चिराग पासवान बोले: किसी एक वर्ग का हक छीनकर दूसरे की चिंता नहीं होगी दूर, संवाद ही है समाधान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में आरक्षण समीक्षा को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार, 31 अगस्त को पटना में स्पष्ट किया कि समाज के किसी एक वर्ग की समस्या का समाधान दूसरे वर्ग के आरक्षण या संवैधानिक संरक्षण को समाप्त करके नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और ऊंची जाति — सभी की चिंताओं को दूर करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, और इसका एकमात्र रास्ता संवाद है।
आरक्षण विवाद पर चिराग का रुख
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, 'मैंने हमेशा कहा है कि संवाद से ही समाधान निकलेगा। जो भी वर्ग अपनी चिंताओं को लेकर परेशान है, उससे संवाद होना चाहिए। संवाद के जरिए रास्ता जरूर निकलेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि ऊंची जाति के लोगों की आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण पहले ही लागू किया है। यदि इसके बाद भी किसी वर्ग में असंतोष है, तो उस पर विचार किया जाना चाहिए — परंतु किसी अन्य वर्ग का हक छीनकर नहीं।
सामाजिक एकता पर जोर
चिराग पासवान ने कहा कि वह न अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ अन्याय होने देंगे, न पिछड़े वर्ग के साथ और न ही ऊंची जाति के साथ। उन्होंने समाज में बिखराव पैदा करने की किसी भी कोशिश को विफल करने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा जाति नहीं, बल्कि 'जमात' की बात की है — यानी सभी वर्गों को साथ लेकर चलना। उन्होंने इस सोच को केंद्र सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र से जोड़ा।
पार्टी नेता पर लगे आरोप: चिराग का सख्त संदेश
बिहार सरकार में मंत्री और लोजपा (रामविलास) के एक विधायक पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर चिराग पासवान ने साफ कहा कि वह किसी का भी संरक्षण नहीं करेंगे — चाहे वह उनकी पार्टी का सदस्य हो या परिवार का।
उन्होंने बताया कि पार्टी ने संबंधित नेता से जवाब-तलब किया है और उन्होंने पार्टी फोरम पर अपना पक्ष रखा है। साथ ही, आरोप लगाने वाले नेता के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज कराया गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
चिराग पासवान ने बिहार सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली युवती को तथ्य सामने रखने चाहिए और जिस होटल में घटना होने का दावा किया गया है, उसके प्रबंधन को भी सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी का कोई सदस्य दोषी पाया जाता है, तो उसे पद से हटाने के साथ पार्टी से भी निष्कासित किया जाएगा और कड़ी सजा दिलाने में वह पूरी भूमिका निभाएंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में आरक्षण की राजनीति एक बार फिर केंद्र में आ गई है और विभिन्न वर्गों में असंतोष के स्वर तेज हो रहे हैं।