अंबाजी भादरवी पूनम मेला 2026: GSRTC की 1,000 बसों से 30,000 अतिरिक्त फेरे, 15 लाख तीर्थयात्रियों को लाभ
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) ने अंबाजी में आयोजित होने वाले भादरवी पूनम मेले के लिए 1,000 बसों के बेड़े के माध्यम से लगभग 30,000 अतिरिक्त फेरे संचालित करने की व्यवस्था की है, जिससे लगभग 15 लाख तीर्थयात्रियों को सुगम परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। ये विशेष सेवाएँ 26 सितंबर 2026 तक जारी रहेंगी।
उद्घाटन और अधिकारियों की उपस्थिति
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को परिवहन राज्य मंत्री प्रवीण माली और शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला की उपस्थिति में इन अतिरिक्त बस सेवाओं का उद्घाटन किया तथा नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस कार्यक्रम में परिवहन विभाग के प्रधान सचिव हरीत शुक्ला, अहमदाबाद के महापौर हितेश बरोट और विधायक अमित ठाकर, हसमुख पटेल, अमूल भट्ट, कौशिक जैन तथा दिनेश कुशवाहा समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
संचालन क्षेत्र और रूट
विशेष बस सेवाएँ पालनपुर, मेहसाना, हिम्मतनगर और अहमदाबाद डिवीजनों में संचालित होंगी। इन सेवाओं से अंबाजी और गब्बर, अबू रोड, दांता, डीसा, पालनपुर तथा सिद्धपुर जैसे प्रमुख स्थलों के बीच नियमित संपर्क बना रहेगा।
इसके अतिरिक्त, मेहसाना, विसनगर, बेचराजी, वडनगर, खेरालू, हिम्मतनगर, इदर, खेदब्रह्मा, शामलाजी और भीलोदा की दिशा में भी बसें चलाई जाएंगी।
तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएँ
GSRTC ने अंबाजी में 10 सहायता बूथ स्थापित किए हैं, जहाँ पर्यवेक्षक और बूथ प्रभारी तैनात किए गए हैं। परिवहन विभाग ने तीर्थयात्रियों के लिए अस्थायी आश्रय स्थल, पेयजल और सार्वजनिक शौचालय की भी व्यवस्था सुनिश्चित की है।
मेला परिसर में माइक के ज़रिए घोषणाएँ की जाएंगी, जबकि होर्डिंग्स और बैनरों पर बूथ प्रभारियों की जानकारी और संपर्क नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे।
तकनीक और आपातकालीन व्यवस्था
बसों की वास्तविक समय निगरानी के लिए GPS आधारित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। आपातकालीन और परिचालन सहायता के लिए डिपो में क्रेन, मैकेनिक दल, एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं।
पिछले वर्ष से तुलना
गौरतलब है कि 2025 के भादरवी पूनम मेले में लगभग 900 बसों ने 28,506 चक्कर लगाए और 13.09 लाख यात्रियों को परिवहन सेवा दी थी। इस वर्ष बेड़े का आकार बढ़ाकर 1,000 बसें किया गया है और लक्षित यात्री संख्या भी पिछले साल से अधिक है, जो व्यवस्थाओं के व्यापक पैमाने को दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि यह तंत्र मेले के चरम दिनों में कितनी सुचारुता से काम करता है।