26 सितंबर 2026
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तमिलनाडु में प्राइवेट डेयरियों ने दूध ₹4/लीटर महंगा किया, 'आविन' एजेंटों ने कीमत समीक्षा की माँग की

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तमिलनाडु में प्राइवेट डेयरियों ने दूध ₹4/लीटर महंगा किया, 'आविन' एजेंटों ने कीमत समीक्षा की माँग की

सारांश

तमिलनाडु में हेरिटेज, तिरुमाला, जर्सी समेत प्राइवेट डेयरियों ने दूध ₹4/लीटर महंगा किया। अब 'आविन' और प्राइवेट दूध में ₹7-₹15/पैकेट का फर्क। एजेंट एसोसिएशन ने आविन कीमत समीक्षा और समर्पित दूध विभाग की माँग की — चेतावनी दी कि आपूर्ति संकट और गहरा सकता है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 26 सितंबर 2026 को राज्य सरकार से 'आविन' की रिटेल कीमतों की समीक्षा की माँग की।
हेरिटेज, तिरुमाला, जर्सी सहित कई प्राइवेट डेयरियों ने दूध ₹4/लीटर और दही ₹2/किग्रा महंगा किया; अरोकया ने यह बढ़ोतरी 21 सितंबर को ही लागू की थी।
नई दरों के बाद 500 मिलीलीटर टोंड दूध ₹32, स्टैंडर्डाइज्ड ₹37 और फुल क्रीम ₹42 हो जाएगा।
आविन और प्राइवेट दूध के बीच कीमत का अंतर ₹7 से ₹15 प्रति पैकेट तक पहुँच जाएगा।
एसोसिएशन के अनुसार आविन को प्रति लीटर ₹15 से अधिक का घाटा हो रहा है।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से दूध क्षेत्र के लिए समर्पित विभाग बनाने की माँग की है।

तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 26 सितंबर 2026 को राज्य सरकार से सहकारी डेयरी 'आविन' के रिटेल दूध की कीमतों की तत्काल समीक्षा करने की माँग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि प्राइवेट डेयरियों की बढ़ी हुई दरों और आविन की स्थिर कीमतों के बीच बढ़ता अंतर सहकारी संस्था की आपूर्ति पर भारी दबाव डाल सकता है और राज्यभर में दूध की कमी को और गहरा कर सकता है।

मुख्य घटनाक्रम

एसोसिएशन के अध्यक्ष पोन्नुसामी ने अपने बयान में बताया कि राज्य सरकार द्वारा आविन की दूध खरीद कीमत ₹6 प्रति लीटर बढ़ाने के बाद प्राइवेट डेयरियों ने भी किसानों को दी जाने वाली दर में वृद्धि कर दी है। इसके परिणामस्वरूप, तमिलनाडु और पड़ोसी राज्यों की डेयरी कंपनियाँ पहले से कम हो रहे दूध उत्पादन के बीच खरीद बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

एसोसिएशन के अनुसार, हेरिटेज, तिरुमाला, जर्सी सहित कई प्राइवेट डेयरी ब्रांड 26 सितंबर से दूध की रिटेल कीमत ₹4 प्रति लीटर और दही की कीमत ₹2 प्रति किलोग्राम तक बढ़ा रहे हैं। अरोकया ने इसी तरह की बढ़ोतरी पहले ही 21 सितंबर को लागू कर दी थी।

नई दरें: कितना बढ़ा दाम

बयान में दी गई जानकारी के अनुसार, 500 मिलीलीटर के पैकेट की नई कीमतें इस प्रकार होंगी — टोंड दूध ₹31 से ₹32, स्टैंडर्डाइज्ड दूध ₹35 से ₹37 और फुल क्रीम दूध ₹40 से ₹42। एक लीटर के पैकेट के लिए कीमतें क्रमशः ₹59 से ₹61, ₹68 से ₹70 और ₹78 से ₹81 हो जाएंगी। इसके अलावा, 500 ग्राम दही के पैकेट पर भी ₹1 की बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया है।

आविन और प्राइवेट डेयरी के बीच कीमत का अंतर

एसोसिएशन ने अनुमान लगाया है कि बढ़ोतरी के बाद 500 मिलीलीटर टोंड दूध पैकेट के लिए प्राइवेट और आविन की कीमत का अंतर ₹7, स्टैंडर्डाइज्ड दूध के लिए ₹15 और फुल क्रीम दूध के लिए ₹12 हो जाएगा। पोन्नुसामी के अनुसार, यह अंतर उपभोक्ताओं को बड़ी संख्या में आविन की ओर मोड़ सकता है, जो राज्यभर में पहले से महसूस की जा रही दूध की किल्लत को और बढ़ा देगा।

आविन की वित्तीय स्थिति पर चिंता

एसोसिएशन ने दावा किया है कि आविन को प्रति लीटर दूध पर औसतन ₹15 से अधिक का घाटा हो रहा है, क्योंकि खरीद लागत बढ़ने के बावजूद इसकी रिटेल कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया गया। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने अब तक आविन की रिटेल कीमतों में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है।

एसोसिएशन की माँगें और आगे की राह

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से दूध के उत्पादन, खरीद, वितरण और बिक्री की निगरानी के लिए एक समर्पित विभाग स्थापित करने का आग्रह किया है, ताकि किसानों, एजेंटों और प्राइवेट डेयरियों की समस्याओं का एकीकृत समाधान हो सके। साथ ही, एसोसिएशन ने निजी कंपनियों से बार-बार कीमतें बढ़ाने पर पुनर्विचार करने की अपील की है और कम व मध्यम आय वाले परिवारों पर इसके गंभीर असर की ओर ध्यान दिलाया है। यह माँग ऐसे समय में आई है जब दूध उत्पादन में कमी और खरीद लागत में वृद्धि एक साथ डेयरी क्षेत्र को दोहरे दबाव में डाल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तमिलनाडु की सहकारी डेयरी व्यवस्था की दीर्घकालिक व्यवहार्यता का सवाल है। आविन जैसी सहकारी संस्थाएँ तब तक जन-कल्याण का साधन बन सकती हैं जब तक उनकी वित्तीय नींव मज़बूत हो — लेकिन प्रति लीटर ₹15 से अधिक के घाटे का दावा, अगर सही है, तो यह संकेत देता है कि सब्सिडी की कीमत सरकारी खज़ाने पर पड़ रही है। निजी डेयरियों की बार-बार कीमत वृद्धि और आविन की स्थिर दरों के बीच बढ़ता अंतर उपभोक्ताओं को अल्पकाल में राहत देता है, लेकिन आपूर्ति संकट गहरा हुआ तो दीर्घकाल में यही उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित होंगे। समर्पित दूध विभाग की माँग नई नहीं है — असली परीक्षा इस पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया की होगी।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में प्राइवेट डेयरियों ने दूध की कीमत कितनी बढ़ाई है?
तमिलनाडु में हेरिटेज, तिरुमाला, जर्सी सहित कई प्राइवेट डेयरियों ने 26 सितंबर 2026 से दूध की रिटेल कीमत ₹4 प्रति लीटर और दही की कीमत ₹2 प्रति किलोग्राम तक बढ़ाई है। अरोकया पहले ही 21 सितंबर को यह बढ़ोतरी कर चुकी थी।
'आविन' की कीमत समीक्षा की माँग क्यों की जा रही है?
तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि आविन को प्रति लीटर ₹15 से अधिक का घाटा हो रहा है क्योंकि खरीद लागत बढ़ी है लेकिन रिटेल कीमतें नहीं बदलीं। साथ ही, प्राइवेट दूध महंगा होने से उपभोक्ता आविन की ओर आ सकते हैं, जिससे पहले से मौजूद दूध की कमी और बढ़ जाएगी।
नई कीमतों के बाद आविन और प्राइवेट दूध में कितना अंतर होगा?
एसोसिएशन के अनुमान के अनुसार, 500 मिलीलीटर टोंड दूध पैकेट के लिए यह अंतर ₹7, स्टैंडर्डाइज्ड दूध के लिए ₹15 और फुल क्रीम दूध के लिए ₹12 होगा। यह अंतर उपभोक्ताओं को आविन की ओर बड़े पैमाने पर आकर्षित कर सकता है।
एसोसिएशन ने सरकार से और क्या माँगें रखी हैं?
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से दूध के उत्पादन, खरीद, वितरण और बिक्री की निगरानी के लिए एक समर्पित विभाग बनाने की माँग की है। इसके अलावा, निजी डेयरी कंपनियों से बार-बार कीमतें बढ़ाने पर पुनर्विचार करने और कम व मध्यम आय वाले परिवारों को राहत देने की अपील की गई है।
क्या राज्य सरकार ने आविन की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है?
नहीं, 26 सितंबर 2026 तक राज्य सरकार ने आविन की रिटेल कीमतों में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल समीक्षा और कार्रवाई की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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