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SC/ST आरक्षण पर चिराग पासवान का बड़ा बयान: 'आकलन की मांग करने वाले इसका मतलब नहीं समझते'

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SC/ST आरक्षण पर चिराग पासवान का बड़ा बयान: 'आकलन की मांग करने वाले इसका मतलब नहीं समझते'

सारांश

चिराग पासवान ने साफ कहा — SC/ST आरक्षण का आकलन करना इसे खत्म करने की शुरुआत है। सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में आर्थिक पैमाना लागू नहीं होता। साथ ही नेपाल बाढ़ में लापता भारतीयों के लिए हेल्पलाइन शुरू होने की जानकारी भी दी।

मुख्य बातें

चिराग पासवान ने 28 अगस्त को पटना में कहा कि SC/ST आरक्षण का आधार सामाजिक न्याय है, आर्थिक स्थिति नहीं।
उन्होंने चेतावनी दी कि आरक्षण का आकलन करने का अर्थ है 'लोगों को सिस्टम से बाहर करना।' वर्ग के भीतर विभाजन पर चिंता जताई — 'आज एक हैं तो आवाज बन रहे हैं, बटेंगे तो कोई नहीं सुनेगा।' राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का स्वागत किया, लेकिन राजनीतिक दुरुपयोग न हो, यह चिंता भी जताई।
नेपाल बाढ़ में लापता भारतीयों के लिए हेल्पलाइन शुरू; PM मोदी के निर्देश पर राहत कार्य जारी।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने 28 अगस्त को पटना में स्पष्ट कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के आरक्षण का आकलन करने की माँग उठाने वाले लोग इस व्यवस्था की मूल भावना को नहीं समझते। उनके अनुसार, आरक्षण का आधार आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय है — और इसे बदलने की कोशिश लाखों वंचितों को 'सिस्टम से बाहर' करने जैसी होगी।

आरक्षण पर चिराग पासवान का रुख

चिराग पासवान ने कहा, 'आरक्षण का आकलन करने का मतलब है लोगों को सिस्टम से बाहर करना और इसके दायरे को कम करना। संविधान में हर स्तर पर हर तरीके के आरक्षण की व्यवस्था है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण का आधार कभी आर्थिक हो ही नहीं सकता, क्योंकि यह सदियों के सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की प्रतिक्रिया है।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को गाँवों से दूर रखा जाता था — 'छूना तो दूर की बात, देखना भी पाप माना जाता था।' वहीं अनुसूचित जनजातियों की अपनी विशिष्ट वेश-भूषा, रहन-सहन और भाषाई पहचान रही है। इन्हीं आधारों पर संविधान ने इन वर्गों को अनुसूचित किया और आरक्षण की व्यवस्था की।

सामाजिक एकता की अपील

पासवान ने आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण या विभाजन को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'आज एकजुट हैं, तब इस वर्ग को इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। सोचिए, जब ये बंट कर तीन-चार प्रतिशत रह जाएंगे तो इनकी बात कौन सुनेगा?' उन्होंने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य दलित नेताओं के साथ हो रही घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भेदभाव आज भी जारी है।

राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर चिराग पासवान ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह अच्छी बात है कि छात्रों की आवाज सुनी जा रही है। मेरी बस यही चिंता है कि छात्रों के मंच का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए नहीं होना चाहिए।' उन्होंने सुझाव दिया कि विपक्षी नेताओं को छात्रों की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए संबंधित मुख्यमंत्रियों से सीधा संवाद करना चाहिए।

उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पहले छात्रों से बात की और फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद 'काफी हद तक समस्याओं का समाधान किया।' उनका कहना था कि सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर काम करें तो सही समाधान संभव है।

नेपाल बाढ़ और बिहार पर असर

नेपाल में आई अचानक बाढ़ को लेकर चिराग पासवान ने गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा, 'यह हम सभी के लिए बहुत दुखद घटना है, खासकर इसलिए क्योंकि यह रक्षाबंधन के त्योहार के आसपास हुई।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश पर नेपाल तक हर संभव सहायता पहुँचाई जा रही है। इस आपदा में कई भारतीय नागरिक भी लापता हैं, जिनके लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार के सीमावर्ती जिलों में नेपाल की नदियों के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पासवान ने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे SC/ST में अपेक्षाकृत सशक्त जातियाँ ही अधिकतर लाभ उठाती रही हैं।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने SC/ST आरक्षण के आकलन पर क्या कहा?
चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण का आकलन करने की माँग उठाने वाले इसकी मूल भावना को नहीं समझते। उनके अनुसार, SC/ST आरक्षण का आधार सामाजिक न्याय है और इसमें आर्थिक पैमाना लागू नहीं किया जा सकता।
SC/ST आरक्षण में आर्थिक आधार क्यों नहीं जोड़ा जा सकता?
चिराग पासवान के अनुसार, इन वर्गों को आरक्षण छुआछूत और सामाजिक बहिष्कार के ऐतिहासिक भेदभाव के कारण दिया गया है, न कि आर्थिक कमज़ोरी के आधार पर। इसलिए आर्थिक मानदंड जोड़ना इसके संवैधानिक उद्देश्य के विरुद्ध होगा।
चिराग पासवान ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर क्या कहा?
उन्होंने कार्यक्रम का स्वागत किया, लेकिन चेताया कि छात्रों के मंच का राजनीतिक दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान के लिए विपक्षी नेताओं को संबंधित मुख्यमंत्रियों से सीधा संवाद करना चाहिए।
नेपाल बाढ़ पर चिराग पासवान ने क्या जानकारी दी?
उन्होंने बताया कि PM मोदी के निर्देश पर नेपाल को हर संभव सहायता पहुँचाई जा रही है। बाढ़ में लापता भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है।
आरक्षण के भीतर विभाजन पर चिराग पासवान की क्या राय है?
पासवान ने SC/ST वर्ग में किसी भी प्रकार के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि एकजुट रहने पर ही इस वर्ग की आवाज सुनी जाती है — बिखरने पर इनकी राजनीतिक और सामाजिक ताकत कमज़ोर हो जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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