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तमिलनाडु: CM विजय का दूध खरीद मूल्य ₹44 प्रति लीटर करने का ऐलान, 3.15 लाख डेयरी किसानों को राहत

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तमिलनाडु: CM विजय का दूध खरीद मूल्य ₹44 प्रति लीटर करने का ऐलान, 3.15 लाख डेयरी किसानों को राहत

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में दूध खरीद मूल्य ₹41 से बढ़ाकर ₹44 प्रति लीटर करने की घोषणा की — पशु चारे और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी से जूझ रहे 3.15 लाख सहकारी डेयरी किसानों के लिए यह तत्काल राहत है।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय ने 31 अगस्त 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत दूध खरीद मूल्य बढ़ाने की घोषणा की।
दूध की सरकारी खरीद दर ₹41 से बढ़कर ₹44 प्रति लीटर हुई — ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि।
राज्यभर की सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 3.15 लाख पंजीकृत डेयरी किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
यह निर्णय पशु चारे, पशु चिकित्सा, दवाओं, मजदूरी और परिवहन की बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों की माँग पर लिया गया।
संशोधित दर केवल सहकारी सोसायटियों के नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले दूध पर लागू होगी; प्रभावी तिथि और वित्तीय प्रभाव का विवरण बाद में जारी होगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए राज्य में दूध की सरकारी खरीद कीमत ₹3 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹44 प्रति लीटर कर दी। इससे पहले यह दर ₹41 प्रति लीटर थी। इस निर्णय से राज्यभर की दूध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 3.15 लाख डेयरी किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

घोषणा का संदर्भ और समय

यह ऐलान तमिलनाडु विधानसभा की दो दिन की छुट्टी के बाद सत्र पुनः शुरू होते ही किया गया। मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि डेयरी किसान लंबे समय से दूध देने वाले मवेशियों के पालन-पोषण की बढ़ती लागत, पशु चारे की महँगाई और अन्य आवश्यक खर्चों में वृद्धि का हवाला देते हुए खरीद मूल्य में संशोधन की माँग कर रहे थे। सरकार ने उनकी माँगों पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया।

किसानों की आर्थिक चुनौतियाँ

सहकारी दूध उत्पादकों ने बार-बार यह तर्क दिया है कि उनकी आमदनी, पशु चारे, पशु चिकित्सा, दवाओं, मजदूरी और परिवहन की बढ़ती लागत के अनुपात में नहीं बढ़ी। छोटे और सीमांत किसान विशेष रूप से प्रभावित हैं, जो अपने दैनिक घरेलू और कृषि खर्चों के लिए दूध की बिक्री से होने वाली रोज़ाना की आय पर निर्भर रहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पशु आहार की कीमतें राष्ट्रीय स्तर पर लगातार ऊँची बनी हुई हैं।

सरकार का उद्देश्य

मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि इस कदम का मकसद डेयरी किसानों की आय को मज़बूत करना और राज्य के सहकारी डेयरी क्षेत्र में दूध की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, सरकार का मानना है कि दूध उत्पादन को टिकाऊ बनाए रखने और डेयरी पर निर्भर परिवारों की आजीविका की रक्षा के लिए उचित खरीद मूल्य अनिवार्य है।

लागू होने का दायरा

संशोधित दर सहकारी सोसायटियों के नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले दूध पर लागू होगी। सरकार ने बताया कि लगभग 3.15 लाख पंजीकृत दूध उत्पादकों को इस बढ़ी हुई दर का सीधा लाभ मिलेगा। संशोधित खरीद मूल्य की प्रभावी तिथि और राज्य के राजकोष पर इसके वित्तीय प्रभाव का विवरण सरकार द्वारा अलग से जारी किया जाएगा।

आगे की राह

इस ताज़ा फैसले से सहकारी समितियों को दूध सप्लाई करने वाले किसानों को तत्काल आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह निर्णय किसानों को दूध देने वाले मवेशियों का पालन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, खरीद मूल्य में यह वृद्धि राज्य के सहकारी डेयरी क्षेत्र की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह दर पशु चारे और उत्पादन लागत की वास्तविक वृद्धि के अनुपात में पर्याप्त है। गौरतलब है कि सहकारी डेयरी किसान वर्षों से यह तर्क देते आए हैं कि खरीद मूल्य उनकी इनपुट लागत से पीछे रहता है — एक ₹3 की बढ़ोतरी इस संरचनात्मक खाई को पाट सकती है या नहीं, यह देखना होगा। साथ ही, प्रभावी तिथि और राजकोष पर वित्तीय बोझ का खुलासा न होना पारदर्शिता की दृष्टि से एक अनुत्तरित प्रश्न छोड़ता है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में दूध खरीद मूल्य कितना बढ़ाया गया है?
तमिलनाडु सरकार ने दूध की सरकारी खरीद दर ₹41 से बढ़ाकर ₹44 प्रति लीटर कर दी है — यानी ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि। यह दर सहकारी सोसायटियों के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले दूध पर लागू होगी।
इस फैसले से कितने किसानों को फायदा होगा?
राज्यभर की दूध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 3.15 लाख पंजीकृत डेयरी किसानों को इस बढ़ी हुई खरीद दर का सीधा लाभ मिलेगा। छोटे और सीमांत किसान, जो दैनिक आय के लिए दूध बिक्री पर निर्भर हैं, विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।
CM विजय ने यह घोषणा कब और कहाँ की?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 31 अगस्त 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में दो दिन की छुट्टी के बाद सत्र पुनः शुरू होते ही नियम 110 के तहत यह घोषणा की।
दूध खरीद मूल्य बढ़ाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
डेयरी किसान लंबे समय से पशु चारे, पशु चिकित्सा, दवाओं, मजदूरी और परिवहन की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए खरीद मूल्य में संशोधन की माँग कर रहे थे। उनका तर्क था कि उनकी आमदनी इन खर्चों के अनुपात में नहीं बढ़ी है।
नई खरीद दर कब से लागू होगी?
सरकार ने अभी तक संशोधित खरीद मूल्य की प्रभावी तिथि और राज्य के राजकोष पर इसके वित्तीय प्रभाव का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया है। यह जानकारी अलग से दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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