तेजस्वी यादव का BJP पर तंज: 'ज्ञानेश कुमार कहाँ हैं, भाजपा क्यों दे रही जवाब?'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने 5 नवंबर 2026 को दरभंगा में मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान पर तीखा निशाना साधा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता ने सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सार्वजनिक सवालों का सामना करने के बजाय कहाँ हैं, और BJP उनकी जगह जवाब क्यों दे रही है।
मुख्य आरोप और तंज
तेजस्वी यादव ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए यह पूरा अभियान चलाया जा रहा है। उनके शब्दों में, 'सवाल उनसे पूछे जा रहे हैं, लेकिन जवाब देने के लिए भाजपा सामने आ जाती है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने वोटों की चोरी की शिकायत की है, फिर भी कोई ठोस उत्तर नहीं दिया जा रहा। आलोचकों का कहना है कि यह मामला चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाता है।
सम्राट चौधरी पर तीखा हमला
RJD नेता ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह बिहार के 14 करोड़ लोगों के लिए विडंबना है कि राज्य की जिम्मेदारी एक ऐसे व्यक्ति को सौंपी गई है जो 'क्राइम' और 'अपराध' को अलग-अलग अर्थों में समझते हैं।
मधुबनी और दरभंगा में कानून-व्यवस्था पर चिंता
तेजस्वी यादव ने मधुबनी में हुई हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए बिहार पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री को हर गाँव में बोर्ड लगवा देने चाहिए जिन पर लिखा हो कि बिहार पुलिस 'अपराधी प्रकृति' की हो गई है और लोग अपनी सुरक्षा खुद करें। उनके अनुसार, 'पहले लोग अपराधियों से जिंदगी बचाते थे, अब पुलिस से बचानी पड़ रही है।'
बढ़ते अपराध पर विपक्ष का रुख
नेता विपक्ष ने आरोप लगाया कि मधुबनी और दरभंगा जिलों में हत्या और बलात्कार की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं और बिना किसी प्रभावी कार्रवाई के जारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता का पुलिस पर से विश्वास उठ चुका है क्योंकि 'रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं।' गौरतलब है कि बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक केंद्र में आ गया है।
BJP का रुख और आगे की राह
BJP का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान देशभर में चल रहा है, जिसे पार्टी विपक्षी दलों की 'संस्थाओं पर हमले' के विरुद्ध जवाब बता रही है। तेजस्वी यादव के बयान ने इस अभियान के इर्द-गिर्द राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच यह वाकयुद्ध और तीखा होने की संभावना है।