19 अगस्त 2026
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तमिलनाडु में दूध खरीद मूल्य ₹41 प्रति लीटर हुआ, सीएम जोसेफ विजय ने विधानसभा में की घोषणा

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तमिलनाडु में दूध खरीद मूल्य ₹41 प्रति लीटर हुआ, सीएम जोसेफ विजय ने विधानसभा में की घोषणा

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने विधानसभा में दूध खरीद मूल्य ₹38 से बढ़ाकर ₹41 प्रति लीटर करने की घोषणा की। इससे 8,800 सहकारी समितियों से जुड़े 3.16 लाख उत्पादकों को फायदा होगा, लेकिन सरकारी खज़ाने पर सालाना ₹360 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 19 अगस्त 2026 को विधानसभा में दूध खरीद मूल्य में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की।
कुल खरीद मूल्य ₹38 से बढ़कर ₹41 प्रति लीटर हो गया — आधार मूल्य में ₹1 और सरकारी प्रोत्साहन ₹3 से ₹5 प्रति लीटर।
तमिलनाडु की 8,800 दूध सहकारी समितियों से जुड़े 3.16 लाख से अधिक उत्पादकों को सीधा लाभ।
राज्य में प्रतिदिन 34 लाख लीटर दूध उत्पादन; आविन के ज़रिए 31 लाख लीटर वितरण।
इस निर्णय से सरकार पर प्रतिमाह ₹30 करोड़ और प्रतिवर्ष ₹360 करोड़ का अतिरिक्त खर्च।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 19 अगस्त 2026 को विधानसभा के नियम 110 के तहत राज्य में दूध खरीद मूल्य में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की, जिससे कुल खरीद मूल्य ₹38 से बढ़कर ₹41 प्रति लीटर हो गया है। इस निर्णय से राज्य की 8,800 दूध सहकारी समितियों से जुड़े 3.16 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।

मूल्य वृद्धि का ढाँचा

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने स्पष्ट किया कि यह बढ़ोतरी दो स्तरों पर की गई है। सहकारी समितियों के माध्यम से आधार खरीद मूल्य में ₹1 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि राज्य सरकार का प्रोत्साहन ₹3 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर कर दिया गया है। गौरतलब है कि नवंबर 2022 से 4.3% फैट और 8.2% सॉलिड-नॉट-फैट (एसएनएफ) मानक वाले दूध के लिए आधार खरीद मूल्य ₹35 प्रति लीटर निर्धारित था।

दूध उत्पादन का वर्तमान परिदृश्य

मुख्यमंत्री के अनुसार, तमिलनाडु में प्रतिदिन 34 लाख लीटर दूध की आपूर्ति होती है, जिसमें से आविन (Aavin) के माध्यम से 31 लाख लीटर दूध प्रतिदिन उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाता है। यह नेटवर्क राज्य की डेयरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। विजय ने कहा, 'हमारी परंपरा की महानता यह है कि हम गाय को पवित्र मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं, क्योंकि गाय न सिर्फ अपने बछड़े के लिए, बल्कि इंसानों और कई अन्य जीवों के लिए भी दूध देती है, जिससे जीवन चलता है।'

पिछली सरकार पर आरोप

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने दूध उत्पादकों की बढ़ती श्रम लागत और कड़ी मेहनत को नज़रअंदाज़ किया तथा खरीद मूल्य बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 'गंभीर आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हमारी सरकार का यह दायित्व है कि वह दूध उत्पादकों की आजीविका सुनिश्चित करे।' यह बयान राज्य में डेयरी क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा की ओर इशारा करता है।

सरकारी खज़ाने पर असर

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि इस मूल्य वृद्धि से राज्य सरकार पर प्रतिमाह ₹30 करोड़ और प्रतिवर्ष ₹360 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पर पहले से ही राजकोषीय दबाव है, फिर भी सरकार ने किसान-हित को प्राथमिकता दी है।

आगे की राह

यह निर्णय तमिलनाडु की डेयरी सहकारिता को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ा हुआ मूल्य उत्पादकों को पशुपालन में निवेश जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे दीर्घकालिक दूध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ₹41 प्रति लीटर का मूल्य बढ़ती चारा लागत और श्रम खर्च के बीच उत्पादकों की वास्तविक लागत को कवर करता है। नवंबर 2022 से अब तक आधार मूल्य में केवल ₹6 की वृद्धि हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई दर काफी ऊपर रही। सरकारी प्रोत्साहन पर निर्भरता एक संरचनात्मक कमज़ोरी है — यदि भविष्य में राजकोषीय दबाव बढ़ा, तो यह प्रोत्साहन सबसे पहले कटौती का शिकार हो सकता है। दीर्घकालिक डेयरी स्वास्थ्य के लिए प्रोत्साहन-आधारित नहीं, बल्कि लागत-आधारित मूल्य निर्धारण तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में दूध खरीद मूल्य अब कितना है?
19 अगस्त 2026 की घोषणा के बाद तमिलनाडु में दूध खरीद मूल्य ₹41 प्रति लीटर हो गया है। पहले यह ₹38 प्रति लीटर था, जिसमें ₹35 आधार मूल्य और ₹3 सरकारी प्रोत्साहन शामिल था।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने दूध मूल्य वृद्धि की घोषणा कहाँ और कब की?
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 19 अगस्त 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत यह घोषणा की। यह राज्य सरकार की आधिकारिक नीतिगत घोषणा है।
इस दूध मूल्य वृद्धि से कितने उत्पादकों को फायदा होगा?
राज्य की 8,800 प्राथमिक दूध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े 3.16 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ मिलेगा। ये उत्पादक प्रतिदिन 34 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करते हैं।
इस निर्णय से तमिलनाडु सरकार पर कितना अतिरिक्त खर्च पड़ेगा?
मुख्यमंत्री विजय के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि से सरकार पर प्रतिमाह ₹30 करोड़ और प्रतिवर्ष ₹360 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
तमिलनाडु में आविन (Aavin) क्या है और इसकी क्या भूमिका है?
आविन तमिलनाडु सरकार की सहकारी डेयरी संस्था है, जो राज्य में दूध वितरण की प्रमुख कड़ी है। यह प्रतिदिन 31 लाख लीटर दूध उपभोक्ताओं तक पहुँचाती है और सहकारी समितियों के माध्यम से उत्पादकों से दूध खरीदती है।
राष्ट्र प्रेस
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