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आविन का दूध ₹5 प्रति लीटर महंगा करने का प्रस्ताव, तमिलनाडु सरकार की मंजूरी का इंतजार

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आविन का दूध ₹5 प्रति लीटर महंगा करने का प्रस्ताव, तमिलनाडु सरकार की मंजूरी का इंतजार

सारांश

तमिलनाडु की सहकारी दूध संस्था आविन ने ₹5 प्रति लीटर मूल्य वृद्धि का प्रस्ताव दिया है — विक्रेताओं को 75 पैसे प्रति पैकेट कमीशन पर्याप्त नहीं, कई आउटलेट बंद हो चुके हैं। कर्नाटक में ₹8 की बढ़ोतरी हो चुकी है; तमिलनाडु में फैसला सरकार के हाथ।

मुख्य बातें

आविन ने 2 नवंबर 2026 को खुदरा दूध कीमतों में ₹5 प्रति लीटर बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया।
प्रस्तावित वृद्धि में से ₹4 सहकारी समिति को और ₹1 आउटलेट संचालकों को मिलेगा।
आविन प्रतिदिन 35 लाख लीटर दूध खरीदती है; चेन्नई में दैनिक बिक्री करीब 15 लाख लीटर ।
विक्रेताओं को वर्तमान में प्रति पैकेट केवल 75 पैसे कमीशन मिलता है, जो परिचालन खर्चों के लिए अपर्याप्त।
निजी ब्रांड दूध ₹75 प्रति लीटर से अधिक पर बेच रहे हैं, जबकि पड़ोसी कर्नाटक में ₹8 की वृद्धि हो चुकी है।
बढ़ोतरी तमिलनाडु सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगी; अभी मौजूदा दरें यथावत।

तमिलनाडु की सहकारी दुग्ध आपूर्तिकर्ता संस्था आविन ने खुदरा दूध कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। 2 नवंबर 2026 को सामने आए इस प्रस्ताव में बढ़ती परिचालन लागत और दूध आउटलेट संचालकों की वित्तीय तंगी को मुख्य कारण बताया गया है। यह प्रस्ताव अभी तमिलनाडु राज्य सरकार के विचाराधीन है और सरकारी मंजूरी मिलने तक मौजूदा कीमतें यथावत रहेंगी।

प्रस्तावित मूल्य वृद्धि का ढाँचा

आविन सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित ₹5 की बढ़ोतरी में से ₹4 सहकारी समिति को मिलेंगे, जबकि शेष ₹1 दूध आउटलेट संचालकों के लिए निर्धारित किया गया है। इस प्रावधान का उद्देश्य छोटे विक्रेताओं के कारोबार को आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ बनाना है।

वर्तमान में 500 मिलीलीटर के नारंगी पैकेट की कीमत ₹30 है, हरे और बैंगनी पैकेट ₹24 में मिलते हैं, जबकि नीले पैकेट की कीमत ₹20 है। प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने पर इन सभी श्रेणियों में आनुपातिक वृद्धि होगी।

विक्रेताओं की वित्तीय चुनौतियाँ

दूध विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें प्रति पैकेट मात्र 75 पैसे का कमीशन मिलता है, जो बिजली बिल, दुकान किराया और अन्य परिचालन खर्चों के लिए अपर्याप्त है। सूत्रों के अनुसार, इसी वित्तीय दबाव के कारण कई नए खुले आविन आउटलेट कुछ महीनों के भीतर बंद हो गए हैं।

गौरतलब है कि आविन प्रतिदिन लगभग 35 लाख लीटर दूध की खरीद करती है और अकेले चेन्नई में दैनिक बिक्री करीब 15 लाख लीटर है। अपेक्षाकृत कम कीमत के चलते आविन दूध घरेलू उपभोक्ताओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों दोनों के बीच व्यापक रूप से लोकप्रिय है।

व्यावसायिक माँग और उपलब्धता का संकट

निजी कंपनियाँ दूध ₹75 प्रति लीटर से अधिक कीमत पर बेच रही हैं, जबकि आविन की कीमतें इससे काफी कम हैं। इस मूल्य अंतर के कारण होटल, चाय की दुकानें और मिठाई विक्रेता बड़ी मात्रा में आविन दूध खरीदते हैं, जिससे कई बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उपलब्धता प्रभावित होती है।

यह ऐसे समय में आया है जब हाल ही में सरकार द्वारा दूध खरीद मूल्य बढ़ाए जाने से किसानों को राहत तो मिली है, लेकिन सहकारी संस्था और उसके वितरण नेटवर्क की वित्तीय चुनौतियाँ अभी भी बरकरार हैं।

पड़ोसी राज्य से तुलना

आविन ने अपने प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया है कि पड़ोसी राज्य कर्नाटक में हाल ही में दूध कीमतों में ₹8 प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। इस लिहाज से तमिलनाडु के लिए प्रस्तावित ₹5 की बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम है।

आगे क्या होगा

फिलहाल यह प्रस्ताव तमिलनाडु राज्य सरकार के विचाराधीन है। जब तक सरकार इसे मंजूरी नहीं देती, आविन की मौजूदा खुदरा कीमतें ही लागू रहेंगी। राज्य सरकार की प्रतिक्रिया से तय होगा कि करोड़ों उपभोक्ताओं की जेब पर यह अतिरिक्त बोझ कब और किस रूप में पड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सब्सिडाइज़्ड सहकारी मॉडल की संरचनागत खामियों का संकेत है। 75 पैसे प्रति पैकेट का कमीशन ढाँचा तब तय हुआ था जब किराया, बिजली और श्रम लागत बहुत कम थी — उसे दशकों से अद्यतन नहीं किया गया। आउटलेट बंद होने की प्रवृत्ति दर्शाती है कि सस्ते दूध की नीति का बोझ सबसे निचले स्तर के विक्रेता उठा रहे हैं। व्यावसायिक खरीदारों द्वारा बड़े पैमाने पर आविन दूध की खरीद और घरेलू उपभोक्ताओं की उपलब्धता प्रभावित होना एक ऐसी विसंगति है जिसे केवल मूल्य वृद्धि से नहीं, वितरण नीति में बदलाव से भी सुधारना होगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आविन दूध की कीमत क्यों बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है?
आविन ने बढ़ती परिचालन लागत और दूध आउटलेट संचालकों की वित्तीय कठिनाइयों को देखते हुए ₹5 प्रति लीटर वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। विक्रेताओं को मात्र 75 पैसे प्रति पैकेट कमीशन मिलता है, जो बिजली, किराया और अन्य खर्चों के लिए पर्याप्त नहीं है।
आविन दूध की मौजूदा कीमतें क्या हैं?
वर्तमान में 500 मिलीलीटर के नारंगी पैकेट की कीमत ₹30 है, हरे और बैंगनी पैकेट ₹24 में उपलब्ध हैं, और नीले पैकेट की कीमत ₹20 है। प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने तक ये दरें यथावत रहेंगी।
क्या तमिलनाडु सरकार ने आविन की मूल्य वृद्धि को मंजूरी दे दी है?
नहीं, यह प्रस्ताव अभी तमिलनाडु राज्य सरकार के विचाराधीन है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नई कीमतें लागू होंगी।
प्रस्तावित ₹5 की वृद्धि का लाभ किसे मिलेगा?
प्रस्ताव के अनुसार, ₹5 में से ₹4 आविन सहकारी समिति को और ₹1 दूध आउटलेट संचालकों को मिलेगा। इसका उद्देश्य छोटे विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और आउटलेट बंद होने की समस्या को रोकना है।
कर्नाटक की तुलना में तमिलनाडु का प्रस्ताव कैसा है?
पड़ोसी राज्य कर्नाटक में हाल ही में दूध कीमतों में ₹8 प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। इस तुलना में तमिलनाडु के लिए प्रस्तावित ₹5 की बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम है।
राष्ट्र प्रेस
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