राष्ट्रीय राजमार्ग टोल संग्रह FY28 में 10-12% बढ़ने का अनुमान, दरों में संशोधन और स्थिर ट्रैफिक से मिलेगा बल
सारांश
मुख्य बातें
भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों से टोल संग्रह वित्त वर्ष 2027-28 में 10-12 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। आईसीआरए (ICRA) की 31 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि टोल दरों में संशोधन और ट्रैफिक में 4-5 प्रतिशत की अनुमानित बढ़ोतरी पर आधारित होगी। यह वित्त वर्ष 2026-27 के 7-9 प्रतिशत के अनुमानित विस्तार से उल्लेखनीय सुधार है।
वित्त वर्ष 2026-27 की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक की वृद्धि 4.5-5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 6 प्रतिशत थी। टोल दरों में इस वर्ष केवल 3.4-4 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो वृद्धि दर को सीमित रखेगी।
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंस्ट्रक्शन, माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग (CMM) के ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में 8.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जिसने नेशनल हाईवे ट्रैफिक में 6 प्रतिशत और टोल कलेक्शन में 10 प्रतिशत की वृद्धि को सहारा दिया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
आईसीआरए के कॉर्पोरेट रेटिंग्स के को-ग्रुप हेड सुप्रियो बनर्जी ने कहा, 'नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक में बढ़ोतरी काफी हद तक कंस्ट्रक्शन, माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग (CMM) के ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) के साथ-साथ चलती है।' उनके अनुसार, CMM क्षेत्र की गति ही राजमार्ग ट्रैफिक और टोल राजस्व का सबसे बड़ा निर्धारक है।
FY28 में दरों में बड़े संशोधन की उम्मीद
रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027-28 के लिए टोल दरों में अधिक संशोधन का अनुमान लगाया गया है। इसे वेस्ट एशिया संकट के बीच थोक मूल्य सूचकांक (WPI) महंगाई में अनुकूल बदलाव से सहारा मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2026 में WPI में 8-8.5 प्रतिशत और मार्च 2027 में 4.5-5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है।
सड़क निर्माण और प्रोजेक्ट अवार्ड्स
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सड़क निर्माण का काम वित्त वर्ष 2026-27 में 9,000-9,500 किलोमीटर के दायरे में रहने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में 9,380 किलोमीटर का निर्माण हुआ था। प्रोजेक्ट अवार्ड्स में लगातार सुस्ती के कारण यह आँकड़ा लगभग स्थिर बना हुआ है।
हालाँकि, प्रोजेक्ट अवार्ड्स वित्त वर्ष 2025-26 के लगभग 7,000 किलोमीटर से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में 8,000-8,500 किलोमीटर तक पहुँचने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) के ज़रिए प्रोजेक्ट अवार्ड करना पसंदीदा तरीका बना रहेगा, जबकि सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए BOT (टोल) परियोजनाओं पर धीरे-धीरे ध्यान केंद्रित कर रही है।
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब सरकार बुनियादी ढाँचे में निवेश को गति देने की कोशिश कर रही है और राजमार्ग क्षेत्र में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत बदलाव किए जा रहे हैं।