अप्रैल 2026 में 8 प्रमुख इंफ्रा उद्योगों की वृद्धि दर 1.7%, सीमेंट में 9.5% की छलांग

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अप्रैल 2026 में 8 प्रमुख इंफ्रा उद्योगों की वृद्धि दर 1.7%, सीमेंट में 9.5% की छलांग

सारांश

अप्रैल 2026 में भारत के 8 प्रमुख इंफ्रा उद्योगों की वृद्धि दर 1.7% रही — सीमेंट (9.5%) और स्टील (6.2%) ने सरकारी बुनियादी ढाँचा निवेश का फल दिखाया, लेकिन कोयले में 8.7% और उर्वरक में 8.6% की गिरावट ने तस्वीर को मिला-जुला बना दिया।

मुख्य बातें

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में 8 प्रमुख इंफ्रा उद्योगों की वृद्धि दर 1.7 प्रतिशत रही।
सीमेंट में 9.5% और स्टील में 6.2% की बढ़त — सरकारी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की माँग से प्रेरित।
बिजली उत्पादन में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
कोयला उत्पादन में 8.7% और उर्वरक उत्पादन में 8.6% की गिरावट; मध्य पूर्व संघर्ष से आपूर्ति प्रभावित।
वित्त वर्ष 2025-26 की संचयी वृद्धि दर 2.7 प्रतिशत रही।
आईसीआई, आईआईपी के कुल भार का 40.27 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा 20 मई 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के 8 प्रमुख बुनियादी ढाँचा उद्योगों के संयुक्त सूचकांक (आईसीआई) में अप्रैल 2026 में पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सीमेंट, स्टील और बिजली क्षेत्रों ने इस बढ़त को मुख्य रूप से गति दी, जबकि कोयला, कच्चा तेल और उर्वरक उत्पादन में गिरावट दर्ज हुई।

मुख्य घटनाक्रम

मार्च 2026 में इन आठ प्रमुख उद्योगों की अंतिम वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रही थी, जो अप्रैल में बढ़कर 1.7 प्रतिशत हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से मार्च) की संपूर्ण अवधि के लिए इन उद्योगों की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.7 प्रतिशत रही।

गौरतलब है कि आठ प्रमुख उद्योगों का यह सूचकांक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के कुल भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जिससे यह देश की समग्र औद्योगिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण अग्रणी संकेतक बन जाता है।

सकारात्मक प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र

सीमेंट क्षेत्र ने अप्रैल में 9.5 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्ज की। आंकड़ों के अनुसार, इसका मुख्य कारण राजमार्ग, बंदरगाह और रेलवे जैसी बड़ी सरकारी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं से उत्पन्न निरंतर माँग बताई गई है।

स्टील उत्पादन में भी अप्रैल के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बिजली उत्पादन में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो ऊर्जा क्षेत्र में स्थिर माँग को दर्शाती है।

गिरावट दर्ज करने वाले क्षेत्र

इस अवधि में कोयला उत्पादन में 8.7 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट आई। कच्चे तेल का उत्पादन 3.9 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस उत्पादन 4.3 प्रतिशत घटा। रिफाइनरी उत्पादों में 0.5 प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज हुई।

उर्वरक उत्पादन में अप्रैल के दौरान 8.6 प्रतिशत की गिरावट आई। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने को इसकी प्रमुख वजह बताया गया है।

आईसीआई का दायरा और महत्व

आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (आईसीआई) कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली — इन आठ क्षेत्रों के संयुक्त और व्यक्तिगत उत्पादन प्रदर्शन को मापता है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार बुनियादी ढाँचे पर पूँजीगत व्यय को प्राथमिकता दे रही है।

आगे की दिशा

सीमेंट और स्टील की मज़बूत वृद्धि सरकारी पूँजीगत व्यय के ज़मीनी असर का संकेत देती है, लेकिन कोयला और उर्वरक क्षेत्र में लगातार दबाव आपूर्ति-श्रृंखला की कमज़ोरियों को उजागर करता है। विश्लेषकों की नज़र अब मई 2026 के आईआईपी आंकड़ों पर होगी, जो इस मिश्रित तस्वीर की पुष्टि या खंडन करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर की असमानता ज़्यादा कहानी बताती है — सीमेंट और स्टील की दोहरे अंकों के करीब छलांग सरकारी पूँजीगत व्यय के असर की पुष्टि करती है, जबकि कोयले और उर्वरक में एक साथ 8-9 प्रतिशत की गिरावट आपूर्ति-श्रृंखला की संरचनात्मक कमज़ोरी को उजागर करती है। मध्य पूर्व संघर्ष का उर्वरक उत्पादन पर सीधा असर यह याद दिलाता है कि भारत की औद्योगिक वृद्धि अभी भी वैश्विक भू-राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील है। वित्त वर्ष 2025-26 की 2.7 प्रतिशत संचयी वृद्धि दर पिछले वर्षों की तुलना में सुस्त है, और जब तक ऊर्जा व उर्वरक क्षेत्र की रिकवरी नहीं होती, समग्र आईआईपी पर भी दबाव बना रहेगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अप्रैल 2026 में 8 प्रमुख इंफ्रा उद्योगों की वृद्धि दर कितनी रही?
अप्रैल 2026 में भारत के 8 प्रमुख बुनियादी ढाँचा उद्योगों के संयुक्त सूचकांक में पिछले वर्ष की तुलना में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह मार्च 2026 की 1.2 प्रतिशत वृद्धि दर से अधिक है।
किन क्षेत्रों ने अप्रैल 2026 में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया?
सीमेंट क्षेत्र ने 9.5 प्रतिशत और स्टील ने 6.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। बिजली उत्पादन में भी 4.1 प्रतिशत की बढ़त रही।
कोयला और उर्वरक उत्पादन में गिरावट क्यों आई?
कोयला उत्पादन में 8.7 प्रतिशत की गिरावट आई। उर्वरक उत्पादन में 8.6 प्रतिशत की कमी के लिए मध्य पूर्व संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने को ज़िम्मेदार बताया गया है।
आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (आईसीआई) क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
आईसीआई कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली — इन आठ क्षेत्रों के उत्पादन प्रदर्शन को मापता है। यह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के कुल भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा रखता है, इसलिए इसे देश की समग्र औद्योगिक वृद्धि का प्रमुख संकेतक माना जाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में इन उद्योगों की संचयी वृद्धि दर क्या रही?
अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की पूरी अवधि में इन आठ प्रमुख उद्योगों की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.7 प्रतिशत रही।
राष्ट्र प्रेस
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