एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने 114 मेडल जीते, PM मोदी ने पैरा-एथलीट्स की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 नवंबर 2026 को इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में एशियन पैरा गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात की और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों की प्रशंसा की। भारत ने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में 114 मेडल — 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज — जीतकर अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और कुल मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा।
2010 से 2026 तक का ऐतिहासिक सफर
मोदी ने बताया कि 2010 में एशियन पैरा गेम्स में भारत ने महज 14 मेडल जीते थे, जो 2026 में बढ़कर 114 हो गए — यानी डेढ़ दशक में आठ गुना से अधिक की वृद्धि। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'एक तरफ तो यह सिर्फ एक आंकड़ा है... एशियन पैरा गेम्स में भारत की तरक्की का एक आंकड़ा। लेकिन, सबसे अहम बात यह है कि यह तेजी से हुई तरक्की कुछ और भी बताती है... हमारे खिलाड़ियों की अपार क्षमता और प्रतिभा।' यह वृद्धि केवल संख्याओं की नहीं, बल्कि पैरा-खेलों के प्रति बदलती राष्ट्रीय सोच की भी कहानी है।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के मुख्य आँकड़े
भारत के 97 पैरा-एथलीट्स ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दल ने 5 विश्व रिकॉर्ड और 9 एशियन रिकॉर्ड स्थापित किए। उल्लेखनीय यह रहा कि चार इवेंट्स में भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम की तीनों पोजीशन — पहला, दूसरा और तीसरा स्थान — पर एकसाथ कब्जा किया।
पहली बार प्रतियोगिता में उतरे 61 खिलाड़ियों में से 36 मेडल जीतकर लौटे, जो नई प्रतिभाओं के उभरने का स्पष्ट संकेत है। इसके साथ ही 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 ने मेडल जीते — महिला पैरा-एथलीट्स का यह प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
खिलाड़ियों ने भेंट किए विशेष स्मृति-चिह्न
मुलाकात के दौरान भारतीय पैरा-एथलीट्स ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी उपलब्धियों के प्रतीक-स्वरूप विशेष स्मृति-चिह्न भेंट किए। महिलाओं की 100 मीटर और 200 मीटर T12 स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल विजेता स्प्रिंटर सिमरन शर्मा ने प्रधानमंत्री को अपने जूतों की एक जोड़ी भेंट की। वहीं, F45/46 वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाले शॉट पुटर सचिन सर्जेराव ने एक शॉट पुट बॉल भेंट की।
समाज की बदलती सोच पर मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने खेल में करियर बनाने के प्रति समाज के बदलते नजरिए पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'अब वह दौर बीत चुका है जब खेल में करियर बनाने की सोचने वाले युवाओं को समाज की नाराजगी झेलनी पड़ती थी। आज, अगर आपमें हुनर है, तो पूरा भारत आपके साथ खड़ा होगा और आपका हौसला बढ़ाएगा। आगे आएं, खेलें और चमकें।' उन्होंने यह भी कहा कि देश में अब प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पूरा समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।
आगे की राह
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के इस प्रदर्शन ने देश की पैरा-स्पोर्ट्स संरचना की मजबूती को रेखांकित किया है। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत 2028 के लॉस एंजेलेस पैरालंपिक्स की तैयारियों में जुटा है। पैरा-खेलों में इस प्रकार की निरंतर प्रगति आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक पैरा-स्पोर्ट्स महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं को और प्रबल करती है।