मथुरा महोली हत्याकांड: मुख्य आरोपी विशाल मुठभेड़ में गिरफ्तार, दाहिने पैर में लगी गोली
सारांश
मुख्य बातें
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के महोली गाँव में 28 अक्टूबर 2026 को हुई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है — रविवार देर रात मुख्य आरोपी विशाल उर्फ विकास को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
रविवार रात करीब 11:15 बजे थाना हाईवे पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि महोली हत्याकांड का मुख्य आरोपी पालीखेड़ा से महोली की ओर आ रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल पालीखेड़ा मार्ग पर घेराबंदी कर दी।
पुलिस के अनुसार, बिना नंबर प्लेट की बाइक पर आ रहे युवक को रुकने का संकेत दिया गया। खुद को घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली आरोपी के दाहिने पैर में जा लगी।
आरोपी की पहचान और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल उर्फ विकास (32 वर्ष), पुत्र होरीलाल, निवासी ग्राम महोली, थाना हाईवे, जनपद मथुरा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया:
एक देसी तमंचा, नाल में फँसा एक खोखा कारतूस, दो अन्य खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर प्लेट की काले रंग की स्प्लेंडर प्लस बाइक। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल, मथुरा में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि 28 अक्टूबर को महोली गाँव में हुई हत्या के संबंध में थाना हाईवे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें मुख्य आरोपी की तलाश में सक्रिय थीं।
उन्होंने कहा कि मुखबिर की सूचना पर त्वरित घेराबंदी की गई और आरोपी द्वारा पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई अनिवार्य हो गई। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
गौरतलब है कि महोली गाँव में 28 अक्टूबर को हुई हत्या की घटना के बाद से ही पुलिस पर मुख्य आरोपी को पकड़ने का दबाव था। यह घटना ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश पुलिस कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ी नज़र बनाए हुए है। मात्र पाँच दिनों के भीतर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बताया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी का अस्पताल में उपचार जारी है और स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। जाँचकर्ता इस मामले में अन्य संभावित संदिग्धों की भूमिका की भी जाँच कर रहे हैं।