कोर सेक्टर ग्रोथ सितंबर 2026 में 30 महीने के उच्चतम स्तर 7.9% पर, लौह अयस्क-बिजली-कोयले ने दी रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भारत के प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर सितंबर 2026 में उछलकर 30 महीने के उच्चतम स्तर 7.9 प्रतिशत पर पहुँच गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा 21 अक्टूबर, बुधवार को जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, लौह अयस्क, बिजली, कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, सीमेंट और इस्पात क्षेत्रों के मज़बूत प्रदर्शन ने इस उछाल में प्रमुख भूमिका निभाई। यह वृद्धि पिछले वर्ष के सितंबर की तुलना में दर्ज की गई है और बुनियादी ढाँचा उद्योगों की रफ्तार में आई तेज़ी का स्पष्ट संकेत देती है।
क्षेत्रवार प्रदर्शन
लौह अयस्क के उत्पादन में सितंबर में सर्वाधिक 18.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। उल्लेखनीय है कि उत्पादन प्रक्रिया में लौह अयस्क के व्यापक उपयोग और औद्योगिक विकास में इसके बढ़ते योगदान को देखते हुए इसे संशोधित कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (ICI) की नई श्रृंखला में एक नई मद के रूप में शामिल किया गया है। इससे सूचकांक में शामिल प्रमुख उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है।
बिजली उत्पादन में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोयला और रिफाइनरी उत्पाद दोनों में 10.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आँकड़ों के अनुसार, आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी के चलते पेट्रोलियम उत्पादों की माँग बढ़ने से रिफाइनरी क्षेत्र को अतिरिक्त मज़बूती मिली।
सीमेंट क्षेत्र में 10.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि रही। इस्पात उत्पादन में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे जैसी बड़ी सरकारी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की निरंतर माँग ने इन दोनों क्षेत्रों को सहारा दिया।
कमज़ोर कड़ियाँ
हर तस्वीर के दो पहलू होते हैं। उर्वरक, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के उत्पादन में सितंबर के दौरान नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। ये तीन क्षेत्र समग्र तेज़ी में अवरोध बने रहे और आगामी महीनों में इन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
संशोधित आँकड़े और नई श्रृंखला
अगस्त 2026 के अंतिम सूचकांक को 119.2 से संशोधित कर 120.4 कर दिया गया है। इसके अनुसार, अगस्त की सालाना वृद्धि दर भी 4.8 प्रतिशत से बढ़कर 5.9 प्रतिशत हो गई है — एक महत्त्वपूर्ण ऊपर-की-ओर संशोधन।
गौरतलब है कि उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने इस साल जुलाई 2026 में पहली बार आधार वर्ष 2022-23 के साथ ICI की संशोधित श्रृंखला जारी की थी, जिसने पुरानी आधार वर्ष 2011-12 वाली श्रृंखला का स्थान लिया। लौह अयस्क को इस नई श्रृंखला में पिछले महीने पहली बार शामिल किया गया था।
अप्रैल-सितंबर 2026 की संचयी तस्वीर
अप्रैल-सितंबर 2026 की पहली छमाही में प्रमुख उद्योगों की संचयी वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत रही। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की 2.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से दोगुनी से भी अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती के बावजूद भारत का घरेलू औद्योगिक आधार लगातार विस्तार दर्शा रहा है।
आगे की राह
कोर सेक्टर का यह प्रदर्शन अक्टूबर के लिए अपेक्षित औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आँकड़ों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि ICI का IIP में लगभग 40 प्रतिशत का भार होता है। आलोचकों का कहना है कि उर्वरक और कच्चे तेल क्षेत्र की सतत कमज़ोरी की जाँच ज़रूरी है, क्योंकि ये कृषि लागत और ऊर्जा सुरक्षा से सीधे जुड़े हैं।