31 अगस्त 2026
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चिराग पासवान बोले: किसी एक वर्ग का हक छीनकर दूसरे की चिंता नहीं होगी दूर, संवाद ही है समाधान

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चिराग पासवान बोले: किसी एक वर्ग का हक छीनकर दूसरे की चिंता नहीं होगी दूर, संवाद ही है समाधान

सारांश

बिहार में आरक्षण की राजनीति गर्म है — और चिराग पासवान ने साफ कह दिया कि किसी एक वर्ग का हक छीनकर दूसरे की समस्या हल नहीं होगी। संवाद को ही समाधान बताते हुए उन्होंने पार्टी के आरोपी नेता पर भी सख्त रुख अपनाया।

मुख्य बातें

चिराग पासवान ने 31 अगस्त को पटना में कहा कि किसी एक वर्ग का आरक्षण छीनकर दूसरे की चिंता दूर नहीं की जा सकती।
उन्होंने SC, ST, OBC और ऊंची जाति — सभी वर्गों की चिंताओं को संवाद से दूर करने की वकालत की।
केंद्र सरकार द्वारा लागू EWS आरक्षण (10%) का उल्लेख करते हुए आर्थिक आधार पर और चर्चा का संकेत दिया।
पार्टी के आरोपी नेता पर कहा — दोषी पाए जाने पर पद से हटाने के साथ पार्टी से भी निष्कासन होगा।
बिहार सरकार से संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।

बिहार में आरक्षण समीक्षा को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार, 31 अगस्त को पटना में स्पष्ट किया कि समाज के किसी एक वर्ग की समस्या का समाधान दूसरे वर्ग के आरक्षण या संवैधानिक संरक्षण को समाप्त करके नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और ऊंची जाति — सभी की चिंताओं को दूर करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, और इसका एकमात्र रास्ता संवाद है।

आरक्षण विवाद पर चिराग का रुख

मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, 'मैंने हमेशा कहा है कि संवाद से ही समाधान निकलेगा। जो भी वर्ग अपनी चिंताओं को लेकर परेशान है, उससे संवाद होना चाहिए। संवाद के जरिए रास्ता जरूर निकलेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि ऊंची जाति के लोगों की आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर भी चर्चा की जाएगी।

उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण पहले ही लागू किया है। यदि इसके बाद भी किसी वर्ग में असंतोष है, तो उस पर विचार किया जाना चाहिए — परंतु किसी अन्य वर्ग का हक छीनकर नहीं।

सामाजिक एकता पर जोर

चिराग पासवान ने कहा कि वह न अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ अन्याय होने देंगे, न पिछड़े वर्ग के साथ और न ही ऊंची जाति के साथ। उन्होंने समाज में बिखराव पैदा करने की किसी भी कोशिश को विफल करने का संकल्प दोहराया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा जाति नहीं, बल्कि 'जमात' की बात की है — यानी सभी वर्गों को साथ लेकर चलना। उन्होंने इस सोच को केंद्र सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र से जोड़ा।

पार्टी नेता पर लगे आरोप: चिराग का सख्त संदेश

बिहार सरकार में मंत्री और लोजपा (रामविलास) के एक विधायक पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर चिराग पासवान ने साफ कहा कि वह किसी का भी संरक्षण नहीं करेंगे — चाहे वह उनकी पार्टी का सदस्य हो या परिवार का।

उन्होंने बताया कि पार्टी ने संबंधित नेता से जवाब-तलब किया है और उन्होंने पार्टी फोरम पर अपना पक्ष रखा है। साथ ही, आरोप लगाने वाले नेता के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज कराया गया है।

निष्पक्ष जांच की मांग

चिराग पासवान ने बिहार सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली युवती को तथ्य सामने रखने चाहिए और जिस होटल में घटना होने का दावा किया गया है, उसके प्रबंधन को भी सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी का कोई सदस्य दोषी पाया जाता है, तो उसे पद से हटाने के साथ पार्टी से भी निष्कासित किया जाएगा और कड़ी सजा दिलाने में वह पूरी भूमिका निभाएंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में आरक्षण की राजनीति एक बार फिर केंद्र में आ गई है और विभिन्न वर्गों में असंतोष के स्वर तेज हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ ऊंची जाति के असंतोष को भी जगह देना। परंतु 'संवाद से समाधान' की बात तब तक खोखली लगती है जब तक कोई ठोस तंत्र न हो। बिहार में आरक्षण की समीक्षा का मुद्दा 2025 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और संवेदनशील हो गया है, और लोजपा (रामविलास) की स्थिति NDA गठबंधन में उसे किसी भी पक्ष को नाराज करने की छूट नहीं देती। पार्टी नेता पर आरोपों में सख्त रुख दिखाना नैतिक छवि बनाने की कोशिश है, लेकिन मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना एक साथ दोनों दिशाओं में खेलने जैसा है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने आरक्षण विवाद पर क्या कहा?
चिराग पासवान ने 31 अगस्त को पटना में कहा कि किसी एक वर्ग का आरक्षण या संवैधानिक संरक्षण छीनकर दूसरे वर्ग की चिंता दूर नहीं की जा सकती। उन्होंने संवाद को एकमात्र समाधान बताया और सभी वर्गों — SC, ST, OBC और ऊंची जाति — की समस्याओं को मिलकर सुलझाने की बात कही।
ऊंची जाति के आरक्षण की मांग पर चिराग का क्या रुख है?
चिराग पासवान ने कहा कि ऊंची जाति के लोगों की आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र सरकार पहले ही EWS वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है, और यदि इसके बाद भी असंतोष है तो उस पर विचार होना चाहिए।
लोजपा (रामविलास) के नेता पर लगे आरोपों पर चिराग ने क्या कहा?
चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि पार्टी या परिवार का सदस्य होने पर भी वह किसी दोषी का संरक्षण नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को पद से हटाने के साथ पार्टी से भी निष्कासित किया जाएगा।
चिराग पासवान ने बिहार सरकार से क्या मांग की?
चिराग पासवान ने बिहार सरकार से संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली युवती को तथ्य सामने रखने चाहिए और होटल प्रबंधन को भी जांच में सहयोग करना चाहिए।
'सबका साथ, सबका विकास' से चिराग ने आरक्षण मुद्दे को कैसे जोड़ा?
चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी जाति नहीं, 'जमात' की बात करती है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना उनकी सोच है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि समाज में बिखराव की किसी भी कोशिश को वह सफल नहीं होने देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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