एशियन गेम्स 2026 गोल्ड मेडलिस्ट इशिका चौधरी ग्वालियर लौटीं, अब LA ओलंपिक 2028 पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार खिलाड़ी इशिका चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। 4 अक्टूबर 2026 को जब इशिका अपने गृहनगर ग्वालियर लौटीं, तो एयरपोर्ट से लेकर घर तक जोरदार स्वागत हुआ। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने LA ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफिकेशन भी सुनिश्चित कर लिया है।
स्वागत और जश्न का माहौल
ग्वालियर के एयरपोर्ट पर एकेडमी के बच्चे, रिश्तेदार, स्टाफ और खेल विभाग के अधिकारी इशिका को बधाई देने पहुँचे। ढोल नगाड़ों की गूँज और फूल मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया। परिवार ने मिठाई बाँटकर खुशी का इजहार किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इशिका को बधाई दी।
इशिका चौधरी की प्रतिक्रिया
इशिका ने कहा, "हमें गोल्ड मेडल जीतने पर बेहद खुशी है। इतिहास का हिस्सा बनना और उसके लिए मेहनत करना... इससे बहुत खुशी हो रही है। उससे ज़्यादा खुशी LA ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है।" उन्होंने आगे कहा कि अगले एक डेढ़ साल में जितने भी टूर्नामेंट होंगे, वे सभी ओलंपिक की तैयारी को ध्यान में रखकर खेले जाएँगे।
संघर्ष और जज़्बे की कहानी
इशिका के करियर में चोटों ने बार बार दस्तक दी — कभी दाँत टूटे, कभी हाथ में फ्रैक्चर। उन्होंने कहा, "करियर में उतार चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन मुझे सपोर्ट और प्रेरणा मिलती रही है। मुझे हमेशा से परिवार का सपोर्ट मिला है। ऐसा नहीं रहा कि उन्होंने कभी मुझे खेलने से मना किया।" उन्होंने ग्वालियर के दर्पण हॉकी स्टेडियम की भी सराहना करते हुए कहा कि यहाँ का सेटअप खिलाड़ियों को जूनियर से सीनियर कैंप तक पहुँचने में मदद करता है।
कोच और परिवार का गर्व
इशिका के कोच ने कहा कि अपने 26 साल के करियर में यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि उनकी एकेडमी से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं और कई को खेल कोटे से नौकरी भी मिली है। कोच ने यह भी कहा कि ग्वालियर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एस्ट्रोटर्फ मैदान और सिंधिया परिवार के सहयोग ने हॉकी को यहाँ मजबूत आधार दिया है। इशिका की माँ ने कहा कि गोल्ड मेडल और ओलंपिक टिकट — दोनों ने पूरे परिवार को असीम खुशी दी है।
आगे का रास्ता
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला हॉकी लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही है। एशियन गेम्स के गोल्ड के साथ LA ओलंपिक 2028 का टिकट हासिल होना, पूरी टीम के लिए एक नई शुरुआत है। इशिका और उनकी साथी खिलाड़ियों की नज़रें अब ओलंपिक के मंच पर भारतीय तिरंगा लहराने पर टिकी हैं।