हरिद्वार मैकेनिक हैप्पी हत्याकांड: मुठभेड़ में शूटर मुदस्सिर गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार
सारांश
मुख्य बातें
हरिद्वार पुलिस ने 26 सितंबर 2026 की देर रात एक मुठभेड़ के बाद मोटरसाइकिल मैकेनिक हैप्पी की हत्या के मामले में मुख्य शूटर को गिरफ्तार किया। बहादराबाद-दौलतपुर के बीच जंगल में हुई इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में पुलिस की गोली लगी, जबकि दूसरा आरोपी मौके से भागने में सफल रहा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं अस्पताल पहुँचकर घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 26 सितंबर को देर रात विश्वसनीय सूचना के आधार पर टीम ने बहादराबाद-दौलतपुर जंगल क्षेत्र में दोनों आरोपियों को घेर लिया। इस पर आरोपियों ने पुलिस पर पहले गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली एक शूटर के पैर में लगी, जबकि दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घायल आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाया गया। उसकी पहचान सहारनपुर निवासी शूटर मुदस्सिर के रूप में हुई है। फरार दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
मूल हत्याकांड: क्या हुआ था 14 सितंबर को
14 सितंबर 2026 को बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र के शांतरशाह इलाके में अपनी दुकान पर बैठे 26 वर्षीय मोटरसाइकिल मैकेनिक हैप्पी पर दो नकाबपोश हमलावरों ने गोलियाँ चलाईं। हमले के बाद दोनों बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए मौके से भाग गए।
गंभीर रूप से घायल हैप्पी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। यह हत्या सरेआम और दिनदहाड़े अंजाम दी गई, जिसने स्थानीय क्षेत्र में दहशत फैला दी।
जाँच और पुलिस की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद बहादराबाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मुकदमा दर्ज किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर मामले का जल्द खुलासा करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
पुलिस हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे के संभावित कारणों का पता लगाने में जुटी थी। इसी जाँच के दौरान आरोपियों की लोकेशन की जानकारी मिली, जिसके बाद देर रात मुठभेड़ हुई।
आगे क्या होगा
गिरफ्तार शूटर मुदस्सिर के अस्पताल में इलाज के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी, जिससे हत्या की साजिश और फरार दूसरे आरोपी के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार पुलिस फिलहाल फरार बदमाश की तलाश में सघन अभियान चला रही है। गौरतलब है कि इस मामले में हत्या के पीछे के उद्देश्य का अभी तक सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।