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मई 2026 में आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज की विकास दर 0.5%, सीमेंट-स्टील-बिजली में तेज़ी

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मई 2026 में आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज की विकास दर 0.5%, सीमेंट-स्टील-बिजली में तेज़ी

सारांश

मई 2026 में भारत के आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों की वृद्धि दर महज़ 0.5% रही — लेकिन तस्वीर मिली-जुली है। सीमेंट (8.4%), बिजली (8.7%) और स्टील (5%) में सरकारी निवेश की बदौलत तेज़ी आई, जबकि कोयला, कच्चा तेल और रिफाइनरी उत्पादों में तीखी गिरावट ने समग्र आँकड़े को दबाए रखा।

मुख्य बातें

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार मई 2026 में आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज की विकास दर सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत रही।
सीमेंट में 8.4% , बिजली में 8.7% और स्टील में 5% की वृद्धि — हाईवे, पोर्ट और रेलवे परियोजनाओं की माँग से प्रेरित।
कोयला उत्पादन 9.3% घटा; कच्चा तेल 4.6% , प्राकृतिक गैस 4.9% और रिफाइनरी उत्पाद 8.7% नीचे।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे माल की कमी से उर्वरक उत्पादन 0.9% घटा।
अप्रैल 2026 की वृद्धि दर संशोधित होकर 1.8% ; अप्रैल-मई 2026-27 की संचयी दर 1.1% ।
ICI का IIP में 40.27% हिस्सा — यह सूचकांक समग्र औद्योगिक स्वास्थ्य का प्रमुख संकेतक है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा 22 जून 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार, भारत की आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज के संयुक्त सूचकांक (ICI) की विकास दर मई 2026 में सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत रही। समग्र वृद्धि भले ही सीमित रही हो, परंतु सीमेंट, स्टील और बिजली क्षेत्रों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जो सरकार के बड़े पूँजीगत व्यय कार्यक्रम की निरंतरता को दर्शाता है।

मुख्य क्षेत्रों का प्रदर्शन

सीमेंट उत्पादन में मई के दौरान 8.4 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी प्रमुख वजह हाईवे, पोर्ट और रेलवे जैसे बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकार का भारी निवेश है, जिसने इन सामग्रियों की माँग को बनाए रखा। स्टील उत्पादन में भी पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही।

बिजली उत्पादन में सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो औद्योगिक और घरेलू माँग दोनों में सुधार का संकेत है।

ऊर्जा क्षेत्र में गिरावट

इसके विपरीत, ऊर्जा उत्पादन के कई क्षेत्रों में संकुचन देखा गया। कोयले का उत्पादन 9.3 प्रतिशत घटा, जबकि कच्चे तेल के उत्पादन में 4.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। प्राकृतिक गैस उत्पादन 4.9 प्रतिशत गिरा और रिफाइनरी उत्पादों में 8.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

उर्वरक उत्पादन में 0.9 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही। आँकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में व्यवधान इसकी एक प्रमुख वजह रही।

संशोधित आँकड़े और संचयी प्रदर्शन

मंत्रालय ने अप्रैल 2026 के लिए आठ मुख्य उद्योगों की वृद्धि दर को संशोधित कर 1.8 प्रतिशत कर दिया है। अप्रैल-मई 2026-27 की संचयी अवधि में इन उद्योगों की कुल वृद्धि दर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.1 प्रतिशत रही।

ICI का महत्त्व

आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज का संयुक्त सूचकांक — जिसमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल हैं — औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। इसलिए इसकी दिशा समग्र औद्योगिक स्वास्थ्य का एक महत्त्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पूँजीगत व्यय के ज़रिये विकास को गति देने की कोशिश में है — आगामी महीनों में मानसून का रुख और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार की स्थिति इस सूचकांक की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी इसके भीतर है — सरकारी पूँजीगत व्यय ने सीमेंट और स्टील को सहारा दिया, जबकि घरेलू ऊर्जा उत्पादन की संरचनात्मक कमज़ोरी फिर उजागर हुई। कोयले में 9.3% और रिफाइनरी उत्पादों में 8.7% की गिरावट बताती है कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता अभी भी एक अधूरा एजेंडा है। पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर रहा है — यह कृषि लागत पर दबाव बना सकता है। जब तक ऊर्जा क्षेत्र की गिरावट थमती नहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर-नेतृत्व वाली वृद्धि की कहानी अधूरी ही रहेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मई 2026 में आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज की विकास दर कितनी रही?
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार मई 2026 में इन उद्योगों की संयुक्त विकास दर सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत रही। अप्रैल-मई 2026-27 की संचयी दर 1.1 प्रतिशत है।
मई 2026 में किन क्षेत्रों में सबसे अधिक वृद्धि हुई?
बिजली उत्पादन में 8.7 प्रतिशत और सीमेंट में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि सबसे उल्लेखनीय रही। स्टील उत्पादन भी 5 प्रतिशत बढ़ा, जिसे सरकार की बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से मिली माँग ने गति दी।
मई 2026 में कोयला और कच्चे तेल के उत्पादन में कितनी गिरावट आई?
कोयले का उत्पादन 9.3 प्रतिशत घटा और कच्चे तेल में 4.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। प्राकृतिक गैस 4.9 प्रतिशत और रिफाइनरी उत्पाद 8.7 प्रतिशत नीचे रहे।
ICI (संयुक्त सूचकांक) क्या है और यह क्यों महत्त्वपूर्ण है?
ICI आठ प्रमुख क्षेत्रों — कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली — के उत्पादन को मापता है। इन क्षेत्रों की औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए यह समग्र औद्योगिक विकास का प्रमुख संकेतक माना जाता है।
उर्वरक उत्पादन में गिरावट की क्या वजह बताई गई है?
आँकड़ों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में व्यवधान आया, जिससे मई 2026 में उर्वरक उत्पादन 0.9 प्रतिशत घट गया। यह गिरावट कृषि क्षेत्र की लागत संरचना पर असर डाल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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