गुजरात के तीन रोपवे पर 2025-26 में 47.32 लाख तीर्थयात्री, पावागढ़ सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के प्रमुख पहाड़ी तीर्थस्थलों — गिरनार, पावागढ़ और अंबाजी — पर संचालित 'उड़ान खटोला' रोपवे सेवाओं का उपयोग वित्त वर्ष 2025-26 में 47.32 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों ने किया। 21 अगस्त को जारी आधिकारिक आंकड़े राज्य के धार्मिक पर्यटन में रोपवे की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हैं।
तीनों रोपवे का यात्री-वार प्रदर्शन
पंचमहल जिले में स्थित पावागढ़ रोपवे ने सर्वाधिक 23.43 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की और तीनों में शीर्ष स्थान पर रहा। बनासकांठा स्थित अंबाजी रोपवे पर 15.58 लाख से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं, जबकि जूनागढ़ के गिरनार रोपवे पर यह संख्या 8.31 लाख से अधिक रही।
इन आंकड़ों में परिवार, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग व्यक्ति सभी शामिल हैं। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बढ़ती आगंतुक संख्या से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।
गिरनार रोपवे: विशेषताएँ और महत्व
गिरनार रोपवे गिरनार पर्वतमाला की तलहटी को 3,660 फीट की ऊँचाई पर स्थित अंबाजी माता मंदिर से जोड़ता है। 2.12 किलोमीटर लंबाई के साथ इसे दुनिया के सबसे लंबे रोपवे में से एक माना जाता है। यह रोपवे तीर्थयात्रियों को तलहटी से लगभग 5,000 सीढ़ियाँ चढ़ने की कठिनाई से मुक्त करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2020 में इस रोपवे का उद्घाटन किया था। वर्तमान में इसमें 31 केबिन हैं और यह प्रति घंटे 1,000 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है। एक यात्रा में लगभग नौ मिनट लगते हैं।
गिरनार की पहाड़ियों में गुरु दत्तात्रेय मंदिर, गोरखनाथ मंदिर और ऐतिहासिक जैन मंदिर भी स्थित हैं। नवरात्रि, जन्माष्टमी और श्रावण माह में यह क्षेत्र विशेष रूप से भीड़भाड़ वाला रहता है। सोमनाथ मंदिर और गिर सिंह अभयारण्य के निकट होने के कारण गिरनार एक व्यापक तीर्थ और पर्यटन सर्किट का हिस्सा है।
सुविधाएँ और संचालन समय
तीनों स्थलों पर प्रतीक्षा कक्ष, भोजनालय, पारिवारिक मनोरंजन केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा सेवाएँ, व्हीलचेयर, मसाज चेयर, लॉकर, पीने का पानी, शौचालय और मातृ देखभाल कक्ष जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
गिरनार रोपवे सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक, पावागढ़ रोपवे सुबह 6 बजे से शाम 5:45 बजे तक और अंबाजी रोपवे सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होता है। दिसंबर से मार्च का समय तीनों स्थलों की यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
छूट और विशेष योजनाएँ
इस अवधि में छात्र रोपवे टिकटों पर विशेष छूट का लाभ उठा सकते हैं; दिव्यांगजनों के लिए भी अलग से रियायत उपलब्ध है। संचालक उषा ब्रेको लिमिटेड अपनी 'शरद महोत्सव' योजना के तहत प्रतिवर्ष दिसंबर से मार्च के बीच स्कूली छात्रों के लिए एक शैक्षिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी भ्रमण का आयोजन करती है। टिकट ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक पर्यटन को बुनियादी ढाँचे से जोड़ने की राज्य सरकार की रणनीति अधिक व्यापक रूप ले रही है। आगामी वर्षों में यात्री संख्या में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।