दिवाली पर गुजरात में 1,600 से अधिक अतिरिक्त बसें, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की बड़ी घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 11 अक्टूबर 2026 को सूरत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान त्योहारी सीजन के मद्देनज़र यात्रियों की सुविधा के लिए 1,600 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की। दिवाली पर घर लौटने वाले नागरिकों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें।
मुख्य घोषणाएँ
उपमुख्यमंत्री संघवी ने बताया कि पिछले साल 1,200 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गई थीं, जबकि इस बार यह संख्या बढ़ाकर 1,600 से अधिक कर दी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अग्रिम बुकिंग की माँग अधिक हुई और ज़रूरत पड़ी, तो 2,500 तक बसें चलाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
संघवी ने नागरिकों से अपील की कि जिन्होंने दिवाली का प्लान तय कर लिया है, वे जल्द से जल्द अपनी टिकट बुक कराएँ। उन्होंने कहा, 'लोगों को टिकट के लिए अतिरिक्त पैसे देकर टिकट न लेना पड़े, इसके लिए हमने तैयारी कर ली है।'
नवरात्रि और व्यापारियों के लिए विशेष सुविधा
नवरात्रि के दौरान देर रात तक व्यापारी अपना कारोबार कर सकें, इसके लिए भी सरकार ने व्यवस्था करने का भरोसा दिया है। संघवी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि नवरात्रि का व्यापार दिवाली के व्यापार से किसी भी मायने में कम न रहे।
गरबा पंडालों में फायर सेफ्टी को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस को भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि लोग देर रात तक सुरक्षित माहौल में गरबा खेल सकें और माता के जागरण में शामिल हो सकें।
अन्य राज्यों को भी मदद का आश्वासन
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दूसरे प्रदेशों में बसें चलाने के लिए सम्बंधित राज्य सरकारों से अनुमति लेनी होती है। यदि कोई राज्य गुजरात से सहायता माँगता है, तो वहाँ भी बसें चलाने की व्यवस्था की जाएगी।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में गुजरात के प्रमुख शहरों — सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा — से ग्रामीण इलाकों और पड़ोसी राज्यों की ओर यात्री माँग तेज़ी से बढ़ती है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में दिवाली से पहले बस टिकटों की कमी और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इस बार की बढ़ी हुई क्षमता और अग्रिम बुकिंग की अपील इसी समस्या का समाधान करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
क्या होगा आगे
सरकार की ओर से बुकिंग प्रक्रिया को सहज बनाने और टिकट की कालाबाज़ारी रोकने के लिए तंत्र तैयार करने की बात कही गई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अधिकृत माध्यमों से ही अपनी यात्रा बुकिंग करें।