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सारांश
Key Takeaways
- 2,38,590 तीर्थयात्री चार धाम यात्रा 2025 में 25 अप्रैल शाम तक दर्शन कर चुके हैं।
- केदारनाथ धाम में सर्वाधिक 1,24,782 श्रद्धालु महज चार दिनों में पहुंचे।
- यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में 19 से 25 अप्रैल के बीच 75,924 तीर्थयात्री पहुंचे।
- बद्रीनाथ धाम में कपाट खुलने के तीन दिन में 37,884 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
- यात्रा मार्ग पर विशेष ट्रांजिट कैंप और ओपीडी स्थापित किए गए हैं।
- ओएसडी प्रजापति नौटियाल ने तीर्थयात्रियों से स्वास्थ्य सलाह का पालन करने और लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने का आग्रह किया।
देहरादून, 26 अप्रैल: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2025 की शुरुआत के साथ ही तीर्थयात्रियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के अनुसार 25 अप्रैल, शनिवार शाम 7 बजे तक चारों धामों में कुल 2 लाख 38 हजार 590 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके थे। छह महीने की शीतकालीन बंदी के बाद अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खुले इन द्वारों ने भक्तों में असीम उत्साह भर दिया है।
धाम-दर-धाम तीर्थयात्रियों की संख्या
श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुले और महज चार दिनों के भीतर 1,24,782 तीर्थयात्री भगवान शिव के दर पर पहुंचे। अकेले शनिवार को 31,160 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए, जो इस यात्रा सीजन का अब तक का सर्वाधिक एकदिवसीय आंकड़ा है।
श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुले। 23 से 25 अप्रैल के बीच 37,884 तीर्थयात्री धाम पहुंचे, जिनमें शनिवार को 13,107 श्रद्धालु शामिल थे।
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट सबसे पहले 19 अप्रैल को खोले गए। 19 से 25 अप्रैल के बीच इन दोनों धामों में कुल 75,924 तीर्थयात्री पहुंचे। इनमें यमुनोत्री धाम में 38,206 और गंगोत्री धाम में 37,718 श्रद्धालु शामिल रहे।
स्वास्थ्य सुरक्षा के विशेष इंतजाम
चार धाम यात्रा प्रशासन संगठन के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) प्रजापति नौटियाल ने बताया कि यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष ट्रांजिट कैंप स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त तीर्थ स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) भी संचालित किए जा रहे हैं।
नौटियाल ने सभी तीर्थयात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा आरंभ करने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी स्वास्थ्य सलाह को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसी के अनुसार यात्रा की योजना बनाएं।
उन्होंने कहा, "यदि यात्रा के दौरान चक्कर आना, सीने में दर्द या सिरदर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो तत्काल यात्रा मार्ग पर उपलब्ध ओपीडी या चिकित्सा दल से संपर्क करें।" यह सलाह विशेष रूप से बुजुर्ग और हृदय रोगियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यात्रा का ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
गौरतलब है कि 2023 में चार धाम यात्रा के दौरान अत्यधिक भीड़ और अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण कई तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई थी। उस वर्ष केदारनाथ में ही दर्जनों श्रद्धालुओं की हृदयाघात से मौत हुई थी। इसी सबक को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रशासन ने पहले से ही व्यापक स्वास्थ्य तंत्र तैयार किया है।
उल्लेखनीय है कि 2024 की चार धाम यात्रा में रिकॉर्ड 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे थे। इस वर्ष भी यात्रा की शुरुआती गति को देखते हुए अनुमान है कि यह संख्या पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है।
आगे की यात्रा और तैयारियां
इस वर्ष चार धाम यात्रा 2025 की शुरुआत 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ हुई। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले गए। यात्रा सीजन सामान्यतः नवंबर माह तक चलता है, जब शीतकाल के आगमन के साथ कपाट पुनः बंद किए जाते हैं।
प्रशासन का अनुरोध है कि श्रद्धालु पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराएं, उचित गर्म कपड़े साथ लाएं और पहाड़ी मौसम की अनिश्चितताओं को देखते हुए यात्रा मार्ग पर किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।