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अगस्त 2026 में कोर सेक्टर 4.8% बढ़ा; सीमेंट में 12.5%, बिजली में 11.6% की उछाल

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अगस्त 2026 में कोर सेक्टर 4.8% बढ़ा; सीमेंट में 12.5%, बिजली में 11.6% की उछाल

सारांश

सीमेंट में 12.5% और बिजली में 11.6% की उछाल ने अगस्त 2026 में भारत के कोर सेक्टर को 4.8% की वृद्धि दिलाई। अप्रैल-अगस्त की संचयी दर 4.3% रही — पिछले वर्ष की 2.4% से लगभग दोगुनी। लेकिन कोयला, कच्चा तेल और उर्वरक क्षेत्र नकारात्मक वृद्धि में रहे।

मुख्य बातें

अगस्त 2026 में कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (ICI) की वृद्धि सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत (अस्थायी) रही।
सीमेंट 12.5% , बिजली 11.6% , लौह अयस्क 5.5% , इस्पात 3.4% और रिफाइनरी उत्पाद 2.6% की वृद्धि में रहे।
कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरक क्षेत्रों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई।
अप्रैल-अगस्त 2026 की संचयी वृद्धि 4.3% रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की 2.4% से अधिक है।
जुलाई 2026 का अंतिम ICI 121.2 से घटाकर 120.8 और वार्षिक दर 5.4% से 5% पर संशोधित।
HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI अगस्त में 52.8 पर, कारोबारी विश्वास मई 2026 के बाद के उच्च स्तर पर।

भारत के आठ प्रमुख आधारभूत उद्योगों (कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स — ICI) ने अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत (अस्थायी अनुमान) की वृद्धि दर्ज की, जिसे सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क क्षेत्रों के मज़बूत प्रदर्शन ने संभाला। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार यह वृद्धि जुलाई 2026 की 5 प्रतिशत (अंतिम संशोधित) की तुलना में मामूली रूप से कम है, फिर भी औद्योगिक गतिविधियों में व्यापक मज़बूती बरकरार है।

क्षेत्रवार प्रदर्शन

मंत्रालय के बयान के अनुसार, अगस्त 2026 में सीमेंट उत्पादन 12.5 प्रतिशत बढ़ा — जो इस महीने की सबसे तेज़ वृद्धि रही। बिजली उत्पादन में 11.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई। लौह अयस्क 5.5 प्रतिशत, इस्पात 3.4 प्रतिशत और रिफाइनरी उत्पाद 2.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सकारात्मक रहे।

दूसरी ओर, कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरक क्षेत्रों में अगस्त के दौरान नकारात्मक वृद्धि देखी गई, जो समग्र सूचकांक पर दबाव बनाए हुए है।

संचयी वृद्धि और जुलाई संशोधन

आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान कोर सेक्टर की संचयी वृद्धि 4.3 प्रतिशत (अस्थायी अनुमान) रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह केवल 2.4 प्रतिशत थी। यह तुलना दर्शाती है कि आधारभूत उद्योगों में विस्तार का रुझान पिछले वर्ष से स्पष्ट रूप से अधिक मज़बूत हुआ है।

सरकार ने यह भी बताया कि जुलाई 2026 का अंतिम कोर इंडस्ट्री सूचकांक 121.2 से घटाकर 120.8 किया गया है और जुलाई की वार्षिक वृद्धि दर को 5.4 प्रतिशत से संशोधित कर 5 प्रतिशत किया गया है — जो डेटा संग्रह में मानक आवधिक समायोजन का हिस्सा है।

विनिर्माण PMI का संकेत

कोर सेक्टर के आँकड़ों के साथ-साथ, HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI भी अगस्त में 52.8 पर रहा, जो 50 की सीमा से ऊपर होने के कारण विस्तार का संकेत देता है। हालाँकि सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों ने माँग की गति में कुछ नरमी की बात कही, जिसके चलते कच्चे माल की खरीद और स्टॉक निर्माण की रफ्तार भी थोड़ी धीमी रही।

उल्लेखनीय है कि सर्वेक्षण में शामिल लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने अगले 12 महीनों में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई, जबकि शेष कंपनियों का अनुमान है कि गतिविधियाँ मौजूदा स्तर पर बनी रहेंगी। कारोबारी विश्वास मई 2026 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुँचा, हालाँकि ऐतिहासिक मानकों के अनुसार यह अभी भी अपेक्षाकृत कमज़ोर बताया जा रहा है।

आगे की संभावनाएँ

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक माँग में अनिश्चितता और ऊर्जा लागत पर दबाव बना हुआ है। बुनियादी ढाँचे से जुड़े क्षेत्रों — विशेषकर सीमेंट और बिजली — का निरंतर विस्तार सरकार के पूँजीगत व्यय कार्यक्रम से प्रेरित माना जा रहा है। कोयला और कच्चे तेल की नकारात्मक वृद्धि पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि ये क्षेत्र IIP पर व्यापक असर डालते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना ज़रूरी है — वृद्धि मुख्यतः सरकारी पूँजीगत व्यय से जुड़े क्षेत्रों (सीमेंट, बिजली) में हुई है, न कि ऊर्जा या उर्वरक जैसे व्यापक उत्पादन-आधारित क्षेत्रों में। कोयला और कच्चे तेल की नकारात्मक वृद्धि यह सवाल उठाती है कि क्या निजी क्षेत्र की माँग वास्तव में टिकाऊ है। HSBC PMI का 52.8 पर टिका रहना और कंपनियों द्वारा माँग में नरमी की स्वीकृति यह संकेत देती है कि विस्तार की रफ्तार भले ही बनी हो, उसकी गहराई सीमित है। अप्रैल-अगस्त की 4.3% संचयी दर पिछले वर्ष से बेहतर है, लेकिन यह तुलना पिछले वर्ष के कमज़ोर आधार से है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगस्त 2026 में भारत का कोर सेक्टर कितना बढ़ा?
अगस्त 2026 में भारत के आठ प्रमुख आधारभूत उद्योगों (ICI) की वृद्धि सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत (अस्थायी) रही। यह जुलाई 2026 की 5 प्रतिशत की अंतिम संशोधित वृद्धि से मामूली कम है।
कोर सेक्टर में किन क्षेत्रों ने सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की?
सीमेंट उत्पादन में 12.5 प्रतिशत और बिजली उत्पादन में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि सबसे अधिक रही। इसके अलावा लौह अयस्क 5.5%, इस्पात 3.4% और रिफाइनरी उत्पाद 2.6% बढ़े।
किन क्षेत्रों में नकारात्मक वृद्धि रही?
कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरक क्षेत्रों में अगस्त 2026 के दौरान नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। ये क्षेत्र समग्र कोर इंडेक्स की रफ्तार को सीमित कर रहे हैं।
अप्रैल-अगस्त 2026 में कोर सेक्टर की संचयी वृद्धि क्या रही?
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान संचयी वृद्धि 4.3 प्रतिशत (अस्थायी) रही। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2.4 प्रतिशत थी।
HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI का क्या अर्थ है और अगस्त में यह कहाँ रहा?
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI एक मासिक सर्वेक्षण-आधारित सूचकांक है जो 50 से ऊपर रहने पर विस्तार और नीचे रहने पर संकुचन दर्शाता है। अगस्त 2026 में यह 52.8 पर रहा, जो उत्पादन में वृद्धि का संकेत है, हालाँकि माँग में कुछ नरमी और ऐतिहासिक मानकों के अनुसार कारोबारी विश्वास अभी भी अपेक्षाकृत कमज़ोर बताया गया।
राष्ट्र प्रेस
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