5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन गेम्स 2026: सुशीला चानू और बिचू देवी की मणिपुर वापसी पर जोरदार स्वागत, 44 साल बाद गोल्ड

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन गेम्स 2026: सुशीला चानू और बिचू देवी की मणिपुर वापसी पर जोरदार स्वागत, 44 साल बाद गोल्ड

सारांश

44 साल के इंतज़ार के बाद एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1 0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मणिपुर की खिलाड़ी सुशीला चानू और बिचू देवी घर लौटीं और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर नज़रें टिकाईं।

मुख्य बातें

पुखरामबम सुशीला चानू और बिचू देवी खारीबम 5 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड लेकर मणिपुर लौटीं।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1 0 से हराया; एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में किया।
एशियन गेम्स में महिला हॉकी गोल्ड के लिए 44 साल का इंतज़ार खत्म हुआ — आखिरी स्वर्ण 1982 में था।
इस जीत से भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल किया।
टूर्नामेंट में भारत ने उज्बेकिस्तान को 19 0 , इंडोनेशिया को 17 1 , थाईलैंड को 20 1 , सिंगापुर को 7 0 और सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 2 0 से हराया।
3 हफ्तों के विश्राम के बाद दोनों खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी के लिए राष्ट्रीय ट्रेनिंग कैंप में लौटेंगी।

भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी पुखरामबम सुशीला चानू और बिचू देवी खारीबम 5 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर मणिपुर लौटीं, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा बनकर फाइनल में चीन को 1 0 से पराजित किया, जिससे एशियन गेम्स में महिला हॉकी में गोल्ड के लिए 44 साल का इंतज़ार खत्म हुआ। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया।

मुख्य घटनाक्रम

इम्फाल में आयोजित स्वागत समारोह में सुशीला चानू और बिचू देवी को नायिकाओं की तरह सम्मानित किया गया। दोनों खिलाड़ी लगभग 1 साल बाद घर लौटी हैं — विश्व कप के बाद से वे राष्ट्रीय कैंप में ही रही थीं। यह स्वागत केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का उत्सव नहीं था, बल्कि मणिपुर की हॉकी परंपरा और खेल में महिलाओं के योगदान का भी प्रतीक था।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया

सुशीला चानू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमने 44 वर्षों के बाद यह गोल्ड मेडल जीता है। हम वर्ल्ड कप खेलकर बेंगलुरु पहुंचे और अपनी कमियों पर काम किया। मैं इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, कोच और देशवासियों को देती हूं। 3 हफ्तों के ब्रेक के बाद हम ट्रेनिंग कैंप से जुड़ेंगे। मैं सभी बच्चों से कहना चाहूंगी कि जिंदगी में कभी हार मत मानना।"

वहीं बिचू देवी ने कहा, "मेडल जीतने पर बहुत ज़्यादा खुशी है। इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, गाँव और देशवासियों को देना चाहूंगी। ओलंपिक मेडलिस्ट चीन को हराना आसान नहीं था — हमने काफी मेहनत की। हमारा मुख्य फोकस अब एलए 2028 ओलंपिक पर होगा।"

टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में एकतरफा दबदबा दिखाया। पूल चरण में टीम ने उज्बेकिस्तान को 19 0, इंडोनेशिया को 17 1, थाईलैंड को 20 1 और सिंगापुर को 7 0 से हराया। सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 2 0 से मात दी। फाइनल में चीन के खिलाफ एकमात्र और निर्णायक गोल लालरेमसियामी ने मैच के 10वें मिनट (पहले क्वार्टर) में दागा।

ऐतिहासिक महत्व

यह जीत भारतीय महिला हॉकी के लिए कई मायनों में मील का पत्थर है। गौरतलब है कि एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी का आखिरी स्वर्ण 1982 में आया था — यानी 44 साल के लंबे इंतज़ार के बाद यह सोना मिला। इसके साथ ही टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन भी सुनिश्चित कर लिया, जो आने वाले ओलंपिक अभियान के लिए एक मज़बूत आधार है। मणिपुर, जो भारतीय हॉकी की नर्सरी के रूप में जाना जाता है, के लिए यह उपलब्धि विशेष रूप से गर्व का विषय है।

आगे की राह

दोनों खिलाड़ियों ने बताया कि 3 हफ्तों के विश्राम के बाद वे राष्ट्रीय ट्रेनिंग कैंप से फिर जुड़ेंगी। पूरी टीम का ध्यान अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पदक जीतने पर केंद्रित होगा — एशियन गेम्स की सफलता इस सफर में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों की उपेक्षा और संसाधन संकट के बाद एक पुनर्जन्म है। मणिपुर जैसे संघर्षरत राज्य से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन को हराना यह साबित करता है कि खेल अवसंरचना में निवेश और खिलाड़ियों की दृढ़ता मिलकर इतिहास बदल सकती है। लेकिन असली परीक्षा अब है — 2028 ओलंपिक में पदक जीतने के लिए निरंतर फंडिंग, कोचिंग स्तर और खिलाड़ी कल्याण को प्राथमिकता देनी होगी, जो पिछले ओलंपिक चक्रों में अक्सर चुनाव के बाद की घोषणाओं में दब जाते हैं।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने गोल्ड कैसे जीता?
भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1 0 से हराकर एशियन गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक जीता। एकमात्र निर्णायक गोल लालरेमसियामी ने मैच के 10वें मिनट में दागा।
44 साल पहले भारत ने एशियन गेम्स में महिला हॉकी गोल्ड कब जीता था?
भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। 2026 में यह उपलब्धि 44 साल के लंबे अंतराल के बाद दोहराई गई।
सुशीला चानू और बिचू देवी कौन हैं?
पुखरामबम सुशीला चानू और बिचू देवी खारीबम मणिपुर की हॉकी खिलाड़ी हैं, जो भारतीय महिला हॉकी टीम का अहम हिस्सा हैं। दोनों ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जीतने वाली टीम में खेलते हुए अब 2028 ओलंपिक पर नज़रें टिकाई हैं।
क्या भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है?
हाँ, एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। खिलाड़ी बिचू देवी ने कहा कि अब पूरा ध्यान ओलंपिक पर होगा।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का समग्र प्रदर्शन कैसा रहा?
टीम ने पूल चरण में उज्बेकिस्तान को 19 0, इंडोनेशिया को 17 1, थाईलैंड को 20 1 और सिंगापुर को 7 0 से हराया। सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 2 0 और फाइनल में चीन को 1 0 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 21 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 1 सप्ताह पहले