जुलाई 2026 में भारत के मुख्य उद्योगों की वृद्धि दर 5.4%, सीमेंट और लौह अयस्क में उछाल
सारांश
मुख्य बातें
भारत के संयुक्त उद्योग सूचकांक (ICI) ने जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की — जिसके पीछे लौह अयस्क, सीमेंट और बिजली उत्पादन में जोरदार तेज़ी प्रमुख कारण रही। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 20 अगस्त 2026 को यह आँकड़े जारी किए।
मुख्य क्षेत्रों का प्रदर्शन
लौह अयस्क उत्पादन में इस महीने सबसे तेज़ उछाल आई — 29.5 प्रतिशत की वृद्धि। सीमेंट क्षेत्र 13.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जिसे हाईवे, पोर्ट और रेलवे जैसी बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में सरकारी निवेश से मज़बूती मिली। बिजली उत्पादन में 9 प्रतिशत और कोयला उत्पादन में 7.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
स्टील और रिफाइनरी उत्पाद क्रमशः 2.9 प्रतिशत और 2.7 प्रतिशत बढ़े। हालाँकि, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरकों के उत्पादन में जुलाई के दौरान गिरावट देखी गई।
नई ICI श्रृंखला में लौह अयस्क की एंट्री
आँकड़ों के अनुसार, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने जून 2026 के डेटा के साथ 2022-23 के आधार वर्ष पर आधारित ICI की संशोधित श्रृंखला पहली बार जारी की थी। इस नई श्रृंखला ने 2011-12 के आधार वर्ष वाली पुरानी CIC श्रृंखला की जगह ली है।
यह ऐसे समय में आया है जब लौह अयस्क को उत्पादन प्रक्रिया में उसकी व्यापक भूमिका और औद्योगिक विकास में योगदान को देखते हुए नई श्रृंखला में शामिल किया गया है। इससे मुख्य उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है।
जून के आँकड़े संशोधित
सरकारी बयान के अनुसार, जून 2026 का अंतिम सूचकांक अस्थायी अनुमान 119.6 से संशोधित होकर 120.7 हो गया है। इसके चलते जून की सालाना वृद्धि दर 5 प्रतिशत से बढ़कर 6 प्रतिशत हो गई।
संचयी प्रदर्शन: पिछले साल से बेहतर
गौरतलब है कि अप्रैल-जुलाई 2026 की संचयी ICI वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में महज़ 1.5 प्रतिशत थी — यानी वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग तीन गुना सुधार। यह व्यापक औद्योगिक गतिविधि में संरचनात्मक सुधार का संकेत देता है, हालाँकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्रों में कमज़ोरी चिंता का विषय बनी हुई है।