7 अगस्त 2026
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आरक्षण समीक्षा पर संजय निषाद का बड़ा बयान: पिछड़े वर्गों को आबादी के अनुसार मिले अलग-अलग लाभ

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आरक्षण समीक्षा पर संजय निषाद का बड़ा बयान: पिछड़े वर्गों को आबादी के अनुसार मिले अलग-अलग लाभ

सारांश

UP मंत्री संजय निषाद ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की माँग उठाई — कहा कि पिछड़े वर्गों की हर जाति को आबादी के अनुसार अलग-अलग लाभ मिले, न कि समूह के आधार पर। RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कांग्रेस और कांवड़ विवाद पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

UP मंत्री संजय निषाद ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की माँग की।
उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों की सभी जातियों को उनकी वास्तविक आबादी और स्थिति के अनुसार अलग-अलग आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के युवाओं और आरक्षण पर दिए गए बयानों का निषाद ने समर्थन किया।
मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ियों पर विवादित बयान की निंदा करते हुए निषाद ने कानूनी कार्रवाई की माँग की।
पार्टी के मंडली कार्यकर्ता सम्मेलन की शुरुआत आज से; 16 अगस्त को लखनऊ में स्थापना दिवस।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की माँग करते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों की सभी जातियों को उनकी वास्तविक आबादी और सामाजिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उनके बयान ने सामाजिक न्याय की बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

हथकरघा दिवस पर मंत्री की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर की गई अपील का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा कि यह दिन हथकरघा से जुड़े सभी कारीगरों को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने रेखांकित किया कि हथकरघा केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति की ऐतिहासिक धरोहर है। मंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए नीतियाँ बना रही हैं और कारीगरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की माँग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर दिए गए हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए निषाद ने कहा कि पिछली सरकारों ने सामाजिक न्याय के साथ अन्याय किया है। उनके अनुसार, कई वर्गों का अधिकार छीनकर दूसरे वर्गों को लाभ दिया गया। उन्होंने माँग की कि सामाजिक न्याय समिति की सिफारिशों के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए। निषाद ने यह भी कहा कि वर्तमान व्यवस्था में मजबूत वर्ग अधिक लाभ उठा लेते हैं, जबकि कमजोर और वंचित समुदाय पीछे रह जाते हैं।

युवाओं और राजनीति पर RSS प्रमुख के बयान का समर्थन

मोहन भागवत की युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी का भी निषाद ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राजनीति का केंद्र युवाओं को होना चाहिए क्योंकि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। उन्होंने कहा, 'जब सड़क पर युवाओं की आवाज उठती है तो उसकी गूंज सदन तक पहुँचती है और जब सदन में चर्चा होती है तो समस्याओं का समाधान निकलता है।'

कांवड़ यात्रा विवाद और धार्मिक सौहार्द

मौलाना साजिद रशीदी द्वारा कांवड़ियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। निषाद ने कहा कि किसी भी समुदाय या धार्मिक आस्था के विरुद्ध असंवैधानिक और आपत्तिजनक भाषा का उपयोग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर जेल भेजने की माँग की। रामपुर पुलिस अधीक्षक के गौकशी संबंधी बयान पर भी निषाद ने कहा कि सभी धर्मों की आस्था का सम्मान होना चाहिए और इस तरह के कृत्यों में शामिल लोगों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस पर निशाना और पार्टी के आगामी कार्यक्रम

प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र सम्मेलन पर निषाद ने कहा कि यदि पिछली सरकारों ने युवाओं के लिए समय रहते प्रभावी नीतियाँ बनाई होतीं तो आज युवाओं को सड़कों पर उतरने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं की शिक्षा, रोजगार और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए आज से मंडली कार्यकर्ता सम्मेलन की शुरुआत हो रही है, जिसमें सातों जिलाध्यक्ष, लोकसभा प्रभारी और गांव स्तर तक के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल होंगे। पहले चरण में प्रतिदिन आठ-आठ मंडलियों का सम्मेलन आयोजित होगा और 16 अगस्त को लखनऊ में पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब तक बड़ी OBC जातियों के वर्चस्व से असंतुष्ट रही हैं।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने आरक्षण समीक्षा की माँग क्यों की?
संजय निषाद का कहना है कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में मजबूत वर्ग अधिक लाभ उठा लेते हैं जबकि कमजोर और वंचित समुदाय पीछे रह जाते हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति की सिफारिशों के अनुरूप समीक्षा की माँग की है।
संजय निषाद के अनुसार पिछड़े वर्गों को आरक्षण कैसे मिलना चाहिए?
निषाद के अनुसार पिछड़े वर्गों की सभी जातियों को उनकी वास्तविक आबादी और सामाजिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए, न कि केवल समूह के आधार पर एकमुश्त लाभ।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के किस बयान का संजय निषाद ने समर्थन किया?
संजय निषाद ने मोहन भागवत की युवाओं को राजनीति के केंद्र में रखने वाली टिप्पणी का समर्थन किया। उन्होंने भागवत के आरक्षण संबंधी बयान पर भी सहमति जताते हुए पिछली सरकारों पर सामाजिक न्याय के साथ अन्याय का आरोप लगाया।
कांवड़ यात्रा विवाद पर संजय निषाद ने क्या कहा?
मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ियों पर दिए विवादित बयान की निंदा करते हुए निषाद ने कहा कि किसी भी धार्मिक आस्था के विरुद्ध असंवैधानिक भाषा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर जेल भेजने की माँग की।
संजय निषाद की पार्टी के आगामी कार्यक्रम क्या हैं?
7 अगस्त से मंडली कार्यकर्ता सम्मेलन की शुरुआत हो रही है जिसमें पहले चरण में प्रतिदिन आठ-आठ मंडलियों का सम्मेलन होगा। 16 अगस्त को लखनऊ में पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जाएगा और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का अभियान चलाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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