22 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात के तीन रोपवे पर 2025-26 में 47.32 लाख तीर्थयात्री, पावागढ़ सबसे आगे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात के तीन रोपवे पर 2025-26 में 47.32 लाख तीर्थयात्री, पावागढ़ सबसे आगे

सारांश

गुजरात के तीन प्रमुख तीर्थस्थलों — गिरनार, पावागढ़ और अंबाजी — पर 'उड़ान खटोला' रोपवे से 2025-26 में 47.32 लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक गुज़रे। पावागढ़ 23.43 लाख यात्रियों के साथ सबसे आगे रहा। यह आँकड़ा राज्य में धार्मिक पर्यटन और रोपवे अवसंरचना के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2025-26 में गुजरात के तीन रोपवे पर कुल 47.32 लाख से अधिक तीर्थयात्री और पर्यटक सफर कर चुके हैं।
पावागढ़ रोपवे ( पंचमहल ) सर्वाधिक 23.43 लाख यात्रियों के साथ शीर्ष पर रहा।
अंबाजी रोपवे ( बनासकांठा ) पर 15.58 लाख और गिरनार रोपवे ( जूनागढ़ ) पर 8.31 लाख यात्री दर्ज हुए।
गिरनार रोपवे 2.12 किलोमीटर लंबा है, इसमें 31 केबिन हैं और यह प्रति घंटे 1,000 यात्री ले जा सकता है।
तीनों रोपवे का संचालन उषा ब्रेको लिमिटेड 'उड़ान खटोला' ब्रांड के तहत करती है; दिसंबर से मार्च यात्रा का आदर्श समय है।
छात्रों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट एवं ' शरद महोत्सव ' शैक्षिक भ्रमण योजना उपलब्ध है।

गुजरात के प्रमुख पहाड़ी तीर्थस्थलों — गिरनार, पावागढ़ और अंबाजी — पर संचालित 'उड़ान खटोला' रोपवे सेवाओं का उपयोग वित्त वर्ष 2025-26 में 47.32 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों ने किया। 21 अगस्त को जारी आधिकारिक आंकड़े राज्य के धार्मिक पर्यटन में रोपवे की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हैं।

तीनों रोपवे का यात्री-वार प्रदर्शन

पंचमहल जिले में स्थित पावागढ़ रोपवे ने सर्वाधिक 23.43 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की और तीनों में शीर्ष स्थान पर रहा। बनासकांठा स्थित अंबाजी रोपवे पर 15.58 लाख से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं, जबकि जूनागढ़ के गिरनार रोपवे पर यह संख्या 8.31 लाख से अधिक रही।

इन आंकड़ों में परिवार, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग व्यक्ति सभी शामिल हैं। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बढ़ती आगंतुक संख्या से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।

गिरनार रोपवे: विशेषताएँ और महत्व

गिरनार रोपवे गिरनार पर्वतमाला की तलहटी को 3,660 फीट की ऊँचाई पर स्थित अंबाजी माता मंदिर से जोड़ता है। 2.12 किलोमीटर लंबाई के साथ इसे दुनिया के सबसे लंबे रोपवे में से एक माना जाता है। यह रोपवे तीर्थयात्रियों को तलहटी से लगभग 5,000 सीढ़ियाँ चढ़ने की कठिनाई से मुक्त करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2020 में इस रोपवे का उद्घाटन किया था। वर्तमान में इसमें 31 केबिन हैं और यह प्रति घंटे 1,000 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है। एक यात्रा में लगभग नौ मिनट लगते हैं।

गिरनार की पहाड़ियों में गुरु दत्तात्रेय मंदिर, गोरखनाथ मंदिर और ऐतिहासिक जैन मंदिर भी स्थित हैं। नवरात्रि, जन्माष्टमी और श्रावण माह में यह क्षेत्र विशेष रूप से भीड़भाड़ वाला रहता है। सोमनाथ मंदिर और गिर सिंह अभयारण्य के निकट होने के कारण गिरनार एक व्यापक तीर्थ और पर्यटन सर्किट का हिस्सा है।

सुविधाएँ और संचालन समय

तीनों स्थलों पर प्रतीक्षा कक्ष, भोजनालय, पारिवारिक मनोरंजन केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा सेवाएँ, व्हीलचेयर, मसाज चेयर, लॉकर, पीने का पानी, शौचालय और मातृ देखभाल कक्ष जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

गिरनार रोपवे सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक, पावागढ़ रोपवे सुबह 6 बजे से शाम 5:45 बजे तक और अंबाजी रोपवे सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होता है। दिसंबर से मार्च का समय तीनों स्थलों की यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

छूट और विशेष योजनाएँ

इस अवधि में छात्र रोपवे टिकटों पर विशेष छूट का लाभ उठा सकते हैं; दिव्यांगजनों के लिए भी अलग से रियायत उपलब्ध है। संचालक उषा ब्रेको लिमिटेड अपनी 'शरद महोत्सव' योजना के तहत प्रतिवर्ष दिसंबर से मार्च के बीच स्कूली छात्रों के लिए एक शैक्षिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी भ्रमण का आयोजन करती है। टिकट ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक पर्यटन को बुनियादी ढाँचे से जोड़ने की राज्य सरकार की रणनीति अधिक व्यापक रूप ले रही है। आगामी वर्षों में यात्री संख्या में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि बुनियादी ढाँचे में निवेश धार्मिक सुलभता को किस तरह बदल सकता है — विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि यात्री वृद्धि से पहाड़ी पारिस्थितिकी पर दबाव की निगरानी ज़रूरी है, जिसका उल्लेख आधिकारिक विज्ञप्ति में नहीं किया गया। रोजगार सृजन के दावों को सत्यापन-योग्य संख्याओं से जोड़ा जाना चाहिए। धार्मिक पर्यटन और टिकाऊ विकास के बीच संतुलन ही इस मॉडल की दीर्घकालिक सफलता तय करेगा।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025-26 में गुजरात के रोपवे पर कितने तीर्थयात्री गए?
वित्त वर्ष 2025-26 में गुजरात के गिरनार, पावागढ़ और अंबाजी रोपवे पर मिलाकर 47.32 लाख से अधिक तीर्थयात्री और पर्यटक सफर कर चुके हैं। इनमें परिवार, वरिष्ठ नागरिक, बच्चे और दिव्यांग व्यक्ति सभी शामिल हैं।
गुजरात में कौन-सा रोपवे सबसे अधिक यात्रियों वाला रहा?
पंचमहल स्थित पावागढ़ रोपवे 23.43 लाख से अधिक यात्रियों के साथ तीनों में सबसे आगे रहा। इसके बाद अंबाजी रोपवे (15.58 लाख) और गिरनार रोपवे (8.31 लाख) का स्थान रहा।
गिरनार रोपवे की विशेषताएँ क्या हैं?
गिरनार रोपवे 2.12 किलोमीटर लंबा है और इसे दुनिया के सबसे लंबे रोपवे में से एक माना जाता है। इसमें 31 केबिन हैं, यह प्रति घंटे 1,000 यात्री ले जा सकता है और एक यात्रा में लगभग नौ मिनट लगते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2020 में इसका उद्घाटन किया था।
उड़ान खटोला रोपवे का संचालन कौन करता है और टिकट कैसे बुक करें?
तीनों रोपवे — गिरनार, पावागढ़ और अंबाजी — का संचालन उषा ब्रेको लिमिटेड 'उड़ान खटोला' ब्रांड के तहत करती है। टिकट ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं। छात्रों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट भी उपलब्ध है।
इन रोपवे की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
दिसंबर से मार्च का समय गिरनार, पावागढ़ और अंबाजी तीनों रोपवे की यात्रा के लिए आदर्श माना जाता है। इस अवधि में उषा ब्रेको लिमिटेड 'शरद महोत्सव' के तहत स्कूली छात्रों के लिए शैक्षिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी भ्रमण का भी आयोजन करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले